Sunday, May 19, 2019

"हिंसा का परिवेश" (चर्चा अंक- 3340)

स्नेहिल अभिवादन   
रविवासरीय चर्चा में आप का हार्दिक स्वागत है|  
देखिये मेरी पसन्द की कुछ रचनाओं के लिंक |  
 अनीता सैनी 
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दोहे

 "हिंसा का परिवेश" 

 (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’) 

roopchandrashastri at 
 उच्चारण 
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इन्साफ का इन्कलाब। 

My Photo
विश्वमोहन at 
 गलथेथरई  
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चले जाना फिर ...... 

deepshikha70 at 

अल्प विराम 

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देव दूत पूनम की छाँव 

Screenshot_20190517-131212_Google
मृग  मरीचिका  के  चिर   पथ पर
 सृष्टि  ने   किया  भावों  का  श्रृंगार 

कलपा   सृष्टि  ने  सूने  मन  को
 उपजी  उर  में  करूणा  अपार 
 ममता  मन  में  मचल  उठी
दिया  मानव  को   रूप  साकार... 
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जंगल होता शहर 

प्रेम गुप्ता `मानी' at 
काथम 
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नहीं भूलती वो माँ 

 --सस्मरण 

My Photo
रेणु at 
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कविता की तलाश ...… 

सरिता यादव 

yashoda Agrawal at 
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कविता :  

हँसी तो सभी को आती है 

हँसी तो सभी को आती है,

लेकिन वह हँस नहीं पाता है |

दर्द तो सभी को होता है,

लेकिन वह सह नहीं पाता है |
BAL SAJAG at 
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लक्ष्य साधो.. 

Sudha Singh at 
 मेरी जुबानी 
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छाया से घिरा जीवन 

My Photo 

Abhilasha at 
Experience of Indian Life  
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गले का पट्टा (हास्य गीत)

अमित निश्छल at
 मकरंद 
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अधर में फंसा जीवन 


 


Prakash Sah at
UNPREDICTABLE ANGRY BOY  
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ध्रुव त्यागी की हत्या पर 

 इतना सन्नाटा क्यों है भाई? 

 
(ब्रजकिशोर सिंह)  at ब्रज की दुनिया 
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एक ग़ज़ल :  

सपनों को रखा गिरवी-- 

सपनों को रखा गिरवी, साँसों पे उधारी है  
क़िस्तों में सदा हमने ,यह उम्र गुज़ारी है  
हर सुब्ह रहे ज़िन्दा , हर शाम रहे मरते  
जितनी है मिली क़िस्मत ,उतनी ही हमारी है... 
आपका ब्लॉग पर आनन्द पाठक 
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वो सोयेगा क्यों, जो है सबको जगाता :  

कविता में गाँधी 

Ashok Kumar pandey  
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ग़ज़ल 

जिंदगी तो बेवफा है क्या करें  
दंड तो हमको मिला है क्या करें ?  
छोड़ कर जब से गई लौटी नहीं  
दिल के कोने दुख छुपा है क्या करें... 
कालीपद "प्रसाद"  
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परीक्षा में कम अंक पाने वाले  

बच्चों के नाम एक खत 

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10 comments:

  1. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति।
    आपका आभार अनीता सैनी जी।

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  2. उम्दा चर्चा। मेरी रचना को 'चर्चा मंच' में शामिल करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद, अनिता दी।

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  3. बहुत सुंदर संंकलन है शास्‍त्री जी

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  4. सुंदर संकलन शानदार प्रसप्रस्तुति सभी लिंक शानदार ।
    सभी रचनाकारों को बधाई।

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  5. बहुत ही आकर्षक घनग से सजा है आज का नक प्रिय अनिता | बहुत ही सुंदर सार्थक रचनाओं का चयन किया आपने | मेरी रचना को लेने के लिए आभारी हूँ| सभी रचनाकारों को सस्नेह शुभकामनायें | तुम्हे भी हार्दिक बधाई और प्यार |

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  6. बेहतरीन रचना संकलन एवं प्रस्तुति सभी रचनाएं उत्तम मेरी रचना को स्थान देने के लिए सहृदय आभार सखी,सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई

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  7. बहुत सुंदर चर्चा।

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  8. बहुत सुंदर संकलन. मेरी रचना को शामिल करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया 🙏

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  9. विभिन्न ब्लॉगों की बेहतरीन रचनाओं के लिंक्स आपने दिए हैं । चर्चाकार आदरणीया अनिता सैनी जी और प्रस्तुतिकरण के लिए आदरणीय रूपचंद शास्त्री 'मयंक ' जी का हार्दिक आभार ।

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