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Sunday, March 29, 2015

"प्रभू पंख दे देना सुन्दर" {चर्चा - 1932}

मित्रों।
रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

"प्रभू पंख दे देना सुन्दर" 

बहुत पहले फेसबुक पर
डॉ. प्रीत अरोरा जी का यह चित्र देखा
तो बालगीत रचने से
अपने को न रोक सका!
 
काश् हमारे भी पर होते।
नभ में हम भी उड़ते होते।।

पल में दूर देश में जाते,
नानी जी के घर हो आते,
कलाबाजियाँ करते होते।
नभ में हम भी उड़ते होते।।... 
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आलसी ब्राह्मण 

(काव्य-कथा) 

एक ब्राह्मण बहुत आलसी, एक गाँव में रहता था,
खेत जमीन बहुत थी उसके, लेकिन कुछ न करता था.

उसके आलस के कारण, पत्नी बहुत दुखी रहती थी,
मैं क्यों काम करूंगा कोई, कहता जब पत्नी कहती थी... 
Kailash Sharma 
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 माँ 

वह औरत जो गुम हो गई मेरी यादों से, 
चौखट पर मेरी राह तकती होगी. 
सुधर रही है मेरी तबीयत रफ़्ता-रफ़्ता... 
कविताएँ पर Onkar 
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रोज का रोज 

रोजी रोटी के खेल में 

रोज का रोज रोजी रोटी के खेल में
कमबख्त घूमता रहा खुली जेल में... 
Vikram Pratap singh 
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दोस्त 

एक ऐसा लफ्ज है।
जिसे शायद सभी,
पसंद करते होंगे।।

वैसे रिश्ते तो कई है,
एक इन्सा के लिए।
लेकिन दोस्ती तो,
सब रिश्तों मे महान होगी...
ऋषभ शुक्ला 
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२८ फरवरी—२०१५— 

दो हाथ फैले हुए--- 
और मैं बंधती चली गयी... 
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जय माता दी ! 

! कौशल ! पर Shalini Kaushik 
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9 comments:

  1. सुप्रभात |
    श्री अटल जी को भारत रत्न की उपाधि से नव़ाजा गया |यह साहित्य जगत के लिए बहुत गर्व की बात है |उम्दा लिंक्स आज की |

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  2. बहुत सुंदर रविवारीय चर्चा सूत्र.
    मेरे पोस्ट को शामिल करने के लिए आभार.

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  3. नमस्कार सरजी।आपकी जितनी तारीफ की जाय कम होगी । बहुत सुन्दर लिंको से चर्चा मंच को सजाने के लिए बधाई ॥।

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  4. बहुत रोचक और विस्तृत चर्चा...आभार

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  5. बढ़िया लिंक्स. मेरी कविता को शामिल करने के लिए धन्यवाद्.

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  6. बहुत बढ़िया चर्चा प्रस्तुति
    आभार!

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  7. बेहतरीन चर्चा में मेरी रचना को जगह देने के लिए ढेरों आभार

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  8. धन्यवाद ! मयंक जी मेरे '''गीत :फिर आज याद मुलाक़ात की वो रात आई'' को सम्मिलित करने हेतु !

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  9. सुंदर और सार्थक चर्चा। बहुत-बहुत आभार मेरी रचना को स्थान देने के लिए।

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