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Saturday, August 03, 2019

"हरेला का त्यौहार" (चर्चा अंक- 3416)

स्नेहिल अभिवादन   
शनिवार की चर्चा में आप का हार्दिक स्वागत है|  
देखिये मेरी पसन्द की कुछ रचनाओं के लिंक |  
 - अनीता सैनी 

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आलेख  

"हरेला का त्यौहार"  

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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गर्मी का मौसम है आया।  
आड़ू और खुमानी लाया।।  
आलूचा है या कहो बुखारा।  
काला-काला कितना प्यारा।।   
अगर चाहते हो सुख पाना।  
मौसम के सारे फल खाना।। 
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9 comments:

  1. सूंदर और सार्थक सूत्रों से सजा आज का अंक बेहद सराहनीय है अनु..।
    बहुत अच्छी प्रस्तुति।

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  2. सुन्दर प्रस्तुति। आभार अनीता जी ।

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  3. बहुत सुन्दर। उपयोगी सूत्र।
    आपका आभार अनीता सैनी जी।

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  4. बहुत सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति । आभार अनीस जी ।

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  5. बहुत सुंदर और सार्थक संकल्न शानदार चर्चा अंक सभी रचनाकारों को बधाई।
    मेरी रचना को शामिल करने के लिए तहेदिल से शुक्रिया।

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  6. सुन्दर सार्थक सूत्र आज की चर्चा में ! मेरी प्रस्तुति को शामिल करने के लिए आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार अनीता जी ! हरियाली तीज की आपको व सभी पाठकों को हार्दिक शुभकामनायें !

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  7. बहुत सुंदर प्रस्तुति मेरी रचना को स्थान देने के लिए आपका हार्दिक आभार प्रिय सखी अनिता जी

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  8. बहुत सुंदर चर्चा प्रस्तुति

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