Thursday, February 07, 2019

"प्रणय सप्ताह का आरम्भ" (चर्चा अंक-3240)

मित्रों
बृहस्पतिवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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नजर अपनी अपनी 

Akanksha पर 
Asha Saxena  
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क्षणिकाएँ 

 || जुनून  ||
 1.   

नाजुक़ हथेली  
 सपनों की इमारत   
जुनून  कहुँ         
मंजिल को पाने की चाहत |
  ||   आहट || 

2.   
 दौड़ रही जिंदगी   
 क़दमों की हुई न  आहट   
कहने को सभी अपने  
अपनेपन की हुई न  सरसराहट... 
Anita saini 
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6 comments:

  1. शुभ प्रभात..
    आभार..
    सादर..

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  2. सुन्दर चर्चा |मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार सहित धन्यवाद |

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  3. उम्दा चर्चा। मेरी रचना शामिल करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद, आदरणीय शास्त्री जी!

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  4. शुभ प्रभात आदरणीय
    बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति 👌|सुन्दर लिंकों के साथ, सभी को हार्दिक शुभकामनायें |मुझे चर्चा में स्थान देने के लिए सह्रदय आभार आदरणीय |
    सादर

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  5. धन्यवाद शास्त्रीजी.
    वैलेंटाइन सप्ताह में अलग-अलग दिन के भिन्न नाम होते हैं,ये अब तक पता ना था.
    जाड़े में गुलाब तो खिले ही हैं. धूप निकल आये तो गरमा-गरम मूंगफली चुगते हुए चर्चा का मज़ा दोगुना हो जाए.
    सभी को बधाई !

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