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सोमवार, जनवरी 29, 2018

"नवपल्लव परिधान" (चर्चा अंक-2863)

सुधि पाठकों!
सोमवार की चर्चा में 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

कतरनें 

Akanksha पर Asha Saxena  
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अगर नेशनल हेराल्ड मामले से आप पाक साफ़ छूट जाते हैं और २०१९ में कोई कमाल कर दिखाते हैं तो ज़रूर आपको गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन स्थल राजपथ पर सबसे आगे की पंक्ति में बिठाने में हमें भी ख़ुशी होगी अभी तो आपके दल को पूर्व राष्ट्रपति भी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का केन्द्रक बतला रहे हैं 'चार उचक्के चालीस चोर कुल 'मिलाकर ४४ सांसद आपके दल का खाता है । जिसकी कोख से पूर्व में प्रसूत जनेऊ (जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय )पनप रहें हैं जो कन्हैया तत्व की पीठ थपथपा रहें हैं। नामशेष हो गए रक्तरंगियों के साथ दुरभि संधि करके वर्तंमान मुख्यन्यायाधीश पर महाभियोग लगाने का दिवास्वप्न देख रहे हैं ये जानते हुए के मुंह की खायेंगे -लेकिन आज ये लोग गु खाकर भी देश तोड़ने को तैयार हैं इनके पाले हुए कई आचार्य छात्रों को छद्म तरीके से बीफ(गौ मांस ) भरे हुए सैनविच परोसवा रहें हैं।


रविवार, जनवरी 28, 2018

"आया बसंत" (चर्चा अंक-2862)

मित्रों!
रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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दोहे  

"देंगे नाम मिटाय"  

(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’) 

भारतमाता हाथ में, रखती है त्रिशूल।
टकराने की कभी भी, मत करना तुम भूल।।
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युद्ध हुआ यदि पाक से, देंगे नाम मिटाय।
फिर से वन्देमातरम, नक्शे में हो जाय।। 
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हे ईश्वर 

Purushottam kumar Sinha - 
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दोस्तों इस कथानक को पढ़कर आपको ऐसा ज़रूर लगेगा के संजय लीला भंसाली की फिल्म का शीर्षक पद्मावत क्यों रखा गया अलाउद्दीन खिलजी का पाश्चाताप क्यों नहीं रखा गया। जिसके हाथ सिर्फ आखिर में शहीद प्रेमियों की राख ही लगती है और जो अपने लम्पट मन की गुलामी करते -करते आखिर में ग्लानि से भर आता है और कहता है मनुष्य की वासनाएं अन्नत हैं स्थाई हैं इनका कोई अंत नहीं जबकि ये कायनात खुदा की यह सृष्टि एक मृगमरीचका है माया है छलना है। अफ़सोस यह जान ने से पहले ही वह सुपुर्दे ख़ाक हो जाता है। वह अपनी जीत पर पाश्चाताप करता है। पद्मिनी और नागमणि और राजा रत्न सेन की ख़ाक उसकी मुठ्ठी में होती है।

Virendra Kumar Sharma 
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परछाँई 

Purushottam kumar Sinha  
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प्यारा हिन्दुस्तान 

आजादी मिले समय हुआ
फिर भी भारत न आज़ाद हुआ
माँ भारती है आज भी गुलाम
न बहनो का है सम्मान हुआ
मेरे प्यारे देश में हम हुए है गुलाम
न रोटी है न कपडा है और न ही है मकान... 
aashaye पर garima 
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कानून है तब भी 

girl with dowry image के लिए इमेज परिणाम
लड़की की शादी और उसमे 
दहेज़ एक बहुत बड़ी समस्या है 
जिसके निबटारे के लिए देश में 
बहुत सख्त कानून बना है .जो इस प्रकार है -
दहेज निषेध अधिनियम, 1 9 61 में धारा 3
दहेज देने या लेने के लिए दंड... 

कानूनी ज्ञान पर Shalini Kaushik  

शनिवार, जनवरी 27, 2018

"शुभकामनाएँ आज के लिये" (चर्चा अंक-2861)

मित्रों!
शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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अपने ही घरों से  

शराफत की ठंड से सिहर गये हैं लोग  
दुश्मनी की आंच से बिखर गये हैं लोग... 
Jyoti Khare 
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बलिहारी है भंसाली जी 

*पद्मावती का बवाल इतना विकट होता जा रहा है कि यह कब और कैसे थमेगा समझ ही नहीं आ रहा है ! संजय लीला भंसाली जी की प्रवृत्ति तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत करने की है इसमें तो कोई शंका शुबहा है ही नहीं ! कलात्मक स्वतन्त्रता की आड़ लेकर वे मूल कथा की किस तरह गर्दन मरोड़ते हैं देवदास इसका ज्वलंत उदाहरण है... 
Sudhinama पर sadhana vaid 
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बन्दर को मिला च्यवनप्राश 

श्रद्धेय नीरज से माफ़ी के साथ मानव होना पाप है गरीब होना अभिशाप बन्दर होना भाग्य है चिम्पेंजी होना सौभाग्य . एक टीवी के ऐड मैं चिम्पेंजी को च्यवनप्राश खाते दिखाया गया है .श्री राम दूरदर्शी थे उन्हें मालूम था एक बार फिर इन्सान बन्दर बनेगा बनेगा फिर चिम्पांजी वाही उसका लक्ष्य होगा कम से कम च्यवनप्राश तो खाने को मिलेगा मतलब इसे खाकर बन्दर बन जाओगे 
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एक सब्र ... 

Sunehra Ehsaas पर 
Nivedita Dinkar 
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शीर्षकहीन 

स्पर्श पर deepti sharma  
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गणतंत्र फ़साना बना हे !  

हिन्दवासियों , 

republic day image के लिए इमेज परिणाम
फ़िरदौस इस वतन में फ़रहत नहीं रही ,
पुरवाई मुहब्बत की यहाँ अब नहीं रही .


नारी का जिस्म रौंद रहे जानवर बनकर ,
हैवानियत में कोई कमी अब नहीं रही .
! कौशल ! पर Shalini Kaushik 
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