Saturday, February 09, 2019

"प्रेम का सचमुच हुआ अभाव" (चर्चा अंक-3242)

मित्रों
शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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गुलाब की बातें 

वो हया,वो हिजाब की बातें
उसके हुस्नो शबाब की बातें
बाग में जो निखार लाया था
याद है उस गुलाब की बातें,,, 
Himkar Shyam  
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अहो !वसंत 

*HAIKU GULSHAN * पर 
सुनीता अग्रवाल "नेह" 
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देश भक्ति गीत 

मनहरण धनाक्षरी   में ...देश भक्ति गीत 
   तन मन प्राण वारूँ  वंदन नमन करूँ 
,  गाऊँ यशोगान सदा   मातृ भूमि के लिए ..
 पावन मातृ भूमि ये ,  वीरों और शहीदों  की 
 जन्मे राम कृष्ण यहाँ हाथ सुचक्र लिए ,
  ये बेमिशाल देश है संस्कृति भी विशेष हैं
पूजते पत्थर यहाँ  आस्था अनंत लिए 
.शौर्य और त्याग की  भक्ति और भाव की
कर्म पथ चले सभी हाथ में ध्वजा  लिए ..... 
Maheshwari kaneri  
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गुलाब 

Akanksha पर 
Asha Saxena 
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भौतिकवाद 

राकेश कौशिक 
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कितना मुश्किल है बच्चो !  

दस दिवसीय सेवारत प्रशिक्षण के पश्चात प्राप्त ज्ञान | 
हमने जाना बच्चों ! 
कितना मुश्किल होता है फिर से बच्चों जैसा बनना... 
शेफाली पाण्डे  
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चलो फिर आज बता ही देती हूं... 

वो सब कुछ आज तक कभी,  
तुमसे कहा ही नही.... 
Sushma Verma 

6 comments:

  1. रचनाओं का सुंदर संगम।

    सभी को सुबह का प्रणाम। पिछले तीन दिनों से बारिश के साथ ही ठंड ने फिर से दस्तक दे दी है।

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  2. शुभ प्रभात
    आभार..
    सादर..

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  3. लिंको का सुंदर समायोजन 💐 मेरी रचना का लिंक यहाँ देने हेतु हार्दिक आभार आदरणीय 🙏

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  4. सुन्दर शनिवारीय चर्चा।

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  5. सुंदर चर्चा, अच्छे लिंक्स। धन्यवाद मेरी रचना के लिए।

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  6. सुप्रभात |मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार सहित धन्यवाद |

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