स्नेहिल अभिवादन
शनिवार की चर्चा में आप का हार्दिक स्वागत है|
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देखिये मेरी पसन्द की कुछ रचनाओं के लिंक |
- अनीता सैनी
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ग़ज़ल
"ईमान आज तो"
(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

उच्चारण
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खुली-खुली बनियान..
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ग़ज़ल
"ईमान आज तो"
(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

उच्चारण
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आज जन्मदिन पर भगत सिंह का --

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ढीली-ढीली सी वो निक्कर, खुली-खुली बनियान..
बुरी बेटियाँ
बुरी होती हैं बेटियाँ।
ब्याह के आते चाहिए बँटवारा।
एकछत्र सम्राज्य मांगें सारा का सारा।
खूंटे की मजबूती तौलती है आत्महत्या की धमकी।
प्रभुत्व/रूप नशापाती वंश खत्म करती सनकी।
" सोच का सृजन "
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सुर और साज

मन की वीणा - कुसुम कोठारी।
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शून्य पार

Rohitas Ghorela
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बुरी होती हैं बेटियाँ।
ब्याह के आते चाहिए बँटवारा।
एकछत्र सम्राज्य मांगें सारा का सारा।
खूंटे की मजबूती तौलती है आत्महत्या की धमकी।
प्रभुत्व/रूप नशापाती वंश खत्म करती सनकी।
" सोच का सृजन "
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सुर और साज

मन की वीणा - कुसुम कोठारी।
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शून्य पार

Rohitas Ghorela
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तेरे सुर और मेरे गीत .....

उपन्यास 'ढाई कदम' का विषय-वस्तु ।

RAKESH KI RACHANA
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"मुक्तक"

मंथन
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सुलह कर लिया जाए - -

अग्निशिखा :
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शर्तों पर ज़िंदगी.... अनुराधा चौहान

मेरी धरोहर
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ये दुनिया तुमसे सुंदर है

प्रतिभा की दुनिया
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प्रेम

रूप-अरूप
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"मुक्तक"

मंथन
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सुलह कर लिया जाए - -

अग्निशिखा :
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शर्तों पर ज़िंदगी.... अनुराधा चौहान

मेरी धरोहर
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ये दुनिया तुमसे सुंदर है
प्रतिभा की दुनिया
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प्रेम

रूप-अरूप
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