नौ दो ग्यारह होय, निवेशक धन बहु-रूपया
रूपया छा-सठ में फँसा, उन-सठ से हैरान |
इक-सठ कब से मौन है, अड़-सठ सड़-सठियान |
अड़-सठ सड़-सठियान, तीन-तेरह हो जाता |
तीन-पाँच हर वक्त, पञ्च-जन माल खपाता |
मची हुई है लूट, रपट आती है खुफिया |
नौ दो ग्यारह होय, निवेशक धन बहु-रूपया ||
"रासरचैया कहकर मत बदनाम करो"
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कान्हां ने धूम मचाई
Asha Saxena
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बापू की बच्ची, नहीं रहेगी कच्ची बोलना महंगापड़ेगा आसाराम को…
Jai Sudhir
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कब लब होंगे आज़ाद कब लेंगें खुलकर साँस ?
shikha kaushik
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धरती भी काँप गयी
Surendra shukla" Bhramar"5
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मदन मोहन सक्सेना
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आना श्याम...
Kuldeep Thakur
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चिरैये को खुद ही उड़ा देता है...
रश्मि शर्मा
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हवा ये कैसी चली….
Maheshwari kaneri
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मीराबाई :साधौ कर्मन की गति न्यारी
Virendra Kumar Sharma
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चलो यहाँ से 'अलबेला' हम भी कारोबार करें
Albela Khtari
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खाद्य सुरक्षा बिल / घोटाला / रेटिंग एजेन्सियाँ / जीडीपी / फ़ायदे
(Vivek Rastogi)
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खाद्य सुरक्षा - गरीबों की या खुद की ?
Sanjay Mahapatra
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!! जी रहा आदमी !! (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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कार्टून :- लला, खाद्य सुरक्षा से तो लार टपकने लगी |
ऐसे चलता है भारत नाम का कंप्यूटर
Bamulahija dot Com
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फ़ूड बिल पास
Sriram Roy
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मुलायम के लैपटोप का जवाब है सोनिया के बोरों में! |
काश्मीर की बर्फीली चोटियों पर
Anita
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जाने मरजीना कहाँ, चली बांटने अन्न |
चालू चालीस चोर के, अच्छे दिन आसन्न |
अच्छे दिन आसन्न, रहा अब तक मन-रेगा |
कई फीसदी लाभ, यही भोजन बिल देगा |
चाहे डूबे देश, चले हम वोट कमाने |
भूखें सोवें लोग, लूटते चोर खजाने ||
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"मयंक का कोना" अद्यतन लिंक
-- लन्दन की गलियों कुछ तो बोलो एक शोर मचा है लंदन में कब हुस्न के प्याले छलकेगें, कब जामें -मोहब्बत बहकेगी कब जिश्म के शोले भड़केंगें लंदन की गलियों कुछ तो बोलो …… Zindagi se muthbhed -- अंधश्रद्धा और अपराध ![]() बाबा तुलसीदास तो कब का लिख गए है कि सामर्थ्यशाली को दोष नहीं होता, जी हां मैं भी यही मानता हूं नहीं होता है, समाज में उनका आदेश चलता, उनके कथन ही देववाक्य होते हैं, विधान होते हैं, और कभी कभी तो उनके अंधश्रद्धालु उनके अनुसार ही दिशा भी निर्धारित करते हैं... आइये, कुछ बातें करें ! -- ये राजस्थान नहीं आसाराम की पुलिस है ! ![]() आधा सच...परमहेन्द्र श्रीवास्तव -- कृष्ण लीला ...डा श्याम गुप्त के पद... ![]() आपका ब्लॉग -- हे कृष्ण ![]() JHAROKHA -- मुझ अनाम को ![]() मुझ अनाम को तुमने दिये कितने नाम कभी राघव कभी राम कभी कान्हा कभी शाम । सर्वव्यापी को किया बंदि पूजा घर में मसजिद, गिरजाघर, गुरुद्वारे, मंदिर में । अपने मन के ही लिये किये सारे काम ... आपका ब्लॉग पर आशा जोगळेकर -- राधा की प्रीत ![]() ॐ ..प्रीतम साक्षात्कार ..ॐ -- "मेरा कम्प्यूटर"
बालकृति "नन्हें सुमन" से
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एक बालकविता
" मेरा कम्प्यूटर "
यह मेरा कम्प्यूटर प्यारा, इसमें ज्ञान भरा है सारा। ![]() भइया इससे नेट चलाते, नई-नई बातें बतलाते। यह प्रश्नों का उत्तर देता, पल भर में गणना कर लेता। ![]() माउस, सी.पी.यू, मानीटर, मिलकर बन जाता कम्प्यूटर। इसमें ही की-बोर्ड लगाते, जिससे भाषा को लिख पाते। ![]() नया जमाना अब है आया, हमने नया खजाना पाया। बड़ा अनोखा है यह ट्यूटर, सभी सीख लो अब कम्प्यूटर। -- प्रेम और जुदाई (एक कृष्ण लीला ...उस लीलाधारी की) ![]() अपनों का साथ -- शुभ जन्माष्टमी ![]() ज्योति-कलश -- कन्हैया मेरे सभी को 'कृष्ण-जन्माष्टमी' की हार्दिक भाव-भीनी बधाई ! प्रस्तुतकर्ता Devdutta Prasoon |

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