Monday, August 19, 2019

"ऊधौ कहियो जाय" (चर्चा अंक- 3432)

मित्रों!
सोमवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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गीत  

"कॉफी की तासीर निराली"  

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हाँ अच्छी लड़कियाँ हैं हम 

गूँगी गुड़िया पर Anita saini 
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झूठ लिखने का नशा  

बहुत जियादा कमीना है  

उस के नशे से  

निकले तो सही कोई  

तब जाकर तो कोई कहीं  

एक सच लिखेगा 

उलूक टाइम्स पर सुशील कुमार जोशी  
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लघुकथा]:  

ना-लायक 

Chandresh 
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ऊधौ कहियो जाय ( तेवरी शतक)  

तेवरीकार-रमेशराज 

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पंजिम की सुबह  

और शुभा जी का जादू 

Pratibha Katiyar  
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बादशाह खान --  

भाग तीन 

शरारती बचपन पर sunil kumar  
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दर्द 

मेरी जुबानी पर~ Sudha Singh 
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इंसान वाली तस्वीर 

Subodh Sinha  
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केवटिया की कुदान 

बालकुंज पर सुधाकल्प  
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रोज़ की तरह आज भी 

रोज़
की तरह आज भी
वो आदमी ऑफिस से निकल
उसी ठिये पे गया
उसी गुमटी से सिगरेट लिया
गुमटी की ओट में जा के सिगरेट सुलगाया ... 
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ख़याल ही सबूत है... 

गुलज़ार 

मेरी धरोहर पर Digvijay Agrawal 
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कार्टून :- भीख में मंदी 

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लकीरें 

पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा  
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लघुकथा :  

रक्षा - कवच 

मेरी फ़ोटो
झरोख़ा पर निवेदिता श्रीवास्तव 
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बाणासुर राक्षस बना महाकाल 

सहज समाधि आश्रम  
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बापू के प्रति -  

सुमित्रानंदन पंत 


तुम मांस-हीन, तुम रक्तहीन, 
हे अस्थि-शेष! तुम अस्थिहीन, 
तुम शुद्ध-बुद्ध आत्मा केवल, 
हे चिर पुराण, हे चिर नवीन!... 
काव्य-धरा पर रवीन्द्र भारद्वाज  
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3 comments:

  1. महोदय ! सादर नमन ! इस इंद्रधनुषी संकलन में मेरी भी एक रचना का रंग मिश्रित करन के प्रोत्साहन देने के लिए हार्दिक आभार आपका ...

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  2. बहुत सुन्दर अंक। आभार आदरणीय।

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  3. सुप्रभात सर 🙏 )
    बेहतरीन चर्चा प्रस्तुति 👌)
    मुझे स्थान देने के लिए सहृदय आभार आप का
    प्रणाम
    सादर

    ReplyDelete

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