Wednesday, August 14, 2019

"पढ़े-लिखे मजबूर" (चर्चा अंक- 3427)

मित्रों!
बुधवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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हरी घाटी -  

पूर्णिमा वर्मन 


फिर नदी की बात सुन कर 
चहचहाने लग गई है 
यह हरी घाटी हवा से बात कर के 
लहलहाने लग गई है... 
काव्य-धरा पर रवीन्द्र भारद्वाज  
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।।जानें कौन सा सुबह शाम मनभावन कर दे।। 
आज का श्रम कल को लाजबाब बना दे।एक बीज संघर्ष कर हरा-भरा तन कर दे।।जागत-सोवत लक्ष्य कर्म स्वप्न पूर्ण कर दे।जाने कौन सा सुबह शाम मनभावन कर दे... 
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खिड़की से 

एकही खिड़की से 
हमने देखा कई बार 
चाँद को बादल के आगोश में 
खिलखिलाते हुए... 
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देशभक्त....  

आज़ादी (१) 


आज़ाद देश के,जिम्मेदार बुद्धिजीवीबहुत शर्मिंदा हैं,देश की बदहाल हवा में,दिन-ब-दिन विषाक्त होतापानी पीकर भी अफ़सोस ज़िंदा हैं... 
मन के पाखी पर Sweta sinha  
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(आलेख)  

चाँदनी को है रौशनी का इंतज़ार ! 

Swarajya karun  
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मुक्तक : 912 -  

तस्वीर 

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आप कौन ? 

नयी -नयी लेखिका सुरभि ने पाया कि इंरटनेट लेखन का अच्छा माध्यम है। यहाँ ना केवल लिखने का ही बल्कि अच्छा लिखने वालों को पढ़ना भी आसान है। उसने कई लिखने वालों को फॉलो करना शुरू किया। जिनमे से एक अच्छे लेखक थे जो कि लिखते तो अच्छा ही थे पर दर्शाते उससे भी अधिक थे। सुरभि उनकी सभी पोस्ट पढ़ती , लाइक भी करती थी। लेकिन संकोची स्वभाव होने के कारण टिप्पणी कम ही कर पाती थी क्यूंकि वह सोचती कि लेखक महोदय इतने महान है तो वह क्या टिप्पणी करे... 

ऋषियों-सूफियों की साझी विरासत 

दिल्ली को तो मैं शहर मानता ही नहीं। मेरी नजर में यह एक बहुत बड़ा बाजार है और बाजार को घेरे हुए कारखाने हैं। यहाँ अगर बीच-बीच में स्थानीय लोगों के पुराने गाँव और उनकी मूल आबादी न बची होती तो मुझे लगता है कि इंसान दिखाई भी नहीं देते। दोपायों के नाम पर जो होते वो या तो बाजार के व्यापारी और खरीदार होते या फिर कारखानों के पुर्जे। ये सिर्फ इस इलाके के ओरिजनल गाँव हैं जिनके होने से यहाँ ज़िंदगी की धड़कन चल रही है। वरना राजनीति और उनसे जुड़े विद्यापीठों की साजिशें और कारखाने-बाजार की यूज़ एंड थ्रो वाली अपसंस्कृति से पैदा हुई नकारात्मकता दोनों मिलकर कब का यहाँ जिंदगी की साँसें लील गई होतीं... 
इयत्ता पर इष्ट देव सांकृत्यायन  
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इंडिया वर्सेस एडवेंचर्स मोदी 

नई दिल्ली: डिस्कवरी चैनल के एडवेंचर शो 'मैन वर्सेज वाइल्ड (Man VS Wild)' के स्पेशल एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), बेयर ग्रिल्स (Bear Grylls) के साथ जंगल में खतरों से खेलते नजर आएंगे. पीएम नरेंद्र मोदी और बेयर ग्रिल्स (Bear Grylls) का ये स्पेशल एपिसोड उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbett National Park) में शूट हुआ है. इस शो के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी के जीवन का कुछ अलग ही अंदाज देखने को मिलेगा. डिस्कवरी चैनल पर नरेंद्र मोदी का ये स्पेशल एपिसोड .. 
! कौशल ! पर Shalini kaushik  
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दोबारा 

पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा  
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लिखना आश्वस्ति है! 

... लिख लेना

कितनी ही बार
अपने आप में ही हल होता है
कई बार हम
लिखते हुए
अंधकार से जीते हैं... 

अनुशील पर अनुपमा पाठक  
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6 comments:

  1. सुन्दर चर्चा। आभार आदरणीय।

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  2. सुप्रभात सर 🙏
    बहुत ही सुन्दर चर्चा प्रस्तुति 👌|मुझे स्थान देने के लिए तहे दिल से आभार
    सादर

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  3. सुंदर चर्चा एक से बढ़कर एक लिंक

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  4. विविध रंग लिए सुन्दर सूत्रों का संकलन आज के चर्चामंच में ! मेरे कहानी संग्रह, 'तीन अध्याय' की पोस्ट को स्थान देने के लिए आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार शास्त्री जी ! सादर वन्दे !

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  5. लाजवाब लिंक संयोजन बहुत सुंदर प्रस्तुति ।
    सभी रचनाकारों को बधाई।

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  6. सराहनीय संकलन । सुन्दर प्रस्तुति । हार्दिक आभार ।

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