| सभी सुहागिनों को करवाचौथ की हार्दिक शुभकामनाएँ!शनिवार के लिए कुछ लिंक आपकी सेवा में प्रेषित कर रहा हूँ। ![]() |
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(क)हर पति-पत्नी को करवाचौथ की मंगलकामनाएं![]() (ख)
फैशन में बदलता करवा चौथ
![]() करवा चौथ, वर्षों से मनता और मनाया जाता हुआ पति-पत्नी के रिश्तों के प्रेम का प्रतीक एक त्योहार। सीधे-साधे तरीके से बिना किसी ताम-झाम के, बिना कुछ या जरा सा खर्च किए सादगी से मनाया जाने वाला एक छोटा सा उत्सव। पर इस पर भी बाज़ार की गिद्ध दृष्टि लग गयी। शुरुआत हुई फिल्मों से जिसने रफ्तार पकडी टी.वी. सीरियलों से। ऐसा ताम-झाम, ऐसी रौनक, ऐसे-ऐसे तमाशे और ऐसी-ऐसी तस्वीरें पेश की गयीं ... (ग)
**~करवाचौथ की रात...लिए आँखों में मैं दो दो चाँद~**
![]() *आज' की 'रात'......* *कुछ 'अलग' सा, प्यारा प्यारा है 'चाँद' !* *'स्याह' आसमान में 'केसरिया' निकला है चाँद..!* *फलक पे 'निहारा' करती मैं ... यूँ तो अक्सर रातों में चाँद... * *आज 'आईना' बन खड़ी मैं....लिए 'आँखों' में 'दो दो चाँद'..! |
करवाचौथ पर ....*बिन अन्न-जल, * *भूखी-प्यासी, * *सोलह श्रृंगार कर , * *सांझ को छत पर खडी * *छन्नी से तक के चाँद को * *दुआ मांगती थी इक सुहागन ; * *ऐ चाँद ! नहीं कोई और * *मेरा ऐसा हमदर्द तुम्हारे सिवाए, * *मन-व्यथा जिसको दूं मै सुनाए ! * *बस इतनी सी है * *इल्तजा तुमसे कि * *तुम **रखना **ख्याल… |
फरमानों की खेप सौ, गई खाप यह खेप-![]() करवाचौथ पर... प्रवीण शाह सुनिये मेरी भी.... सामाजिक दुर्व्यवस्था, बिधवा संग बर्ताव । निकृष्टतम होता रहा, रखें लोग दुर्भाव । रखें लोग दुर्भाव, जानवर से भी बदतर । इसीलिए मन-भाव, सुहागिन का यह अक्सर । रहा समय अब बदल, सुरक्षा की गारंटी । इसीलिए पट रही, जमाना बबली-बंटी ।।… |
| तुम्हे पाने की जिद - उठी जो जिद नहीं होती, दुनिया मेरी इस तरहा, लुटी हरगिज नहीं होती दास्ताँने – दिल | करवा चौथ (खुशियों के उपहार') - सभी की 'झोली' में भर जायें, 'खुशियों के उपहार' साहित्य प्रसून | एक रात का सफ़र![]() मोहब्बत नामा |
मेल भेजने का नयाढंग, रंग-रूप ![]() yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं | गुगल की preview compose सेवा![]() नई सेवा अपने जीमेल यूजर के लिये yunik27 | "बुद्धि के प्रकार" *बुद्धि तीन प्रकार की होती है- १- रबड़ बुद्धि* २- चमड़ा बुद्धि* ३- तेलिया बुद्धि *विचार कीजिए आप कौनसी बुद्धि के स्वामी हैं? |
| परिचय *रश्मि प्रभा जी के ब्लॉग पर मेरा परिचय* परिवर्तन की इक मंद हवा - रश्मि तारिका म्हारा हरियाणा | प्रियतम का प्यार - हास्य कविता ? - मेरे काफी दोस्त मुझसे शिकायत करते थे कि मैं हमेशा दर्द-रोना-मरना इसी के ऊपर क्यूँ लिखता हूँ… | मै भी अभी जिन्दा हूँ !! तीव्र झोंके ने पर्दा उड़ा दिया सारे बाज -इकट्ठे दिखा दिया चालबाज, कबूतरबाज , दगाबाज अधनंगे कुछ कपडे पहनने में लगे दाग-धब्बे... |
दीवानापन ![]() प्यार भरा दीवानापन कहाँ नहीं खोजा उसने जब भी हाथ आगे बढ़ाया मृग तृष्णा में फंसा पाया गुमनाम जिंदगी जीते जीते अकुलाहट बेचैन करे मन एकाकी विद्रोह करे ... Asha Saxena | करवा चौथहज़रात, फ़िलहाल काफ़ी कुछ ऐसा है, जो नियमित रूप से नहीं चल रहा है... बहरहाल.... करवा चौथ के मौके पर कही गई एक नज़्म हाज़िर है... मेरे सपनों का जहां तुझमें बसा है प्रियतम, तेरी खुशियां ही तो सिंगार मेरा है प्रियतम… | महका मधुबन![]() महका मधुबन उड़ने लगा मन सामने जो देखा उसने सनम . |
आस्था और चाँद / हाइकुचौथ का चाँद आँखों में उतरता प्रेम दर्शाये ।देखा जो चाँद धरती के चाँद ने मन हर्षाया… बिखरे मोती | घर से बाहर निकलो ...तुम्हारा बाहर निकलना जरूरी है इस घर के बाहर के लोगों के लिए उन लोगों को देखने के लिए जिनके पास घर नहीं है.. | कंवारे भी मनाएंगे जो करवाचौथ आई है..कहीं है धूप का साया कहीं बदली सी छाई है, किसी ने पा लिया प्रेमी किसी की सौत आई है.. |
(क)रविकर का : लिपिड ब्लड टेस्ट* रिपोर्ट नार्मल * * पानी पी पी कोसता, चले अढ़ाई कोस ।* *खून हुआ पतला बहुत, बड़ा खून का जोश ।* *बड़ा खून का जोश, तेल मालिस में आगे । * *मोटी चमड़ी होय, टेस्ट क्यूँ करे अभागे ।* *लगा कलेजे आग, पड़े न दौरा जानी ।* *सुबह सवेरे जाग, गुनगुना पी ले पानी ।। (ख)तुम तो भूखी एक दिन, सैंयाँ बारम्बार
आभारी है पति-जगत, व्रती-नारि उपकार ।
नतमस्तक हम आज हैं, स्वीकारो उपहार ।।
(महिमा )
नारीवादी हस्तियाँ, होती क्यूँ नाराज |
गृह-प्रबंधन इक कला, ताके सदा समाज ||
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| (क) मोहब्बत का प्रतीक करवाचौथ ......
करवाचौथ ..........
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(क) ब्लॉग संचालकः इं.प्रदीप कुमार साहनी एहसास तेरी नज़दीकियों काएहसास तेरी नज़दीकियों का सबसे जुड़ा है यारा,तेरा ये निश्छल प्रेम ही तो मेरा खुदा है यारा | ज़ुल्फों के तले तेरे ही तो मेरा आसमां है यारा, आलिंगन में ही तेरे अब तो मेरा जहां है यारा | (ख) करने पड़ते है समझौते जीवन के हर एक मोड़ पर अपने सब सिद्धांत छोड़ कर चाहे हँसते, चाहे रोते करने पड़ते है समझौते ... काव्य का संसार |
| (क) तुम्हारी मौजूदगी के मायने सब सामान्य था... पहले-पहले जब देखा घना जंगल, खामोशी को खटखटाती हवा, कानों में रस घोलती कोयल, पपीहा, झींगुर और टिटहरी, सघन वन में घास की सरसराहट, कल-कल बहती नदी, उसमें दीखते किनारे के प्रतिबिंब गोल-गोल पत्थर, सब पहले से था, ऐसा ही, तुम्हीं ने पहले-पहल देखा, सराहा, आह भरी तुम्हारे देखे जाने से पहले सब सामान्य था, पहाड़ी पर बना गेस्टहाउस ... नीरव (ख) ------ ।। मधुर मिलन ।। -----
साँझ गहीहि सकेर सकारे । ढोर गोर गउ फिरहिं दुआरे ।।
स्याम सरन भय गगन गौरा । सुमद सुम ह्रदय गूंजे भौरा ।।
संध्या दिन को समेट कर रात में परिवर्तित हो चुकी है, पशु अपने पैर चलकर
घर लौट चुके हैं, गौर वर्ण गगन कृष्ण रुप धारण कर चुका है, भौरा मगन हो
पुष्प के ह्रदय में गूंज रहा है ।
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पैसे दे दो नहीं तो मैं मर जाऊँगा
डेंगू का उपचार । जनहित में जारी । आजकल डेंगू 1बड़ी समस्या के तौर पर उभरा है ।जिससे कई लोगों की जान जा रही है ।यह 1 ऐसा वायरल रोग है ।जिसका मेडीकल चिकित्सा पद्धति में कोई इलाज नहीं है ।परन्तु आयुर्वेद में इसका इलाज हैऔर वो इतना सरल और सस्ता है कि उसे कोई भी कर सकता है ।तीवृ ज्वर । सर में तेज़ दर्द । आँखों के पीछे दर्द होना ।उल्टियाँ लगना । त्वचा का सुखना ।तथा खून के प्लेटलेट की मात्रा का तेज़ी से कम होना ।डेंगू के कुछ लक्षण हैं । जिनका यदि समय रहते इलाज न किया जाए ।तो रोगी की मृत्यु भी सकती है… |
| अलवर की साहित्य साधक महारानी आनंद कुंवरी राणावत - राजस्थान की राजकुलीन महिला कवयित्रियों में महारानी आनंद कुंवरी का उल्लेखनीय स्थान है| यह महारानी शाहपुरा (मेवाड़) राज्य के राजधिराज माधव सिंह की बहन… | What is a Cyclone? पवन पुत्र चक्रवात विशाल वायु राशि के नर्तन शील (घूर्णन शील ,spining)बवंडर हैं .ये चक्रण करती हवाएं एक न्यूनतर दाब वाले ram ram bhai |
| जय छत्तीसगढ़- जय जोहार - *श्रीमती सपना निगम* जय छत्तीसगढ़ जय जोहार दाई तहीं मोर जीवन आधार.... तोर धुर्रा –माटी मा सनाएंव तोर खेत-खार मा खेलेंव-खाएंव तरिया-नदिया मा … | गांधी जयंती पर एक विशेष चर्चा - गांधी की डगर संकल्पों को साधने वाली संहिता है। चल पड़े जिधर दो पग डगमग, चल पड़े कोटि पग उसी ओर, पड़ गयी जिधर भी एक दृष्टि.. |
काव्यानुशासन, छन्दानुशासन और गज़ल.... डा श्याम गुप्त .. - बचपन में हम जो पिता, माता, गुरु कहते हैं वही करते हैं, वही कर पाते हैं नियम और अनुशासन का पालन करते हैं.. एक ब्लॉग सबका | कवितायें 'अज्ञेय' की -समझ नहीं आता या कि मैं समझना नहीं चाहता कि बुद्धि के स्तर पर समझते हुए कहीं छूट न जाये उनका मर्म क्योंकि.. |
SP/2/1/8 इम्तहान की कापियाँ, गैया गई चबाय - उमाशंकर मिश्रा - सभी साहित्य रसिकों का सादर अभिवादन दिवाली पर्व का असर टिप्पणियों पर भी दिखने लगा है, लोगबाग काफ़ी मशरुफ़ हैं… | कुंआरा करवाचौथ - का र्तिक मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी का दिन था। यानी करवाचौथ के एक दिन बाद। सुबह के करीब ११ बज रहे होंगे। सूरज आसमान के बीचों-बीच जगह बनाने को चल रहा था। ... |
खरी-खरी भाग्यलक्ष्मी मंदिर पर मुल्लो का फिर हमला - *कल यानी 31 अक्तूबर रात को हैदराबादके भाग्यलक्ष्मी मंदिर में कुछ मुल्लों ने हमला बोला और वहां मोजूद पुजारी को पीटा,तथा इसके बाद मंदिर में तोड़-फोड़ भी की ... | Tarun's Diary-"तरुण की डायरी से .कुछ पन्ने.." एक देश जहा "अभियुक्त" ही "न्यायाधीश" को शपथ दिलाते है । - जैसे राहुल बाबा बलात्कार से बरी , अब समरीते की तरह संगमा को भी सेट कर देना प्यारे ! एक देश जहा जाती और नस्ल से चुन कर न्यायाधीश नियुक्त होते है…। |
साहित्य सुरभि अगजल - 47 जिन्दगी में फैली है कैसी बेनूरी । न सुबह सुहानी, न शाम सिन्दूरी । चाँद के चेहरे पर दाग क्यों है ? क्यों है दुनिया की हर शै अधूरी ? माना ताकतवर है तू बहुत मग... |
इस साल करवाचौथ पर करो पूजा, शुक्र देव मिलाएंगे सजनी को साजन सेपति मान पूजें चंद्रमा को ज्योतिषविद महंत अविनाश के मुताबिक कन्या राशि में स्थिर होने पर शुक्र को नीच राशि का माना जाता है और यह शुभ नहीं है। हालांकि इससे उन कुंवारी लड़कियों को लाभ भी मिलेगा, जो शादी का इंतजार कर रही हैं और जिनकी किन्हीं कारणों से शादी में रुकावट आ जाती है। इससे बचने के लिए वे व्रत रखें और चंद्र देव को पति मान उनकी उपासना करें। वे सफेद वस्तुओं का दान करें तो लाभ मिलेगा। दही में चीनी मिला कर खिलाने से भी लाभ होगा। |
अब आया न ऊंट पहाड़ के नीचे :क्या मोदी की पत्नी मुफ्त कीअब आया न ऊंट पहाड़ के नीचे ..कमाल है देश में कोई भी मुद्दा जिसमे कांग्रेसी फंसते दिखाई देते हैं भाजपाइयों का मुंह बड़ी तेज़ी से खुलता है और जब अपने नेता और वह भी जिसे बढ़ा चढ़ा कर प्रधानमंत्री पद पर सजाने की कोशिशें जारी हैं पर आरोपों के थपेड़े पहुंचे आरम्भ होते हैं तब पहले कांग्रेसियों को वरीयता दे कहा जाता है की पहले आप ......... |
रिश्ता एक चुटकी का ,सम्बन्ध जन्म जन्मान्तर का .....![]() जब भी किसी रिश्ते अथवा बंधन की बातें होती हैं ,उसमें कई बड़े - छोटे कारण और कारण दीखते हैं और बन भी जाते हैं | कुछ रिश्ते जन्म से मिलते हैं ,तो कुछ विवाहोपरांत बनते हैं | विवाह के बाद बनने वाले रिश्तों के बारे में जब भी सोचती हूँ तो उसकी आत्मा सिर्फ एक चुटकी होती है , जो अपने धर्म के अनुसार कभी अंगूठी पहना देती है ,तो कभी सिन्दूर से मांग सजा देती है ! एक पल में ही सर्वथा अनजाने व्यक्ति अटूट डोर में बँध जाते हैं | ये बंधन भी अजीब सा है कभी - कभी विचारों में भिन्नता होने पर और एकमत न होने पर भी उसी बात पर किसी अन्य के कुछ कहने पर अभेद्य कवच बन औरों के लिए बहुत तीखा प्रतिउत्तर भी बन जाता है …| |
| (क) भारती के हाइकू उनसे मिले मन हुआ द्रवित नयन झरे! -- न झकझोर प्रीत की वह डोर मन टूटेगा.. भारती का ब्लॉग(ख)समय की पुकार है![]() दिल से बने विशाल समय की पुकार है, साराजहाँ रहे खुशहाल देश की पुकार है! छोटी-छोटी बातों से झगडें मत बढाइये, मुस्करा,टाल दे हाल समय की पुकार है! |
"समझ"मेरा अमरूद उनको केला नजर आता है मैं चेहरा दिखाता हूँ वो बंदर चिल्लाता है |
अन्त में..(क)"बर्बाद करदी बस्तियाँ"भूख के परिवेश में, गद्दार करते मस्तियाँ इक महल के वास्ते, बर्बाद करदी बस्तियाँ (ख)"सुरभित सुमन रोया हुआ"![]() नीड़ में सबके यहाँ प्रारब्ध है सोया हुआ काटते उसकी फसल जो बीज था बोया हुआ |



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