Monday, June 10, 2019

"बेरोजगारी एक सरकारी आंकड़ा" (चर्चा अंक- 3362)

मित्रों!
सोमवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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बेरोजगारी एक सरकारी आंकड़ा है|  
रोजगार भारतियों की निजी समस्या है|  
यह शाश्वत नियम है|  
बेरोजगारी पर एक सामाजिक चर्चा... 
गहराना |  
विचार वेदना की गहराई 
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फैशन का चल रहा है जलवा,  
देश होता जा रहा है खोखला |  
तरह -तरह की नई चीजें आती,  
ये सब बड़े बड़े को नाच नचाती... 
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बैठी हो साथ मेरे...! 

उम्र के इस पड़ाव में  
उसका साथ छूट जाना,  
तब सिर्फ सांसे चलती है,  
जीना तो वो  
अपने साथ ले जाता है...  
sushma verma 
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907- 

रंग न उतरे प्रीत का 

डॉ.पूर्णिमा राय ,पंजाब 

कान्हा तेरी प्रीत ही है जीवन आधार
रंग भरो बस प्रेम का, क्षणभंगुर संसार ।।
कमलनयन के प्रेम में, राधा है बेचैन
मीरां बनकर घूमती,चाहे हर पल प्यार... 
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मत्त सवैया मुक्तकमाला  

(2019 चुनाव) 

हर दल जो टुकड़ा टुकड़ा था, इस बार चुनावों ने छाँटा;
बाहर निकाल उसको फेंका, ज्यों चुभा हुआ हो वो काँटा;
जो अपनी अपनी डफली पर, बस राग स्वार्थ का गाते थे;
उस भ्रष्ट तंत्र के गालों पर, जनता ने मारा कस चाँटा... 
Basudeo Agarwal 'Naman'  
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गंध और सुगंध 

गंध और सुगंध  
जब मन द्वेष के धुंए से भर जाये  
या भीतर कोई चाह जगे  
अपने को खोजने की थोड़ी कोशिश करें  
यह गंध कहाँ से आ रही है... 
Anita  
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विद्यालय में बज गई घंटी  

(बाल-कविता) 

विद्यालय में बज गई घंटी  
खत्म हुई गर्मी की छुट्टी.....  
कभी चौकड़ी भरते मृग से  
कभी धूल उड़ाते पग से  
गर्मी हमको छू नहीं पाती  
सूर्य की ज्वाला जला नहीं पाती  
करते थे हम ढेरों मस्ती  
खत्म हुई गर्मी की छुट्टी.....  
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डूबता सूरज 

पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा  
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हरेपन का गीत 

सब रस्में निबाही जातीं है  
क्या स्याह क्या सुफ़ेद  
धरा पर प्रतिपल  
नयी-सी सुबहें आतीं हैं  
बादल अपने दल-बल संग 
 नित रूप नया धरते हैं... 
अनुशील पर अनुपमा पाठक  
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6 comments:

  1. सुंदर संयोजन!

    आभार!

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  2. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति 👌

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  3. इतने सारे विषयों पर पठनीय रचनाओं की एक स्थान पर खबर देता सुंदर चर्चा मंच..आभार !

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  4. बेहतरीन रचना संकलन एवं प्रस्तुति सभी रचनाएं उत्तम रचनाकारों को हार्दिक बधाई,सादर

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  5. बहुत सुंदर प्रस्तुति

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