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Tuesday, April 11, 2017

"फैसले के ऊपर चढ़ गई अधिसूचना" (चर्चा अंक-2617)

मित्रों 
मंगलवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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कड़वा सच ... 

बिन बोले, बिन कहे भी 
कितना कुछ कहा जा सकता है ... 
पर जैसा कहा क्या दूसरा वैसा ही समझता है ... 
क्या सच के पीछे छुपा सच समझ आता है ...  
स्वप्न मेरे ...पर Digamber Naswa  
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ताऊ की कार मक्खियों के दहेज में 

कल IPL का मैच देखने जाना था तो कई महीनों से धूल फांकती कर की सुध ली। स्टेडियम जाते समय कार में चार पांच मक्खियां को आपस मे बात करते सुना। पहली वाली अपने मोबाइल को दोनों हाथों में दबाए की बोर्ड को जोरों से दबाए जा रही थी तो दूसरी इयरफोन कान में लगाये झूमे जा रही थी जैसे उसमे माताजी आगई हों। तीसरी वाली ने पहली से कहा - अरे बहुत देर से देख रही हूं तू फोन छोड़ ही नही रही है, ला अब मुझे देदे, बस बहुत होगया, मेरा ब्वायफ्रेंड चैट के लिए कबसे फ्री के हॉटस्पॉट पर इंतजार करता होगा... 
ताऊ डाट इन पर ताऊ रामपुरिया 
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पाँव को मैं पाँव सर को सर लिखूँगा 


चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ 
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जो आईना सा है 

...जिंदगी की दोस्त 
दे दी आपने क्या शोहरत, 
क्या वो मज़लूम है ?... 
नीलांश 
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खेली तेरी गोद बीता बचपन सुहाना 

मन क्यों भया उदास, 
खिली ज़िन्दगी धूप सी है टूटी अब आस , 
चाह तेरी अनूप सी खेली तेरी गोद , 
बीता बचपन सुहाना 
वह चली गई छोड़, 
माँ फिर से लौट आना... 
Ocean of Bliss पर 
Rekha Joshi 
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असलियत - 

कविता 

इश्क और मुश्क छिपाए नहीं छिपते 
न ही छिपते हैं रक्तरंजित हाथ। 
असलियत मिटती नहीं है। 
बहुत देर तक नहीं छिपा सकोगे बगल में छुरी। 
भले ही दिखावे के लिए जपने लगो राम, 
कुशलता से ढँककर माओ, स्टालिन, 
पोलपोट बारूदी सुरंग और कलाश्निकोव को ...  
अंततः टूटेंगे बुत तुम्हारे 
और सुनोगे-देखोगे सत्यमेव जयते 
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वह सेल्फी नहीं लेती 

वह इस इस दुनिया का जीता - जागता अजूबा है | आठवाँ आश्चर्य है | लोग पूछते हैं कहीं उसका दिमाग खराब तो नहीं हो गया ? सब मानते हैं कि वह अपनी सुध - बुध बिसरा बैठी है | न उसके पास रुपयों - पैसो की कमी है और न ही किसी और सुख सुविधा की | सबसे बढ़िया वाला कैमरा फोन है उसके पास... 
कुमाउँनी चेली पर शेफाली पाण्डे  
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मृत्यु तुम से बिना डरे 

हाँ किसी रोज़ देखना चाहता हूँ 
सुंदर संगीत किसी रोज़ सुनना चाहता हूँ... 

3 comments:

  1. सुन्दर मंगलवारीय अंक प्रस्तुति । आभार 'उलूक' के सूत्र 'फैसले के ऊपर चढ़ गई अधिसूचना" को शीर्षक पर स्थान देने के लिये।

    ReplyDelete
  2. बहुत बढ़िया चर्चा प्रस्तुति हेतु धन्यवाद!
    हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं!

    ReplyDelete
  3. सुन्दर चर्चा ...
    आपका आभार मुझे शामिल करने का ...

    ReplyDelete

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