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Monday, April 04, 2011

जश्ने बहारा है …………चर्चा मंच............475

जश्ने बहारा है
जीत का जश्न मुबारक हो 
दोस्तों
 आखिर हमारे जांबाजों ने 
 कर दिखाया 1983 वाला करिश्मा
 आज हर हसरत को मुकाम दे दिया
 बन गया इंडिया वर्ल्ड चैंपियन
 मुबारक हो टीम इंडिया
 सभी भारतवासियों को इस जीत की हार्दिक बधाइयां

अब आप सबको नवरात्रि 
और हिन्दू नववर्ष 
की हार्दिक शुभकामनायें
आज से नव संवत्सर शुरु होता है
और देवी पूजन भी
तो सबसे पहले
माँ भगवती का 
आहवान करते हैं
और यही प्रार्थना 
करते हैं 
माँ सबको सदबुद्धि दे
अपनी दिव्य जोत 
हर दिल मे जगा दे

या देवी सर्वभूतेषु ..............

कीजिये ये प्रण आप सब भी


 सही तो कह रहे हैं 
हिन्दू नव वर्ष तो आज ही 
प्रारंभ हुआ है 


"जीत की झाँकियाँ" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

 दिल खुश कर गयीं 

 

 इतिहास दोहराया ही करते हैं 


 वो तो होना ही था 
इतिहास गवाह है 



 इसमें क्या शक है 

 देना ही था ..........दम है आखिर 
 
 अपने अपने अस्तित्व 

 फिर क्या है 
 तो दूर तक जाएगी
 

अपनी अपनी अहमियत 


 कौन 


जानिए इसे भी 


 कौन सा ?


 पता नहीं ........आप बता दीजिये 

 

 किसकी ?


 सुनो इसकी भी कहानी


 सुनाइए 
 चक दिए जी 


बिलकुल 


बस यही आलम बना रहे 
 यादों की धरोहर है ना 

कभी गुलाब तो कभी खार लगता है 



सौ काम खुशामद से निकलते हैं जहाँ में:अल्लामा इकबाल

सौ फ़ीसदी सच बात



 रंग में भंग देखिये कैसे होता है





आज जितना वक्त कभी नहीं लगा चर्चा लगाने में 
पहले लिंक्स  नहीं मिले मेरे डैशबोर्ड से गायब हो गए 
बाद में सेट नहीं हो पा रही थी चर्चा
होता है ऐसा भी
शायद लिंक्स भी भारतीय टीम को
मुबारकबाद देने चले गए थे   
चलिए अब आप पढ़िए 
फिर मिलेंगे
आपके विचारों की प्रतीक्षा में 
 



29 comments:

  1. बढ़िया चर्चा ... पोस्ट शामिल करने के लिए धन्यवाद !

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  2. जीत का जश्न मुबारक हो


    नवरात्रि और हिन्दू नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें


    उम्दा चर्चा की बधाई!!!

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  3. कोई बात नहीं लिंक भी लौट आएंगा. सुंदर संकलन.

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  4. नववर्ष की शुभकमनाएं । विश्वकप विजय की बधाई । बढ़िया चर्चा तथा मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए आभारी हूँ। धन्यवाद ।

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  5. सुंदर संकलन. बढ़िया चर्चा. मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए धन्यवाद.

    नवरात्रि और नववर्ष की शुभकामनायें.

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  6. नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें बढ़िया चर्चा की बधाई!!!

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  7. बहुत सुन्दर चर्चा!
    --
    आपको तथा चर्चा मंच के सभी पाठकों और साथियों को नव सम्वत्सर की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।

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  8. वैभव,खुशियाँ दे झोली भर
    शुभ हो सबको नव संवत्सर

    GHOTOO

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  9. वंदना जी...बहुत ही सुंदर और रंगमयी चर्चा है आज की....धन्यवाद।

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  10. बहुत सुन्दर चर्चा..बढ़िया लिंक्स...मेरी रचना को चर्चा में शामिल करने के लिये धन्यवाद...नव संवत्सर की हार्दिक शुभकामनायें.

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  11. बेहतरीन चर्चा ..
    नव संवत्सर की हार्दिक शुभकामनाये !

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  12. बढ़िया चर्चा, वंदना जी,नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें!

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  13. धन्यवाद
    sabhi link ek se badkar ek....

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  14. aap ka sahity anurag v is ke prti shrddha aur prishrm vastv me prshnshniy ,stuty v nmn yogy hai
    kripya swikar kren

    ReplyDelete
  15. aap ka sahity anurag v is ke prti shrddha aur prishrm vastv me prshnshniy ,stuty v nmn yogy hai
    kripya swikar kren

    ReplyDelete
  16. क्या बात है बहुत बढ़िया चर्चा.बधाई.

    ReplyDelete
  17. ढेर सारी मुसीबतों के बावज़ूद आपने एक बेहतरीन चर्चा प्रस्तुत की है।

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  18. चर्चा तैयार करना बहुत ही कठिन कार्य है. इसके लिए धैर्य और कुशाग्रता दोनों ही जरूरी है. आप इसके लिए बधाई कि पत्र हैं.
    सबको देश की जीत मुबारक और नवसंवत्सर पर शुभकामनाएं . मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद.

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  19. बहुत बढ़िया चर्चा ..अच्छे लिंक्स मिले ...आभार

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  20. बहुत सुन्दर चर्चा ! नव संवत्सर की आप सभीको हार्दिक शुभकामनायें !

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  21. आभार रचना को स्थान देने के लिए..
    कई सुन्दर रचनाएँ पढने को मिली..
    ....................
    : नव वर्ष की शुभकामनायें..

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  22. नव वर्ष शुभ और मंगलमय हो |चर्चा लिखने का अंदाज निराला है |मेरी कविता शामिल करने के लिए आभार
    आशा

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  23. bhart ki jit aur nav vikrmi samvat 2068 ki deshvaasiyon ko badhaai
    agazal

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  24. चर्चा मंच और अपनत्व ये दो ब्लॉग हैं जो कई बार प्रयास करने के बाद भी नहीं खुल नहीं रहे । अपनत्व तो अभी भी नहीं खुल रहा है। अपना वायरस सिस्टम ही खराब होगा। इस मंच पर अपने ब्लॉग की चर्चा भी नहीं देख पाया। आज अचानक से खुला है। देखूं कितना पढ़ पाता हूँ।

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  25. बेज़बान को बेज़बान क्यों बना दिया. लिंक तो दिया आवाज़ के बग़ैर (बिना लिंक) के.

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  26. bahut sunder rachna
    meri rachna ko sthan dene ko bahut bahut aabhar

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  27. Nav Ratri aur sanvatsar par sabko
    shubh kamnaayen . Sapkee rachnaayen
    mun ko sparsh kartee hain . Aapkee
    charcha ke kya kahne Vandna ji !

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