*ॐ साई राम*
"वह रात कैसे भूलूँ मै जहाँ,
बूँदें बन कर हर आहट में भीगे भीगे से शब्द,
दिल को सुकून देते है,
और लगता है अहसास कोई जिन्दा है कहीं,
बस तेरी ही कमी है एक जिन्दगी में।"
----सत्यम शिवम----
"स्पेशल काव्यमयी चर्चा"
ब्लॉगः"विचार प्रवाह"
ब्लॉगरःप्रियंका राठौड़ जी
नमस्कार दोस्तों....मै सत्यम शिवम हर शनिवार की तरह आज भी आ गया हूँ...बारिश की कुछ फुहारों के साथ...मौसम बहुत सुहाना है,कही बूँदा बाँदी हो रही है,तो कही निरंतर बारिश...पर भीगने का मजा तो कुछ और ही है...।
मै भी करा रहूँ आज इस मंच पर कुछ साहित्य बूँदों की बारिश...बस आप बताये कि कितना भीगा आपका ह्रदय इनका श्रवण कर....।
आज की "स्पेशल काव्यमयी चर्चा" में प्रस्तुत है प्रियंका राठौड़ जी की "विचार प्रवाह" की कुछ झाँकिया....
"स्पेशल काव्यमयी चर्चा" के बारे में अधिक जानकारी हेतु इस लिंक पर जाये...
आप भी अपनी काव्यमयी प्रस्तुति आज ही मुझे भेज दे....
मेरा ईमेल है :-satyamshivam95@gmail.com
चर्चा आरम्भ करने से पहले एक प्रश्न मेरी "गद्य सर्जना" से...आप अपने विचार जरुर दे इस विषय पर.....?????
अब शुरु करते है साहित्य की बारिश....
कविताओं की कुछ बूँदा बाँदी
*काव्य-रस*
1.)नूतन जी की "मौन" से
2.)रश्मि प्रभा जी की "मेरी भावनायें" पर
3.)के.के.यादव जी के "शब्द सृजन की ओर" पर याद आये
4.)शालिनी कौशिक जी का "! कौशल !" आकर्षित
5.)मेरी "*काव्य-कल्पना*" से हो रहा है अद्भूत
6.)कैलाश सी.शर्मा जी की "Kashish -My Poetry" पर
7.)"क्योंकि मैं झूठ नहीं बोलती...." पर शबनम खान जी का शेष है
8.)पूनम जी की "JHAROKHA" को देखो अपने अपने
9.)बाबुषा जी की "कुछ पन्ने..." पर हो रहा है
10.)मृदुला हर्षवर्धन जी की "अभिव्यक्ति" के बारे में
11.)अनिता जी की "श्रद्धा सुमन" पर
12.)रिचा जी की "लम्हों के झरोखे से" देखिये
13.)वंदना जी की "जख्म...जो फूलों ने दिये!" पर
14.)"साहित्य प्रेमी संघ" पर नीरज जी कहते है
15.)ईं.प्रदीप कुमार साहनी जी खुश रहे
16.)मदन मोहन बहेटी जी के साथ
17.)नीलम जी की "क्या अमरों का लोक मिलेगा तेरी करुणा का उपहार" पर भारी है
18.)विद्या जी की "Love Everybody" पर
19.)दीपशिखा वर्मा जी की "इंतिहा" पर हो रहा है
20.)"उच्चारण" पर
अब कुछ किस्से कहानियों के ओले....
*गद्य-रस*
21.)"झरोखा" पर निवेदीता जी की
22.)"रश्मि रविजा" जी "अपनी,उनकी,सबकी बातें" करते हुये कहती है
23.)अशोक कुमार शुक्ला जी लेकर आये है
24.)अख्तर खान अकेला जी पूछ रहे है
हँसी की रिमझीम फुहारें....
*हास्य-रस*
25.)"हास्य फुहार" पर रोना
अब बरसात में हो जाये थोड़ी फुल्कियाँ....
*स्वाद-रस*
27.)"स्वाद" पर स्वर्ण लता जी बना रही है
बच्चे तो भीगेंगे ही....
*बाल-रस*
28.)"बच्चों का कोना" पर
अब तकनीकी छींटे और बौछारें...
*तकनीक-रस*
29.)"छींटे और बौछारे" पे
30.)"Computer Duniya" ने बताया
31.)"ॐ शिव माँ" पर
हो गयी बंद अब तो बारिश....अब आप ही बताइये कितना भीगे आप.....साथ ही "स्पेशल काव्यमयी चर्चा" के लिए अपनी प्रस्तुति भेजते रहे....।
मिलते है अगले शनिवार को नयी जोरदार चर्चा ले कर......धन्यवाद।
----सत्यम शिवम----








































