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Wednesday, May 16, 2018

"रोटी है तकदीर" (चर्चा अंक-2972)

सुधि पाठकों!
बुधवार की चर्चा में 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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"मिटठू"  

राधा तिवारी ' राधेगोपाल ' 

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इक प्यारा सा तोतादेखा आज बगीचे में।
मिट्ठू-मिट्ठू बोल रहा थातोता खूब दलीचे में।l

उड़ा तभी वह हरियल तोतागया सहेली लाने।
और साथ में हरी मिर्च भीलाया सँग में खाने... 
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विचारों में मिलावट 

shashi purwar  
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मातृ दिवस  

विशेष जानकारी 

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देश को तोड़ने के काम में ..... 

Virendra Kumar Sharma  
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नए नग्मे 

नग्में नए गुनगुनाओ, मेरी पनाहो में आओ....  
तुम हर पल यूं ही मुस्कुराओ,  
तराने नए तुम बनाओ,  
नए जिन्दगी की नई ताल पर,  
झूमो यूं, मस्ती में आओ....  
नग्में नए गुनगुनाओ, मेरी पनाहो में आओ....  
purushottam kumar sinha  

4 comments:

  1. शुभ प्रभात सखी
    आभार
    सादर

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  2. सुन्दर और पठनीय चर्चा।
    आपका आभार बहन राधा तिवारी जी।

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  3. सुन्दर प्रस्तुति। आभार राधा जी 'उलूक' के सूत्र को भी आज की चर्चा में स्थान देने के लिये।

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  4. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति

    ReplyDelete

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"आम और लीची का उदगम" (चर्चा अंक-2978)

मित्रों!  मंगलवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।  (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- ...