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Saturday, May 12, 2018

"देश निर्माण और हमारी जिम्मेदारी" (चर्चा अंक-2968)

मित्रों! 
शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। 

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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मेरे गुरु जी :  

डॉ रूपचंद्र शास्त्री मयंक 

दोहा 
दुर्बल शाखा वृक्ष की, पर "गुरु-पर" पर नाज | 
कभी नहीं नीचे गिरे, उड़े खूब परवाज ||  
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कुछ तो गुरु में ख़ास है, ईर्ष्या करते आम | 
वृक्ष देख फलदार वे, लेते पत्थर थाम || 
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 कुण्डलियाँ 
अपने अंतरजाल पर, इक पीपल का पेड़ ।
तोता-मैना बाज से, पक्षी जाते छेड़ ।
पक्षी जाते छेड़, बाज न फुदकी आती ।
उल्लू कौआ हंस, पपीहा कोयल गाती ।
पल-पल पीपल प्राण-वायु नहिं देता थमने ।
पाले बकरी गाय, गधे भी नीचे अपने ।
क्रमशः 
"लिंक-लिक्खाड़" पर रविकर 
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"दिल में हमारे "  

राधा तिवारी ' राधेगोपाल ' 

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दिल में हमारे इस कदर तूफान उठ रहे 
उनके भी नही हैं और हमारे भी नही हैं वो 

प्यार तो शतरंज का खेल है दोस्तों 
जीते भी नही हैं और हारे भी नही हैं वो...  
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शहर 

शहर ..... ही शहर है,
फैला हुआ,
जहाँ तलक जाती नजर है 
शहर ..... ही शहर है|

फैली हुई कंक्रीट 
और का बड़ा अम्बार,
वक्त की कमी से बिखरते रिश्ते,
बढ़ती हुयी दूरी का कहर है,
शहर ..... ही शहर... 
ऋषभ शुक्ला   
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Some new clicks 


Chaitanyaa Sharma  
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बेटी नहीं पराया धन नहीं 

बेटी पावन दुआएँ है
माँ की आस है बेटी
पापा का दुलार है बेटी
जो आने अपर थकान उतार  दे बेटी
ऐसी भोली सी पहचान है बेटी
बेटी न हो तो घर है  सूना... 
aashaye पर garima 
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8 comments:

  1. शुभ प्रभात
    आभार
    सादर

    ReplyDelete
  2. सुप्रभात,
    सुन्दर चर्चा ....,
    मेरी चर्चा को स्थान देने हेतु बहुत बहुत धन्यवाद|

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

    ReplyDelete
  4. आदरणीय शास्त्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद एवं आभार 'जो मेरा मन कहे' तथा ' क्रांतिस्वर' को इस अंक में स्थान देने हेतु ।

    ReplyDelete
  5. सुंदर प्रस्तुति में मेरी रचना को स्थान देने के लिए अति आभार आपका आदरणीय।

    ReplyDelete
  6. सुंदर प्रस्तुति।

    ReplyDelete
  7. bEAUTIFUL POST

    https://www.advchauhan.in/p/legal-awareness-camp-on-labour-day.html

    ReplyDelete
  8. सुन्दर चर्चा -
    आभार गुरु जी

    ReplyDelete

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"कल-कल शब्द निनाद" (चर्चा अंक-3131)

मित्रों!   रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।   देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।   (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')    -- दोहे...