Wednesday, February 20, 2019

"पाकिस्तान की ठुकाई करो" (चर्चा अंक-3253)

मित्रों!
बुधवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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करार 

पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा 
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शीर्षकहीन 

क्यों नहीं हो रहा कश्मीर में जनमत? एक रिपोर्ट के अनुसार कमल हासन ने सरकार से यह पूछा है कि वह कश्मीर में जनमत कराने से क्यों डरती है? प्रश्न उचित है और हर उस व्यक्ति को ऐसा प्रश्न पूछने का अधिकार है जो राजनीति में स्थापित होना चाहता है. पर समस्या यह है कि कश्मीर पर ब्यान देने वाले अन्य बुद्धिजीवियों और राजनेताओं की तरह कमल हासन की जानकारी भी नगन्य है. यू एन के प्रस्ताव के अनुसार जनमत कराने की पहली शर्त है कि पाकिस्तान कश्मीर से अपने सारे नागरिक और सैनिक हटायेगा. आज तक पाकिस्तान ने यह शर्त पूरी नहीं की .... 
i b arora  
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तलब 

Sunehra Ehsaas पर 
Nivedita Dinkar
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सफ़ेद नकाबपोश चेहरे... 

दहशत का लिफाफा  
हर दहलीज को चूमता रहा  
और सुर्ख रंग से  
सराबोर होता रहा हर चेहरा... 
vandana gupta  
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“पहले अंदर की सफ़ाई करो  

फ़िर पाकिस्तान की ठुकाई करो ! !” 

सिकंदर से लेकर हूणों तक औऱ तुर्कअफगानोंमुगलों से लेकर अंग्रेजों तक ! !

हर लड़ाई में 10 फ़ीसदी गद्दार अपने ही बीच मौज़ूद थे ! !

आज गद्दारी का स्वरूप बदल गया है !

अब गद्दारों का हथियार सोशल मीडिया न्यूज़ चैनल कांफ्रेंस सेमिनार हैं ! !
पहले गद्दारों का काम सैन्य सहायता देना ख़ुफ़िया जानकारी leak करना हॊता था !
अब इनका काम राष्ट्रवाद की जड़ों पर मठ्ठा डालना है ! !
इनसे जूझने के लिए पोरस राणा प्रताप शिवा जी  
औऱ लक्ष्मीबाई जैसे उन्नत भाल योद्धाओं की पुनः दरकार है ! !
गिरीश बिल्लोरे मुकुल 

Tuesday, February 19, 2019

"कश्मीर सेना के हवाले हो" (चर्चा अंक-3252)

मित्रों!
मंगलवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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लघुकथा :  

ध्वज 

झरोख़ा पर 
निवेदिता श्रीवास्तव 
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रोशी :  

ना आँखों में तनिक अश्रुबिंद , 

मस्तिस्क भी हो गया शून्य... 

लांघ गया था वो  
हैवानियत की सारी सीमाएं... 
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बडा सवाल ! 

कार्य निर्विघ्न अमनसेतु का शुरू हो, 
इसी इंतजार मे भील हैं,
सिरे सेतु के कहांं से कहांं जोडें, 
असमंजस मे नल-नील हैं।

तमाम कोशिशें खारे समन्दर मे, 
मीठे जल की तलाश जैसी,
पथ कंटक भरा, तय होने अभी 
असंख्य श्रमसाध्य मील हैं।... 

पी.सी.गोदियाल "परचेत" 

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यूँ न था बिखरना 

पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा 
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श्रद्धाञ्जलि ? 

प्रतिभा सक्सेना 
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सच का दीप जलाता हूँ 

नीम-निबौली पर मैं 
 मीठी परतें नहीं चढाता हूँ।  
हाथ झुलसते जाते हैं लेकिन  
सच का दीप जलाता हूँ... 
हृदय पुष्प, पर राकेश कौशिक 
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कश्मीर समस्या का अंतिम हल -- 

डा श्याम गुप्त . 

देशद्रोह विश्व में व इस देश में सदैव ही हावी रहाहै | देश के अन्दर छुपे देश द्रोहियों की सूचनाओं के बिना कुछ भी नहीं होसकता...