Sunday, February 10, 2019

"तम्बाकू दो त्याग" (चर्चा अंक-3243)

मित्रों
रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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नज़रों की बातें 

मिली नज़र 
बजी जल तरंग
धड़का दिल

नज़रों ने की
  मासूम शरारत  
हुए गाफिल... 
Sudhinama पर 
sadhana vaid 
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इश्क का फलसफा ढूँढ़ने चले है.....  

श्वेता सिन्हा 

लिखकर तहरीरें खत में तेरा पता ढूँढ़ने चले है  
कभी तो तुमसे जा मिले वो रास्ता ढ़ूँढ़ने चले है  
सफर का सिलसिला बिन मंजिलों का हो गया  
तुम नही हो ज़िदगी जिसमें वास्ता ढूँढ़ने चले है ... 
yashoda Agrawal 
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भिखारी 

प्यार पर Rewa tibrewal 
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सुबह ठंडी के कोहरे में
चलती ठंडी हवाओं में |
उठ पड़े हम सुबह जल्दी
बाहर पद रही है कड़ाके की ठंडी... 
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सड़क और सडक 
बीच और बिच 
स्लोगन और श्लोगन 
ट्राफिक और ट्राफीक 
बस और बेस 
मैजिक और मेजिके 
सुरक्षा और सुरच्छा 
सप्ताह और सपताह 
जेब्रा क्रासिंग और जेबरा किरोसिंग
ये कुछ शब्द है और कुछ भाव... 
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1.
सब तो न किताबें कहती हैं
इतिहास गवाह तो होता है घटनाओं का
लेकिन सारा कब कलम लिखा करती हैं?
जो उत्कीर्ण पाषाणों में, सब तो न किताबें कहती हैं,
सत्ताएं सारी ही स्वविवेक से, पक्षपात करती... 
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                                     अठारहवाँ अध्याय (१८.८१-१८.८५)                                                                                                       (With English connotation)
वह न लाभ की इच्छा करता, और हानि का शोक न करता|
अमृत से पूरित है उर उसका, ज्ञानी सदैव ही शीतल रहता||... 
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जब मेरे इश्क़ का चर्चा होगा।
ज़िक्र तेरे गुलाब का होगा।  

दीन-दुनिया से बेख़बर है वो,
उसने 'लव यू', उसे कहा होगा... 

8 comments:

  1. नशा करनी ही है, तो हाथों में कलम पकड़ लो मित्र। यह सिगरेट और बीड़ी क्या थामें बैठे हो। तम्बाकू दिवस पर यह संकल्प लो। दर्द को लेखनी में उतार दो, न कि इस जहर को खुद में समाते रहो।
    सरस्वती पूजन और बचपन की यादें ,एक बार फिर प्रबल हो गयी हैं।
    तब हम बच्चों को दौलत की गठरी नहीं अपना बस्ता प्रिय था।
    खैर समय बदल गया,अब तो लक्ष्मी पुत्र कहलाने की चाहत हर किसी में है?
    सुंदर चर्चा अंक है,मुझे भी शास्त्री सर ने स्थान दिया है ।सभी को सुबह का प्रणाम

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  2. बहुत सुन्दर चर्चा।

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  3. बहुत रोचक चर्चा। आभार

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  4. बेहतरीन चर्चा प्रस्तुति |
    सादर

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  5. बसंत पंचमी की सभी पाठकों को हार्दिक शुभकामनाएं ! महाप्राण निराला जी की जयन्ती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि ! माँ शारदा की कृपा सभी पर बनी रहे यही मंगलकामना है ! आज की चर्चा में बहुत सुन्दर सूत्रों का समावेश ! मेरी रचना को सम्मिलित करने के लिए आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार शास्त्री जी ! सादर वन्दे !

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  6. बहुत ही खूबसूरत चर्चा

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  7. बहुत सुंदर चर्चा

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