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Thursday, June 08, 2017

"सच के साथ परेशानी है" (चर्चा अंक-2642)

मित्रों!
गुरूवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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भोली बिटिया 

कल्पना रामानी 
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भारत पाक मैच 

मैं एक आम भारतीय जिसे अपने देश की आन बान शान सबसे प्यार है भारत की मिटटी की गंध सा रे विदेशी पर्फ्युमों से बढ़कर है। पर एक बात मैं नहीं समझ पी सेना के जवान शहीद हो रहे हैं पाकिस्तान कुटिल घाट कर रहा है हमारे देश ने सर्जिकल स्ट्राइक की जिसने हमारा और हम से ऊपर हमारे जवानो मैं यह भावना आई होगी कि देश हमारे साथ है हमारे सेनिकों के साथ है देश का बच्चा बच्चा रोता है यदि एक भी गोली पाकिस्तानी चलते है नेताओं की वजह से हमारे कश्मीर की यह हालत हो गई... 
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एक हरे पेड़ की तलाश 

निकले थे गमझे में कुछ जरुरी सामान बांध कर 
किसी पुराने पेड़ के नीचे बैठकर 
बीनकर लाये हुए कंडों को सुलगाकर 
गक्क्ड़ भरता बनायेंगे 
तपती दोपहर की छाँव में बैठकर भरपेट खायेंगे 
सूखे और विकलांग पेड़ों के पास से 
एक हरे पेड़ की तलाश में भटकते रहे ... 
Jyoti Khare 
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बंधन 

बंधन बहुत मीठा होता है, 
अधिकार बहुत सुंदर| 
प्यार में दोनों साथ-साथ चलते हैं, 
रुक कर एक दूसरे को सहलाते हैं, 
हँसते हैं, खिलखिलाते हैं, 
गम में संग मुस्कराते है.... 
मानसी पर 
Manoshi Chatterjee मानोशी चटर्जी  
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सरस्वती वन्दना  

(कुण्डलिया छंद में ) 

वर दे मुझको शारदे, कर विद्या का दान 
तेरे ही वरदान से, लोग बने विद्वान... 
कालीपद "प्रसाद" 
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शब्द से ख़ामोशी तक –  

अनकहा मन का (१०) 

एक कहानी होती है । 
जिसमें खूब पात्र होते हैं । 
एक निश्चित समय में दो पात्रों के बीच वार्तालाप होता है । 
दो पात्र कोई भी वो दो होतें हैं 
जो कथानक के हिसाब से तय होते हैं । 
कथानक कौन लिखता है... 
उन किसी को नहीं मालूम... 
सु-मन (Suman Kapoor) 
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743 

कमला निखुर्पा
कंक्रीट के जंगल में रहकर
आखिर सभ्य हो गए हैं हम।
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 काटे पेड़ पगडंडी तोड़ी 
धुँआ उगलती चिमनी जोड़ी ।
खाँस-खाँसकर हुए बेदम 
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----- ।। उत्तर-काण्ड ५८ ।। ---- 

रघुनायक प्रति भगतिहि जिनकी | 
होइहि अवसिहि सद्गति तिनकी || 
जोइ भगवन चरन रति राखिहि | 
प्रेम सहित एहि महमख भाखिहि... 
NEET-NEET पर Neetu Singhal  
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कितना ख़ूं, कितना पानी... 

वैसे तो दुनिया फ़ानी है 
सच के साथ परेशानी है 
ख़ुद्दारों पर दाग़ लगाना 
मग़रूरों की नादानी है... 
साझा आसमानपरSuresh Swapnil  
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जल व वायु देवता द्वारा 

बिजली देवी का अपहरण...

उडते पंछी का सारा आकाश…. होता है और संकट में फ़ंसे भक्तों की सहायक माता बखेडा वाली होती है. यह बात कल अच्छी तरह साबित हो गई. कल हुये षडयंत्र की चपेट में आकर जिस जिसने भी माता बखेडा वाली का सवा रूपये का परसाद बांट दिया वो इस षडयंत्र से बच गया वर्ना तो कोई भी इसकी चपेट में आने से नही बच पाया. शहर के कुल 450 बिजली सप्लाई के फ़ीडर हैं जिनमें से 446 बंद हो चुके थे. वैसे तो सारे देश में ही वीवीआईपी एरिया को छोडकर रोज ही बिजली देवी की नाराजी का सामना सभी को करना पडता है. पर हमारा शहर इस मामले में किसी वीवीआईपी क्षेत्र से कम नही है. नई उम्र के बच्चे तो पावर कट क्या होता है यह जानते ही नहीं ... 
ताऊ डाट इन पर ताऊ रामपुरिया 
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तितर बितर लम्हे ... 

समय की पगडण्डी पे 
उगी मुसलसल यादें, 
इक्का दुक्का क़दमों के निशान ... 
न खत्म होने वाला सफ़र 
और गुफ्तगू तनहाई से ... 
ये लम्हे कभी गोखरू, कभी फूल ... 
तो कभी चुभता हुआ दंश, 
जंगली गुलाब का ... 
मेहनत की मुंडेर पे पड़ा होता है 
कामयाबी का एक टुकड़ा... 
स्वप्न मेरे ...पर Digamber Naswa 
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...क़त्ल कर देता . 

अगर बिन दर्द के अपने मुझे तू क़त्ल कर देता ,
खुदा अपने ही हाथों से ये तेरी सांसें ले लेता ,
जन्म मेरा ज़मीं पर चाहा कब कभी किसने
जुनूनी कोई भी बढ़कर कलम ये सर ही कर देता ... 
! कौशल ! पर Shalini Kaushik 
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किसान हो, औकात में रहे.. 

किसान हो, औकात में रहो 
देखते नहीं हो 
तुम्हारी सरकार तुम्हारे लिए 
कितना कुछ कर रही है 
योजनायों का पहाड़ है 
फसल बीमा से लेकर 
तुम्हारी आत्महत्या के लिए... 
चौथाखंभा पर ARUN SATHI 
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इंतजार 

वेदना अपनी बयाँ ना कर पाया 
किताब के पन्नों पे इसे उकेर ना पाया 
रोशनी चुरा ले गया 
कोई काफ़िर 
हमारी भटका गया 
मंजिल से राह हमारी... 
RAAGDEVRAN पर MANOJ KAYAL 
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10 comments:

  1. शुभ प्रभात....
    वाह....बहुत अच्छी रचनाओं का चयन
    आभार.....सादर

    ReplyDelete
  2. बहुत बहुत आभार

    बेहतर रचनाये एक मंच पर !

    ReplyDelete
  3. बहुत बहुत आभार

    बेहतर रचनाये एक मंच पर !

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  4. बहुत बढ़िया चर्चा प्रस्तुति

    ReplyDelete
  5. बहुत सुंदर चर्चा मेरी रचना को जोड़ने के लिए सहृदय धन्यावाद

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  6. बहुत सुंदर संकलन ।मेरी रचना को शामिल करने का बहुत बहुत शुक्रिया ।

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  7. मस्त है आज का संकलन ...
    आभार मेरी रचना को स्थान देने का ...

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  8. शास्त्री जी,
    सम्मलित करने का आभार

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  9. सुन्दर लिंक्स

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  10. बढ़िया प्रस्तुति !
    मेरी भी रचना को स्थान देने के लिए आभार !!

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