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Sunday, March 31, 2019

"लोकतन्त्र का चेहरा " (चर्चा अंक-3291)

मित्रों !

आप सबके अवलोकनार्थ
मैं अपनी दूसरी चर्चा
चर्चा मंच पर लगा रही हूँ
अनीता सैनी
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आलेख  

"निष्पक्ष चुनाव के लिए"  

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


        आज सारी दुनिया भारत को सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश के रूप मे जानती है। परन्तु इस लोकतन्त्र का घिनौना चेहरा अब लोगों के सामने आ चुका है।
       क्या आपने किसी निर्धन और ईमानदार व्यक्ति तो चुनाव लड़ते हुए देखा है... 

 सबका हश्र बुरा होता हैं प्यार में 

रवीन्द्र भारद्वाज at राग 

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 आँसू क्षणिकाएं

 

Saturday, March 30, 2019

"दिल तो है मतवाला गिरगिट" (चर्चा अंक-3290)

सभी ब्लॉगर मित्रों को मेरा अभिवादन।

चर्चा मंच पर आज मेरी पहली चर्चा है।
मेरा प्रयास रहेगा कि रविवार और सोमवार को
हिन्दी के ब्लॉगों की अद्यतन पोस्टों के 
लिंकों की चर्चा करूँ।
आशा है कि आप सबका शुभाशीष मुझे मिलता रहेगा।

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निराशा 

Profile photo

Priti Surana  at 
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आँसू 

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 लुढ़का   नयनों    से  यौवन 
बन   मधुवन    की   लाली 
मदिर   प्रेम   में   डूबा  मन 
नयन  बने  शरबत की प्याली 

मानस   हृदय   की  वेदी  पर 
विराजित   करुण   स्वभाव 
दु:ख  सुख  की सीमा बन  बैठे 
खोले  मन  के  कोमल  भाव ... 
Anita saini 
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नियति का कटाक्ष 

व्याकुल पथिक at व्याकुल पथिक  
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नयनों की सुनामी 


Asha Saxena at  
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आएँगे, उजले दिन ज़रूर आएँगे -  

वीरेन डंगवाल

रवीन्द्र भारद्वाज at काव्य-धरा  
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धुँध की चादर जो आँख़ों में पड़ी... 

श्वेता सिन्हा 


yashoda Agrawal  at  
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देसी चश्मे से लंदन डायरी....  

शिखा वार्ष्णेय 

वाणी गीत  at  ज्ञानवाणी  
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चॉकलेट का पेड़ और उर्मि 

Pratibha Katiyar at  
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611.  

जीवन मेरा (चोका) 

डॉ. जेन्नी शबनम  at  
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जो पगला नहीं पा रहे हैं  

उनकी जिन्दगी  

सच में हराम हो गयी है 

सुशील कुमार जोशी at  
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फकत् आंसू नहीं हूं मैं!! 

किसी की याद हूं मैं, 
तड़प हूं मैं किसी की। 
किसी की फरियाद हूं मैं, 
चमकूं बन आंखों का मोती, 
हृदय की पीड़ा मुझमें सोती... 
Abhilasha  at  
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ओस की बूँदें 

Anita  at  

Friday, March 29, 2019

"पनप रहा षडयन्त्र" (चर्चा अंक-3289)

मित्रों!
शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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नीर नही ये, मन के हैं मनके 

पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा 
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बूंद 

noopuram  
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