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मंगलवार, अप्रैल 04, 2017

"जिन्दगी का गणित" (चर्चा अंक-2614)

मित्रों 
मंगलवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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लघु गीत 

जुगनू से दीपक झुक जाये, 
वो रात अभी तो बाकी... 
राम किशोर उपाध्याय  
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बाल गीत/ डॉ. नागेश पांडेय 'संजय' -  

फूलों का स्कूल 

फूलों का स्कूल खुला है, 
फूलो का स्कूल। 
बगिया में ही क्लास लगी है, 
खूब पढ़ेंगे, आस जगी है। 
साफ-सफाई खूब चकाचक, 
नहीं जरा-सी धूल... 
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गुज़ारिश 

रश्मि प्रभा...  
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आ लगा किनारा 

अर्चना चावजी Archana Chaoji  
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वैधानिक चेतावनी -  

यह अप्रैल फूल नहीं है । 

अभी - अभी अपुष्ट सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि शिव तांडव सेना के माननीय रविन्द्र रिलेक्सो गायकवाड़ ने देश की जनता से वादा किया है कि वे अबसे पैरों में कभी चप्पल या जूते नहीं पहिनेंगे । देश का सबसे ज्वलंत मंदिर - मस्जिद का मुद्दा सुलझा लिया गया है । विवादित जगह पर ड्यूप्लेक्स बनवा दिया जाएगा । नीचे की मंज़िल पर मंदिर और ऊपर के हिस्से में मस्जिद का निर्माण होगा । श्रद्धालु पहले मंदिर जाएंगे उसके पश्चात उनका मस्जिद में इबादत करना अनिवार्य होगा, ऐसा नहीं करने वालों को दंडस्वरूप निर्मल बाबा के प्रवचन सुबह - शाम सुनवाए जाएंगे ... 
कुमाउँनी चेली पर शेफाली पाण्डे 
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बहती धारा 

Sudhinama पर sadhana vaid 
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ज़िंदगी कम है क्या कि मौत की कमी होगी 

दुबारा इश्क़ की दुनिया हरी भरी होगी 
वो मिल भी जाए तो क्या अब मुझे ख़ुशी होगी... 
पथ का राही पर musafir 
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वक्त का मरहम 

है जन्म अनिश्चित मृत्यु शाश्वत सत्य है , 
नहीं कुछ भी स्थिर सब अनित्य है। 
जैसा जिसका भोग है रहता है वह साथ। 
जाने की बेला में चल देता है पैदा कर निर्वात... 
Jayanti Prasad Sharma 
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चाहत उम्मीद की ... 

सोचता हूँ फज़ूल है
 उम्मीद की चाह रखना ... 
कई बार गहरा दर्द दे जाती हैं ... 
टुकड़ा टुकड़ा मौत से अच्छा है 
खुदकशी कर लेना ... 
Digamber Naswa 
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कोई शर्त होती नहीं प्यार में 

पूरब और पश्चिम फिल्म का एक गीत मुझे जीवन के हर क्षेत्र में याद आता है – कोई शर्त होती नहीं प्यार में, मगर प्यार शर्तों पे तुमने किया ......। लड़की के रूप में जन्म लिया और पिताजी ने लड़के की तरह पाला, बस यही प्यार की पहली शर्त लगा दी गयी। हम बड़े गर्व के साथ कहते रहे कि हमारा बचपन लड़कों की तरह बीता लेकिन आज लगता है कि यह तो एक शर्त ही हो गयी... 
smt. Ajit Gupta 
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मिलिये 'मगन'जी से, 

जो 'नेपाली'जी बन गये... 

मुक्ताकाश....पर आनन्द वर्धन ओझा 
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रविवार, अप्रैल 02, 2017

"बना दिया हमें "फूल" (चर्चा अंक-2613

मित्रों 
रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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गीत  

"मलयानिल में अंगार भरो"  

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अंक है धवल-धवल।
पंक में खिला कमल।।

हाय-हाय हो रही,
गली-गली में शोर है,
रात ढल गई मगर,
तम से भरी भोर है,
बादलों में घिर गया,
भास्कर अमल-धवल।
अंक है धवल-धवल।
पंक में खिला कमल...
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लक्ष्य 

प्रभु मन में क्लेश छाया हुआ है। 
अंतर्मन पर जैसे निराशा का घोर बादल पसर गया है। 
कही से कोई आशा की किरण नहीं दिख रहा। 
लगता है जैसे भविष्य के गर्भ में 
सिर्फ अंधकार का साम्राज्य है। 
मन में वितृषा छा गया है। 
प्रभु आप ही अब कुछ मार्ग दर्शन करे... 
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"चैरिटी" में हम अपने छोटे-छोटे,  

निर्धन पडोसी देशों से भी पीछे हैं 

....आज संसार में नवधनाढ्यों की सबसे बड़ी जमात भारत में है। धर्म के नाम पर या अनिश्चित भविष्य से आशंकित हो, भय के कारण हम भले ही धर्मस्थलों पर लाखों का चढ़ावा चढ़ा दें पर किसी जरूरतमंद को, किसी सर्वहारा को कुछ देने में सदा कंजूसी बरतते है। दान-पुण्य में हम बहुत पीछे हैं। यह सही है कि किसी से जबरदस्ती "चैरिटी" नहीं करवानी चाहिए यह तो दिल से होना चाहिए जिसकी हमें आदत नहीं है। हमें खुद को बदलने की सख्त जरुरत है यह जानते हुए कि 
विश्व भर के गरीबों की एक तिहाई संख्या हमारे ही देश में है 
कुछ अलग सा पर गगन शर्मा 
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तब तक ... 

जब मस्जिदों में हवन मंदिरों से आजान होगी 
झोपड़ियों में मंत्री रहेंगे चौपालो पर विधान होगी 
जब हर आंसू पर कार्य स्थगन 
हर भूख पर आपातकाल होगा 
तब समझना ये मुल्क आज़ाद है ... 
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शेयर मार्केट में ताऊत्व का महत्व 

भक्त जनों, आजकल शेयर मार्केट उछाल पर है और हमेशा से ही शेयर मार्केट को लोग शार्टकट में पैसा कमाने का जरिया समझते आये हैं। और ताऊ गवाह है , और थोड़ा बहुत इतिहास और भगवान भी गवाह है कि इस मार्केट से ताऊओ के अलावा कोई भी कमाना तो दूर, अपना पैसा भी वापस घर नहीं ले जा पाया है... 
ताऊ डाट इन पर ताऊ रामपुरिया 
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चल शुरू हो जा 

उलूक टाइम्स पर सुशील कुमार जोशी 
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विकल्प... 

मेरे पास कोई विकल्प नहीं 
पर मैं हर किसी का विकल्प हूँ... 
डॉ. जेन्नी शबनम 
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नीयत 

अर्जुन, तुम्हें याद है ? 
द्रोणाचार्य ने मुझसे 
गुरु-दक्षिणा में अंगूठा माँगा था, 
उस ज्ञान के लिए, 
जो उन्होंने मुझे दिया नहीं... 
कविताएँ पर Onkar 
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इस गर्मी को नमन 

और अंतत: आज एक तारीख को 
गर्मी ने एलान कर ही दिया कि मैं आ गयी हूँ... 
smt. Ajit Gupta 
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ग़ाफ़िल दिल के बीमारों से क्या लेना 

सब्ज़ शजर को अंगारों से क्या लेना 
एक बाग़बाँ को आरों से क्या लेना... 
चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ 
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