"चर्चा मंच" अंक-11
चर्चाकारः डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
आइए आज का "चर्चा मंच" सजाते हैं-
भारत में नव वर्ष के विभिन्न रूप - नव वर्ष धीरे-धीरे अपने मुकाम की ओर बढ़ रहा है. इसी के साथ उल्लास का पर्व भी आरंभ होता जाता है. कोई डांस-पार्टी इंजॉय करता है तो कोई दिन-दुखियों के साथ नव वर...
| रुक जाना मौत है- विल्स कार्ड ८ - पहले की तरह ही, पिछले दिनों विल्स कार्ड भाग १ , भाग २ , भाग ३ ,भाग ४ , भाग ५ भाग ६ और भाग ७ को सभी पाठकों का बहुत स्नेह मिला और बहुतों की फरमाईश पर यह ...
कल शाम श्रीमती वर्मा जी का अचानक फोन आया "आप जल्दी से हमारे घर आओ"। मैं उसकी वक्त सोचते हुए दौड़ा कि आखिर ऐसी कौन सी आफत आन खड़ी हुई कि उनको मुझे फोन लगाकर बुलाना पड़ा। मेरे घर से पाँच मिनट की दूरी पर श्रीमान वर्मा जी का घर है, मैंने अपने पैरों की चाल बढ़ाते हुए शीघ्रता के साथ उनके घर की तरफ बढ़ने की कोशिश की। दरवाजा खटखटाने की जरूरत न पड़ी, |
| ताऊ पहेली - 54 : विजेता श्री मुरारी पारीक - प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली - 54 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है कुंभलग... | असमय मासूमियत खोते बच्चे .......आपका क्या कहना है ....?? - कल शाम को हम सभी डांस पर आधारित एक रिअलिटी शो देख रहे थे ....आजकल के बच्चों की प्रतिभा देख कर बहुत हैरानी होती है ....पढना लिखना खेल कूद और साथ साथ ही नाच ... |
| बेलन महिमा -6 - *बेलन महिमा -6 *………………………………..बेलन महिमा – 5 के बाद बात आगे बढ़ी, *वामांगिनी* की त्योरी चढ़ी, अंदर का क्रोध जगा, और उनके हाथ का बेलन *उत्तमांग* के सिर पर लग... | सुप्रसिद्ध गणितज्ञ और खगोलशास्त्री भास्कराचार्य और उनकी पुत्री लीलावती की कथा से हम एक बडी सीख ले सकते हैं !! - ब्यूटी पार्लर आरंभ करने जा रही मेरी भांजी ने शायद पंडित या ज्योतिषी को भगवान ही समझ लिया , तभी तो उसने अपनी दुकान खोलने के लिए मुझे एक ऐसा मुहूर्त्त देखने... |
एसेंशियल टिचिग्स ऑफ़ हिन्दुइज्म - मनुस्मृति मे कहा गया कि स्त्री की जीवन भर रक्षा करनी चाहिऍ। इसे, स्त्रियो की स्वतन्त्रता का विरोधि और उन्हे गुलाम मानने की भ्रान्ति पैदा हो गई। है। इस भ्रा...
| कल फिर दिल के सारे अरमान पिच की भेंट चढ़ गए---बस हम बच गए। - कल फिर दिल्ली में एक क्रिकेट मैच था। कल फिर दिल की सोई हुई तमन्ना जाग उठी---सर्दियों की नर्म सुहानी धूप में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला क्रिकेट मैदान में बैठकर... |
| मुझे एक ऐसा मुहूर्त्त देखने... हमसफर के लिए - मिले थे राह में अचानक कुछ पहर के लिए बसा लिया है तुझे दिल में उम्र भर के लिए बेचैन निगाहों से नजरें जहाँ मिलीं देखा कि इक तड़प है हमसफर के लिए अनजान ही मिल... | और बुक हो गये उसके घोड़े-3 - पिछले से जारी दारचा पुलिस चैकपोस्ट के ठीक सामने, उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुलकिला (पहाड़ की चोटी) झांक रही है। दारचा-केलांग रोड़ के किनारे काले-भूरे बड़े-बड़े .. |
राजभवन में राज हुआ है...... - दुनिया एक कसाई बाडा, कत्ल यहाँ अरमानों का, देख यहाँ पर सौदा होता, निसदिन ही मुस्कानों का। तेज हवायें क्या कर लेंगी, मेरे मन की कश्ती का हमने तो बचपन से साम...
| फेरीवाले - बहुत से आते हैं। बहुत प्रकार की चीजों को बेचते। विविध आवाजें। कई बार एक बार में सौदा नहीं पटता तो पलटकर आते हैं। वे चीजें बेचना चाहते हैं और लोग खरीदना। ... | आओ राजनीति सिखा दूं...खुशदीप - कौन कहता है राजनीति सीखना बड़ा मुश्किल है...बरसों पापड़ बेलने के बाद राजनीति में पहुंची चीज़ बनने के दिन गए...इंस्टेंट ज़माना है...तो इंस्टेंट ही रिज़ल्ट च.. |
| मैं ने चाहा तो बस इतना - कल बल्लभगढ़ पहुँचा था। ट्रेन में राही मासूम रज़ा का उपन्यास 'कटरा बी आर्ज़ू' को दूसरी बार पढ़ता हुआ। किताब पढ़ना बहुत अच्छा लगा। चौंतीस-पैंतीस वर्षों पह..
| आमतौर पर कविता को सभी कलाओं में सर्वाधिक स्थानीय माना जाता है - १९४८ में टी एस इलियट ने नोबेल पुरस्कार लेते हुए जो वक्तव्य दिया था, उसके एक महत्त्वपूर्ण अंश का अनुवाद हमारे लिये किया है रंगनाथ सिंह ने। आमतौर पर कविता.. |
Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून
कार्टून:- यूं बिगड़ी तबीयत नेताजी की... -
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