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Saturday, March 21, 2015

"नूतनसम्वत्सर आया है" (चर्चा - 1924)

मित्रों!
शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है।
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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"नूतनसम्वत्सर आया है" 

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गुड़ी पड़वा- चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 

चैत्र मास का प्रथम दिवस हिन्दू नववर्ष जो चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ सूचक भी है। भारतीय समाज के आध्यात्म, जीवन दर्शन, अन्नोपार्जन, व स्वास्थ्य समृद्धि का महत्वपूर्ण पर्व है। विजय ध्वज स्वरूप गुड़ी पड़वा व घटस्थापना इस महापर्व के प्रतीकात्मक सूचक है। पडवा, प्रथमा नवचन्द्र के उत्थान का सूचक है और यह विदित है कि सृष्टि निर्माता ब्रह्मा ने इस दिन सृष्टि का निर्माण का शंखनाद किया। भारत वर्ष के प्रत्येक भाग में यह त्यौहार एक महापर्व के रूप में मनाया जाता है। 
          पड़वा शब्द मूलतः देवनगरी लिपी से उत्पन्न हुआ है एवं संस्कृत, कन्नड, तेलगू, कोंकणी, आदिभाषाओं में इसको इन्हीं नाम से जाना जाता है... 
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एक गीत 

मौसम को प्यार हुआ 

खेतों में धान जला गेहूं लाचार हुआ | 
चकाचौंध-शहरों से मौसम को प्यार हुआ... 
जयकृष्ण राय तुषार 
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असली रंग तो अब आयो है

मौसम ने सारौ खेल बिगाड़ो है

गलियंन में अधिंयारो छायो है

कन्हाई बिन सब सूनो सौ लागे है
©सुरेंद्रपालसिंह 
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धर्म, राजनीति और समाज 

धर्म का राजनीति से क्या लेना-देना है? धर्म और हिंसा का क्या संबंध है? वर्तमान समय में, विभिन्न राजनैतिक एजेण्डे कौनसा रूप धर कर हमारे सामने आ रहे हैं? * ऐसा लगता है कि राजनीति ने धर्म का चोला ओड़ लिया है और यह प्रवृत्ति दक्षिण व पष्चिमएशिया में अधिक नजर आती है... 
Randhir Singh Suman 
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(सूर्य) ग्रहण से डरना कैसा? 

आह्वान पर डा. गायत्री गुप्ता 'गुंजन' 
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मोरे सइयां मारे रे।। 

लोकगीतों में तात्कालिक समाज की सारी घटनाएं बिना किसी सेंसर के देखी जा सकती हैं... 
ऐसा एक प्रसंग है औरतों के प्रति घरेलू हिंसा का। 
एक मार्मिक गीत देखिये .. 
सासु मोरा मारे,ननद मोरा मारे, 
मोरे सइयां मारे रे। 
बबूर डंडा तानि तानि, 
ए माई मोरे सइयां मारे रे... 
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चतुराई सूवै पढ़ी ,सोई पंजर माँहि , 

चारिउ वेद पढ़ाइ करि , 
हरि सूँ न लाया हेत , 
बालि कबीरा ले गया , 
पंडित ढूंढे खेत... 
Virendra Kumar Sharma 
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डिजिटल इंडिया 

अब बदल रहा है भारत, कर रहा है विकास । 
जल्द ही झुकाएगा कदमो पे जहाँ को, 
ऐसा है मुझको विश्वास ॥ 
हर गाँव में हो बिजली, पानी की समस्या हो दूर। 
इस देश के किसान के लिए, खेती हो आसान... 
हिन्दी कविता मंच पर ऋषभ शुक्ला 
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सोशल मीडिया मे प्रयोग होने वाले 

संक्षिप्त शब्द और उनके पूरे अर्थ 

सोशल मीडिया जैसे फेसबुक व्हाट्सएप आदि पर कभी कभी हमारे मित्र कुछ ऐसे शब्द इस्तेमाल करते हैं जिनका सही अर्थ हमें किसी शब्दकोश मे भी मिलना मुश्किल होता है। *BST* से साभार यहाँ प्रस्तुत हैं कुछ ऐसे ही चुनिन्दा शब्द और उनके अर्थ... 
Yashwant Yash 
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मैं चैतन्य एक बहुत अच्छा बच्चा हूँ | मैं 7 साल का हूँ | मुझे ड्राइंग-कलरिंग करना बहुत पसंद है | मैं क्लास II में पढता हूँ और माँ को कभी परेशान नहीं करता | मुझे डांस करना बेहद पसंद है | स्कूल में मुझे सब बहुत पसंद करते हैं | यह ब्लॉग 4 साल पहले मेरी माँ डॉ. मोनिका शर्मा ने बनाया था । अब मैं खुद अपने पोस्ट ब्लॉग पर शेयर करता हूँ ... 
My Photo
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बसंत.....  

झड़ झड़ 
पतझड़ हमें बताता है, 
जीवन सुख और दुःख है 
हमें सिखाता है... 
साथी
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9 comments:

  1. बहुत ही सुन्दर लिंक्स आभार सर

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  2. Bahut sunder charcha prastuti..
    Navratra ki hardik shubhkamnaye.

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  3. Acha Collection hai Muje ismese sabse acha lage

    Social Media par hone wale sabd
    Youtube ka border kaise change kare.

    Internet Ki Puri Jaankari Hindi Me www.HindiMeHelp.com Par.

    ReplyDelete
  4. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति में मेरी ब्लॉग पोस्ट शामिल करने हेतु आभार!
    सबको नूतनसम्वत्सर की हार्दिक मंगलकामनाएं!

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  5. बहुत बहुत धन्यवाद सर !

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  6. सुन्दर लिंक्स

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  7. चैतन्य को स्थान दिया आभार आपका

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  8. सभी ब्‍लॉगर मि‍त्रों को नूतनसम्वत्सर की हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं।
    मेरी रचना को चर्चा मंच में स्‍थान देने का शुक्रि‍या।

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  9. Acha Collection hai Muje ismese sabse acha lage

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