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शुक्रवार, सितंबर 04, 2026

दोहे "कृष्ण जन्माष्टमी " (डॉ.रूप चन्द्र शास्त्री 'मयंक')


 "श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई!” 

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

"योगिराज श्रीकृष्णचन्द्र महाराज की जय हो!"

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फल की इच्छा मत करो, कर्म करो निष्काम।

कण्टक वृक्ष खजूर पर, कभी न लगते आम।।

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जन्म लिया यदुवंश में, कहलाये गोपाल। 

लीलाओं को देखकर, माता हुई निहाल।।

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धन्य हुए गोपाल से, गोकुल मथुरा धाम।

क्रूर कंस का नाश कर, कहलाए भगवान।।

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जन, गण, मन में रम रहे, कृष्णचन्द्र महाराज।

गीता अमृतपान से, बनते बिगड़े काज।।

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