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Wednesday, June 17, 2015

पुरे देश में फ्री रोमिंग सुविधा; चर्चा मंच 2009

बालकविता 
"अन्त किया अत्याचारी का" 
रावण ने आतंक मचाया। 
काल राम तब बनकर आया।। 

रूप धरा था वनचारी का। 
अन्त किया अत्याचारी का।। 

जो जग से आतंक मिटाता। 
वो घर-घर में पूजा जाता।। 

जो पापी को देता मार। 
होती उसकी जय-जयकार।।
(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 




Dr.NISHA MAHARANA  


Kirtish bhatt 


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