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शनिवार, अप्रैल 27, 2019

"परिवार का महत्व" (चर्चा अंक-3318)

स्नेहिल  अभिवादन  
शनिवारीय चर्चा में आप का हार्दिक स्वागत है| 
देखिये मेरी पसन्द की कुछ रचनाओं के लिंक | 
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इस्लाम की छाती पे 

 ये निशान रहेंगे 

 -सतीश सक्सेना 

 

शुक्रवार, अप्रैल 26, 2019

"वैराग्य भाव के साथ मुक्ति पथ" (चर्चा अंक-3317)

मित्रों!
शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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आँसुओं की माप क्या है?..... 

अमित निश्छल 

रोक लेता चीखकर तुमको मगर अहसास ऐसा,  
ज़िंदगी की वादियों में शोक का अधिवास कैसा?  
नासमझ, अहसास मेरे क्रंदनों के गीत गाते,  
लालची इन चक्षुओं को चाँद से मनमीत भाते... 
Digvijay Agrawal  
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वेदना 

इस बार का हमारा विषय है वेदना ।  यह वह मानसिक कष्ट, संताप है, जिससे मनुष्य का सम्पूर्ण जीवन ही कभी- कभी बिखर जाता है। जब कभी स्नेह आहत होता है, किसी प्रियजन से वियोग होता है अथवा कटु वचन से स्वाभिमान को ठेस पहुँँचता है, तब हृदय में इसकी अनुभूति होती है।
      मेरा मानना है कि जिस भी मनुष्य में संवेदना है , उसमें वेदना निश्चित होगी... 
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मन खिन्न हुआ 

Asha Lata Saxena पर 
Asha Lata Saxena 
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ज़िंदगी तू कितनी बदल गई  

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सुकून की तलाश में दौड़ रही ज़िंदगी 
गमों  से  खेल  गई 
खुशियों से भरा दामन लाँघ,
हँसी  को  तरस   गई... 
अनीता सैनी 
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बनारस की गलियाँ-8 

बनारस की एक गली  
गली में चबूतरा  
चबूतरे पर खुलती बड़े से कमरे की खिड़की  
खिड़की से झाँको कमरे में  टी.वी.  
टी.वी. में दूरदर्शन  
एक से बढ़कर एक सीरियल... 
देवेन्द्र पाण्डेय  

गुरुवार, अप्रैल 25, 2019

"एक दिमाग करोड़ों लगाम" (चर्चा अंक-3316)

मित्रों!
गुरुवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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क्या मानव की साख 

आँखों में अंगार है, सीने में भी दर्द  
कुंठित मन के रोग हैं, आतंकी नामर्द... 
shashi purwa 
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मैं चंदा तू मेरी चकोरी  

( राधा तिवारी "राधेगोपाल " ) 

राधे की बिंदी और पायल।
 कान्हा को करती है घायल।।
 क्यों इनको तुम झनकाती हो।
 मंद मंद क्यों मुस्कुराती हो।।
 तेरी मेरी प्रीत पुरानी ।
कभी ना कहना इसे कहानी...
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लोहे का घर-51 

बेचैन आत्मा पर देवेन्द्र पाण्डेय