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रविवार, अक्टूबर 20, 2013

शेष : चर्चा मंचःअंक-1404

"जय माता दी" चर्चामंच परिवार की ओर से आप सभी को नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं . मातारानी की जय जयकार करते हुए आइये चलते हैं आप सभी के चुने हुए प्यारे लिंक्स पर.

प्रस्तुतकर्ता : Aprna Tripathi


प्रस्तुतकर्ता : Anju (Anu) Chaudhary


प्रस्तुतकर्ता : पूरण खण्डेलवाल
प्रस्तुतकर्ता : Neeraj Kumar


प्रस्तुतकर्ता : Anupama Tripathi


प्रस्तुतकर्ता : रश्मि शर्मा
प्रस्तुतकर्ता : Priyankaabhilaashi


प्रस्तुतकर्ता : Akshitaa Yadav


प्रस्तुतकर्ता : Dr.NISHA MAHARANA


प्रस्तुतकर्ता : Taruna Misra


प्रस्तुतकर्ता : Shalini Rastogi


प्रस्तुतकर्ता : आशा जोगळेकर


प्रस्तुतकर्ता : Sunita Agarwal


प्रस्तुतकर्ता : Aamir Dubai


प्रस्तुतकर्ता : सरिता भाटिया
प्रस्तुतकर्ता : प्रवीण पाण्डेय
जारी है 'मयंक का कोना'
--
जब मुन्‍नाभाई मर कर यमलोक पहुंचा

नुक्कड़ पर नुक्‍कड़ 

--
"जग में सबसे न्यारा मामा"
!! चन्दा-मामा !!
नभ में कैसा दमक रहा है।
चन्दा मामा चमक रहा है।।
कभी बड़ा मोटा हो जाता।
और कभी छोटा हो जाता।।
उच्चारण
--
हमारा मज़हब मुहब्बत है -कहानी
 कोठरीनुमा कमरे में चारपाई पर बेसुध पड़ी सोलह वर्षीय किशोरी सीमा के सिर पर स्नेह से हाथ फेरते हुए उसकी विधवा माँ राधा ने धीमे से कहा -'' सीमा देख कौन आया है ? देख तेरे रहीम चाचा आये हैं ...
भारतीय नारी पर shikha kaushik

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वो सुबह जरुर आएगी ...
सुबह भी चली गई , 
शाम भी ढल गया , 
रात अपने आगोश में 
चाँद को लेकर निकल गया , 
कल फिर आएगा , 
सूरज को साथ लायेगा ...
अहसासों का रंगमंच पर Minakshi Pant 

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हुकूमत पाक की सुन ले ,
समय रहते संभल जा तू .

! कौशल ! पर Shalini Kaushik 

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जन्म दिन

मेरी मानस पुत्री श्री मति आभा सिंह 
ज़रूरत पर Ramakant Singh 
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किसी दिन तो कह 
मुझे कुछ नहीं है बताना
वही रोज रोज का रोना 
वही संकरी सी गली 
उसी गली का अंधेरा कोना...
उल्लूक टाईम्स पर Sushil Kumar Joshi 

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ये मेरी अंतरात्मा पीछे ही पड़ी रहती है ...

नयी उड़ान +पर Upasna Siag -

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हां ज़िन्दगी!
हर कविता की एक कहानी होती है... 
जैसे हम में से हर एक की एक कहानी होती है... 
अलग सी और फिर भी कुछ कुछ एक ही... 
अब ज़िन्दगी तो हममें से हर एक के लिए एक पहेली ही है न... 
अनुशील पर अनुपमा पाठक 

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चित्तौड़ की रानी - महारानी पद्मिनी

प्रचार पर HARSHVARDHAN 

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सोने के खजाने की खोज

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सीना चीर दिया शिक्षा का
सीना चीर दिया शिक्षा का,घायल किया विद्वानों को।बेंच दिया सोने की खातिर,विज्ञानी के प्रतिमानों को।।आकाओं को खुश करने को,देश का ज्ञान नीलाम किया,हो रही हंसाई दुनिया में,यह बहुत घिनौना काम किया...
आपका ब्लॉग पर Ramesh Pandey
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गजल : देश की तस्वीर धुंधली हो गई
                                 -डॉ. वागीश मेहता नन्द लाल ,
                                  भाव सहचर्य(सहचर )वीरेंद्र शर्मा (वीरुभाई )

 देश की तस्वीर धुंधली हो गई ,
वोट का चेहरा खिला ,उजला गया.. 
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श्रुति मन्त्र सरीखी पावन जिनकी वाणी है , 
भारत का जन मन उन पर बलिहारी है।
आपका ब्लॉग पर वीरेंद्र शर्मा (वीरुभाई)
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कालेधन पर मोदी का सवाल 
और कांग्रेस का जबाब !!

शंखनाद पर पूरण खण्डेलवाल 

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स्वप्न मेरे...
सुरमई रंगों से अपनी दास्तां लिक्खी हुई ...
Mera avyaktaपर --राम किशोर उपाध्याय 
--
♥ भैंस हमारी सीधी-सादी ♥ 
बालकृति 
"हँसता गाता बचपन" से
 
बालकविता
♥ भैंस हमारी सीधी-सादी 
सीधी-सादी, भोली-भाली।
लगती सुन्दर हमको काली।।

भैंस हमारी बहुत निराली।
खाकर करती रोज जुगाली।।...
हँसता गाता बचपन

मंगलवार, अगस्त 20, 2013

राखी मंगल कामना: चर्चा मंच 1343

"जय माता दी" रु की ओर से आप सबको सादर प्रणाम. चलते हैं आप सभी के चुने हुए प्यारे लिंक्स पर.

प्रस्तुतकर्ता : ज्योत्स्ना शर्मा


प्रस्तुतकर्ता : शिवनाथ कुमार

प्रस्तुतकर्ता : कल्पना रामानी
प्रस्तुतकर्ता : Mukesh Kumar Sinha

प्रस्तुतकर्ता : Garima
प्रस्तुतकर्ता : Pratibha Verma
प्रस्तुतकर्ता : मदन मोहन बाहेती
प्रस्तुतकर्ता : Dimple Maheshwari
प्रस्तुतकर्ता : राजेंद्र कुमार
प्रस्तुतकर्ता :
प्रस्तुतकर्ता : रविकर
प्रस्तुतकर्ता : ऋता शेखर मधु


प्रस्तुतकर्ता : Dr.NISHA MAHARANA


प्रस्तुतकर्ता : Shekhar Suman


प्रस्तुतकर्ता : Ranjana Verma


प्रस्तुतकर्ता : सरिता भाटिया


प्रस्तुतकर्ता : स्वप्न मञ्जूषा


प्रस्तुतकर्ता : पी.सी.गोदियाल "परचेत"


प्रस्तुतकर्ता : सुशील

इसी के साथ आप सबको शुभविदा मिलते हैं रविवार को. आप सब चर्चामंच पर गुरुजनों एवं मित्रों के साथ बने रहें. आपका दिन मंगलमय हो
जारी है 'मयंक का कोना'
(1)
"भाई बहन का प्यार"
भाई-बहन के प्रेम का, राखी का त्यौहार।
कच्चे धागों में बँधा, रिश्तों का संसार
उच्चारण
(2)
हँस हँस कंत न पाया ,जिन पाया तिन रोय , 
हंसि खेले पिया बिन ,कौन सुहागन होय।
आपका ब्लॉग
आपका ब्लॉग पर Virendra Kumar Sharma 

(3)
अब पोते को पालती...
सृजन मंच ऑनलाइन
सृजन मंच ऑनलाइन पर shyam Gupta

(4)
श्याम स्मृति-२१ .......
ईश्वर की आवश्यकता 
आपका ब्लॉग
आपका ब्लॉगपरshyam gupta

(5)
रक्षाबंधन के हाइकु

वीथी पर sushila 

(6)
"मेरी गइया"
मेरी बालकृति "नन्हें सुमन" से
"मेरी गइया"
मेरी गइया बहुत निराली
सीधी-सादीभोली-भाली।

सुबह हुई गइया रम्भाई,
मेरा दूध निकालो भाई।
नन्हे सुमन
(7)
तो आज मुझे क्या लिखना चाहिए?

अनुशील पर अनुपमा पाठक 

(8)
राखी रक्षाबंधन

नवनीत सिंघल
(9)
ट्रेन हादसा : बड़बोले नीतीश का असली चेहरा !

आधा सच...पर महेन्द्र श्रीवास्तव