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Monday, December 28, 2009

भारत में नव वर्ष के विभिन्न रूप

 

"चर्चा मंच" अंक-11

चर्चाकारः डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"

आइए आज का "चर्चा मंच" सजाते हैं-

 

 

शब्द-शिखर

भारत में नव वर्ष के विभिन्न रूप - नव वर्ष धीरे-धीरे अपने मुकाम की ओर बढ़ रहा है. इसी के साथ उल्लास का पर्व भी आरंभ होता जाता है. कोई डांस-पार्टी इंजॉय करता है तो कोई दिन-दुखियों के साथ नव वर...

उडन तश्तरी ....

रुक जाना मौत है- विल्स कार्ड ८ - पहले की तरह ही, पिछले दिनों विल्स कार्ड भाग १ , भाग २ , भाग ३ ,भाग ४ , भाग ५ भाग ६ और भाग ७ को सभी पाठकों का बहुत स्नेह मिला और बहुतों की फरमाईश पर यह ...

  


साहित्य-सहवास 

प्यार पपीहे का पावन तप है -

                                           प्यार को प्यार रहने दो व्यापार न बनाओ व्यापार बनाते हो तो प्यार मत जताओ क्योंकि प्यार लुटने का सोपान है और व्यापार लूटने का सामान है ...

Albelakhatri.com

रुला रुला दिया आज शंकर महादेवन ने........... - धन्य है संगीत और धन्य हैं संगीत के साधक ! संगीत की साधना, सुर की साधना और शब्द की साधना ईश्वर की ही साधना और आराधना है जो ह्रदय के नितांत अनछुए भाग को ...

अहसास रिश्‍तों के बनने बिगड़ने का !!!!

जिस दिन सोचेगे मेरी तरह सामने रखा निवाला भी अन्दर नही ले पायेगें - नमस्कार….आज खाना खाते समय एक फ़िल्म मे एक गुंगे व्यक्ति का रोल देखा ..वैसे तो वह कामेडी कर रहा थे और सब हस -हस कर लोट-पोट हो रहे थे ! लेकिन अचानक मुझे यह...

विता टुकड़ों में - 2

कविता टुकड़ों में 2

1. आस्था विवेक और सफलता

हर लाश की छाती पर मौजूद है

और पीठ पर

बदनुमा धब्बे हैं

शौचालय से सोचालय तक

कल शाम श्रीमती वर्मा जी का अचानक फोन आया "आप जल्दी से हमारे घर आओ"। मैं उसकी वक्त सोचते हुए दौड़ा कि आखिर ऐसी कौन सी आफत आन खड़ी हुई कि उनको मुझे फोन लगाकर बुलाना पड़ा। मेरे घर से पाँच मिनट की दूरी पर श्रीमान वर्मा जी का घर है, मैंने अपने पैरों की चाल बढ़ाते हुए शीघ्रता के साथ उनके घर की तरफ बढ़ने की कोशिश की। दरवाजा खटखटाने की जरूरत न पड़ी,

  

 

ताऊ डॉट इन

ताऊ पहेली - 54 : विजेता श्री मुरारी पारीक - प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली - 54 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है कुंभलग...

Gyanvani

असमय मासूमियत खोते बच्चे .......आपका क्या कहना है ....?? - कल शाम को हम सभी डांस पर आधारित एक रिअलिटी शो देख रहे थे ....आजकल के बच्चों की प्रतिभा देख कर बहुत हैरानी होती है ....पढना लिखना खेल कूद और साथ साथ ही नाच ...

हास्यफुहार

बेलन महिमा -6 - *बेलन महिमा -6 *………………………………..बेलन महिमा – 5 के बाद बात आगे बढ़ी, *वामांगिनी* की त्योरी चढ़ी, अंदर का क्रोध जगा, और उनके हाथ का बेलन *उत्तमांग* के सिर पर लग...

सुप्रसिद्ध गणितज्ञ और खगोलशास्‍त्री भास्‍कराचार्य और उनकी पुत्री लीलावती की कथा से हम एक बडी सीख ले सकते हैं !! - ब्‍यूटी पार्लर आरंभ करने जा रही मेरी भांजी ने शायद पंडित या ज्‍योतिषी को भगवान ही समझ लिया , तभी तो उसने अपनी दुकान खोलने के लिए मुझे एक ऐसा मुहूर्त्‍त देखने...

  

MUMBAI TIGER मुम्बई टाईगर

एसेंशियल टिचिग्स ऑफ़ हिन्दुइज्म - मनुस्मृति मे कहा गया कि स्त्री की जीवन भर रक्षा करनी चाहिऍ। इसे, स्त्रियो की स्वतन्त्रता का विरोधि और उन्हे गुलाम मानने की भ्रान्ति पैदा हो गई। है। इस भ्रा...

 

अंतर्मंथन

कल फिर दिल के सारे अरमान पिच की भेंट चढ़ गए---बस हम बच गए। - कल फिर दिल्ली में एक क्रिकेट मैच था। कल फिर दिल की सोई हुई तमन्ना जाग उठी---सर्दियों की नर्म सुहानी धूप में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला क्रिकेट मैदान में बैठकर...

मुझे एक ऐसा मुहूर्त्‍त देखने...

मनोरमा

हमसफर के लिए - मिले थे राह में अचानक कुछ पहर के लिए बसा लिया है तुझे दिल में उम्र भर के लिए बेचैन निगाहों से नजरें जहाँ मिलीं देखा कि इक तड़प है हमसफर के लिए अनजान ही मिल...

लिखो यहाँ वहां

और बुक हो गये उसके घोड़े-3 - पिछले से जारी दारचा पुलिस चैकपोस्ट के ठीक सामने, उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुलकिला (पहाड़ की चोटी) झांक रही है। दारचा-केलांग रोड़ के किनारे काले-भूरे बड़े-बड़े ..

कवि योगेन्द्र मौदगिल

राजभवन में राज हुआ है...... - दुनिया एक कसाई बाडा, कत्ल यहाँ अरमानों का, देख यहाँ पर सौदा होता, निसदिन ही मुस्कानों का। तेज हवायें क्या कर लेंगी, मेरे मन की कश्ती का हमने तो बचपन से साम...

मानसिक हलचल

फेरीवाले - बहुत से आते हैं। बहुत प्रकार की चीजों को बेचते। विविध आवाजें। कई बार एक बार में सौदा नहीं पटता तो पलटकर आते हैं। वे चीजें बेचना चाहते हैं और लोग खरीदना। ...

देशनामा 

आओ राजनीति सिखा दूं...खुशदीप - कौन कहता है राजनीति सीखना बड़ा मुश्किल है...बरसों पापड़ बेलने के बाद राजनीति में पहुंची चीज़ बनने के दिन गए...इंस्टेंट ज़माना है...तो इंस्टेंट ही रिज़ल्ट च..

अनवरत 

मैं ने चाहा तो बस इतना - कल बल्लभगढ़ पहुँचा था। ट्रेन में राही मासूम रज़ा का उपन्यास 'कटरा बी आर्ज़ू' को दूसरी बार पढ़ता हुआ। किताब पढ़ना बहुत अच्छा लगा। चौंतीस-पैंतीस वर्षों पह..

 

अनुनाद 

आमतौर पर कविता को सभी कलाओं में सर्वाधिक स्थानीय माना जाता है - १९४८ में टी एस इलियट ने नोबेल पुरस्कार लेते हुए जो वक्तव्य दिया था, उसके एक महत्त्वपूर्ण अंश का अनुवाद हमारे लिये किया है रंगनाथ सिंह ने। आमतौर पर कविता..

Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून

कार्टून:- यूं बिगड़ी तबीयत नेताजी की... -

सच्चा शरणम्

करुणावतार बुद्ध - 8 - कुछ चरित्र हैं जो बार-बार दस्तक देते हैं, हर वक्त सजग खड़े होते हैं मानवता की चेतना का संस्कार करने हेतु । पुराने पन्नों में अनेकों बार अनेकों तरह से उद्ध..

नारी

नारी ब्लॉग की ४९९ पोस्ट " एक मामूली बात " - ये नारी ब्लॉग की ४९९ पोस्ट हैं । ५०० वी पोस्ट से इस लोग को बाइलिन्गुअल किया जा रहा हैं यानी अब सदस्य हिन्दी और इंग्लिश दोनों मे पोस्ट लिख सकेगे । पोस्ट की ...

प्रेम का दरिया

एक किताब ने बनाया इतिहास - कई बार किसी लेखक की एक ही कृति इतनी महत्वपूर्ण हो जाती है कि अनेक महत्वपूर्ण लेखकों की रचनाओं पर सदियों तक भारी पड़ती है। नोबल पुरस्कार के दूसरे ही वर्ष य..

आदित्य (Aaditya)

क्रिसमस फेस्टिवल - शुक्रवार को हम बाल भारती स्कूल में क्रिसमस फेस्टिवल में गए... दादा-दादी और पापा-मम्मी के साथ... ज्यादा कुछ नहीं बस ये तस्वीरें देखिये... मम्मी के साथ गोल ...

सरस पायस

मेरा विस्तृत परिचय : रावेंद्रकुमार रवि - *परिचय - रावेंद्रकुमार रवि *** *नाम -** *** रावेंद्रकुमार रवि *जन्म - *** 02.05.1966 (बरेली) *शैक्षिक योग्यताए**ँ - *** 1. एम.एस-सी. (गणित), रुहेलखंड विश...

शब्दों का सफर

कैंची, सीजर और क़ैसर - [image: cesarean] क तरनी के अर्थ में *कैंची *शब्द की व्याप्ति हिन्दी की कई शैलियों में है। कैंची की व्युत्पत्ति तुर्की भाषा से मानी जाती है मगर इस शब्द की ...

हिन्दी साहित्य मंच

शान्ता क्लोज़ - शान्ता क्लोज़ ने दरवाजा खटटाया छुट्टी के दिन भी सुबह-सुबह आठ बजे ही आ जगाया बोला आँख फाडकर क्या देखता है मुझे पहिचान जो भी चाहिऐ माँग . हम बडबडाऐ- सुबह-सुबह...

ताऊजी डॉट कॉम

ताऊ की चौपाल : दिमागी कसरत - 30 - ताऊ की चौपाल मे आपका स्वागत है. ताऊ की चौपाल मे सांस्कृतिक, राजनैतिक और ऐतिहासिक विषयों पर सवाल पूछे जायेंगे. आशा है आपको हमारा यह प्रयास अवश्य पसंद आयेगा....

आज के लिए बल इतना ही….!

6 comments:

  1. विण्डो लाइव राईटर का प्रयोग करना सीख रहा हूँ!
    इसलिए पोस्ट में बहुत सी त्रुटियाँ रह गईं होंगी।
    कृपया क्षमा करेंगे!

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  2. bahut hi achhi charchaa ,phir trutiyaan kya dekhen-kahan dekhen!

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  3. कुछ अच्छे लिंक दिए हैं ............

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  4. बहुत अच्छी चर्चा।
    आने वाला साल मंगलमय हो।

    ReplyDelete

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