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सोमवार, दिसंबर 03, 2018

"द्वार पर किसानों की गुहार" (चर्चा अंक-3174)

सुधि पाठकों!
सोमवार की चर्चा में 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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पुर्नस्थापितं भव 

सुशील कुमार जोशी  
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पिता 

deepti sharma 
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क्षणिकाएं 

Kailash Sharma  
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हाईकू 

स्वर बेसुर  
कानों में खटके करें  
बेचैन व्यर्थ... 
Akanksha पर 
Asha Saxena  
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बडा आदमी 

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डॉ. अपर्णा त्रिपाठी  
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सूखती नदी 

पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा  
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शमा रातभर जलती रही 

शमा रातभर जलती रही,  
पिघलती रही।  
खोती रही अपना अस्तित्व,  
मिटाने को तमस।  
उसकी सदेच्छा,  
न भटके कोई अँधेरे में।  
न होये अधीर,  
घबड़ा कर निबिड़ अन्धकार से... 
Jayanti Prasad Sharma 
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बेबस दिखते राम अभी 

राजनीति के रखवालों ने किया है ऐसा काम अभी।  
निर्बल के बल राम सुना पर बेबस दिखते राम अभी... 
श्यामल सुमन  
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रविवार, दिसंबर 02, 2018

"अनोखा संस्मरण" (चर्चा अंक-3173)

मित्रों! 
रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।  
(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
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"अनोखा संस्मरण"  

लगभग 25 साल पुरानी बात है! उन दिनों मेरा निवास ग्राउडफ्लोर पर था। दोनों बच्चे अलग कमरे में सोते थे। हमारे बेडरूम से 10 कदम की दूरी पर बाहर बराम्दे में शौचालय था। रात में मुझे लघुशंका के लिए जाना पड़ा। उसके बाद मैं अपने बिस्तर पर आकर सो गया। लेकिन दिसम्बर का महीना होने के कारण मुझे कुछ ठण्ड का आभास होने लगा। मैंने महसूस किया कि मेरे कपड़े कुछ गीले थे। मन में सोच विचार करता रहा कि मेरे कपड़े कैसे गीले हुए होंगे। तभी याद आया कि मैं कुछ देर पहले लघुशंका के लिए गया था। मन में घटना की पुनरावृत्ति होने लगी तो याद आया कि मैं शौचालय में गिरा पड़ा था और तन्द्रा में होने ... 
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आवाज़ें 

Sudhinama पर 
sadhana vaid 
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३३५. 

सुख 

आज बहुत ख़ुश हूँ मैं.  
लम्बी अँधेरी रात में  
रौशनी दिखी है कहीं,  
नीरव घने जंगल में  
कोई चिड़िया चहचहाई है... 
कविताएँ पर Onkar 
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शनिवार, दिसंबर 01, 2018

"नदी सरोवर झील" (चर्चा अंक-3172)

मित्रों! 
शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।  
(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
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जन्मदिन 

सु-मन (Suman Kapoor) 
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चल पड़ी है गाड़ी आजकल  

उनके प्यार की 

आज वैवाहिक जीवन की 23वीं वर्षगांठ पर 
पहले पहल प्यार में गुजरे 
प्रेम पातियों में से निकली एक पाती प्रस्तुत है-  
चल पड़ी है गाड़ी आजकल
उनके प्यार की
सुना है कन्हैया बना चितचोर
रहती उन्हें हर घड़ी अब
उनके इंतजार की 
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माँ 

 माँ का कोई मोल नहीं 
शब्द माँ अनमोल है 
चाहे नर हो या पशु 
सबसे सुंदर बोल है... 
Lovely life पर 
Sriram Roy 
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तू आएगा 

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल