चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Thursday, January 27, 2011

व्यस्तता मे से कुछ पल फ़ुर्सत के्………………चर्चा मंच(411)

दोस्तों
सबसे पहले तो ६२वे गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं .............सबसे पहले तो कुछ झलकियाँ गणतंत्र दिवस की प्रस्तुत हैं जहाँ आप और हम अपने अपने मन की कह रहे हैं और उसके बाद कुछ शायर , लेखक भी अपने अंदाज़-ए-बयां पेश कर रहे हैं .................वक्त कम है आज और काम बहुत है ..........अरे एक तो छुट्टी का दिन ........ऊपर से २६ जनवरी और फिर हमारे यहाँ आदर्श नगर में आज से मृदुल कृष्ण शास्त्री जी की कथा शुरू हो रही है तो वहाँ भी जाना है दिन में .............तो देखिये ना वक्त इजाज़त नहीं दे रहा इसलिए जितने लिंक्स मिल रहे हैं लगा रही हूँ ...................................तो आइये गौर फरमाइए

 अरे भाई जान गन मन ने क्या कसूर किया है ?

 गर्व का क्षण 
 जरूर देखेंगे 
 आपको भी 
आपको भी 
बस सिर्फ एक दिन .......उसके बाद सब भूल जाते हैं 


इस दिन हम स्वयं नहीं वल्कि पूरी दुनिया आंदोलित होती है
 गौरवशाली भारत शब्द ही गर्व भर देता है 

जैसा भी है माना लीजिये बस 
क्यों नहीं जी .......सारे जहाँ से अच्छा है और रहेगा 

नमन है 
बस यही होना चाहिए 

 एक गंगा और चाहिए 
बिल्कुल आखिर मिटटी का क़र्ज़ भी बनता है 


हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में यह शोध किया गया है कि..
 क्या ?????????

 अच्छा ..........क्या आपको ऐसा लगता है ?
 अजी जो चाहे दे दीजिये ..........लेने में तो हम पक्के हैं

अरे वाह...........और क्या चाहिए 


अब दोस्तों कुछ कवितायेँ , कहानियां और आलेख आपके इंतज़ार में हैं ..........ज़रा एक निगाह यहाँ भी डालिए ................

 इसके बाद हम क्या कहें 

कुछ तिलिस्म कभी नहीं टूटते
जलती सुबह .......
और दिल अपना निसार दूं 
 एक तारा ना जाने कहाँ खो गया 
 कौन सुनेगा ?

चलो कोई तो है दुआ करने वाला .........


 बहुत इंतज़ार करवाया ...........


गोया चाँद आसमां  को छोड़ गया हो 
 बहुत जरूरी है 

 कहीं ज़माने की नज़र ना लग जाए 

सास की सेवा !

जैसा बोओगे वैसा ही काटोगे

 चलिए दोस्तों हो गया आज का काम 

अब आपकी बारी है.

39 comments:

  1. गणतन्त्रदिवस के जुड़ अच्छे लिंक पढ़ने को मिले!
    बधाई!

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  2. शुक्रिया...हमेशा की तरह चर्चा मंच के गुलदान में रंग-बिरंगे फूल खिले हैं...इतने सारे लिंक एक जगह पाकर अच्छा लगा...

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  3. कई अच्छे लिंक्स मिले!
    कुछ देखा, कुछ बाद में देखेंगे, फ़ुरसत में... फ़ुरसत से।

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  4. priya vandana ji

    sadar pranam !

    charcha manch men aap ka utkrist
    sankalan (prastuti )nishchit rup se
    prashanshniya hai .aadar karte hain
    kartavya vahan ka . abhar .

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  5. आजकी चर्चा में तो तिरंगे रंग ही छाये रहे ....! शुभकामनायें आपको !

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  6. अच्छे लिंक्स , सुन्दर चर्चा . आभार !

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  7. बहुत बढ़िया चर्चा ,बढ़िया इस लिये भी कि इस चर्चा में देश ,देश भक्ति और देश से जुड़ा चिंतन ही छाया रहा

    मेरी पोस्ट शामिल करने के लिये बहुत बहुत शुक्रिया

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  8. वाह, यहाँ तो बहुत सुन्दर लिंक्स है..गणतंत्र दिवस पर आपको हार्दिक बधाई....'पाखी की दुनिया' में भी आपका स्वागत है .

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  9. एक बार हम फिर से आपके बहुत बहुत आभारी हैं दोस्त की आपकी वजह से मुझे फिर से इतने सारे लोगो के बीच मै आने का मोका मिला और मै अच्छे - अच्छे ब्लोगेर्स से मिल पाई !

    बहुत बहुत शुक्रिया दोस्त !

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  10. तिरंगा यात्रा तो यहाँ सफल रही ! फिर पंडित जी की फोटो देख कर कबाडखाना सजा सा लगा

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  11. गणतन्त्रदिवस के जुड़ अच्छे लिंक पढ़ने को मिले!
    बधाई

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  12. बहुत ही सुन्‍दर चर्चा ...।

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  13. सुव्यवस्थित लिंक चयन. आभार...

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  14. ख़ूबसूरती से पिरोया गया मंच
    आभार
    --

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  15. बहुत मेहनत से आप ने बगिया से फूल चुने हैं.आप अपना अमूल्य समय देकर अच्छे ब्लागरों को ढूँढने की हमारी मेहनत और समय को बचा देते हैं. चर्चा मंच को बहुत शुभ कामनाएं. मेरी पोस्ट को शामिल करने का तहेदिल से शुक्रिया.

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  16. गणतन्त्रदिवस के जुड़ अच्छे लिंक पढ़ने को मिले! आपकी मेहनत सफल हुई,

    मेरी बक बक को स्थान देने के लिए आभार.

    ReplyDelete
  17. गणतन्त्रदिवस के जुड़ अच्छे लिंक पढ़ने को मिले! आपकी मेहनत सफल हुई,

    मेरी बक बक को स्थान देने के लिए आभार.

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  18. आदरणीया वन्दना जी,
    बहुत ही मेहनत से आप अच्छे अच्छे लिंक्स चुनती हैं.
    बहुत ही बढ़िया चर्चा.
    मेरी व्यंग्य कविता को स्थान देने के लिए तहे दिल से शुक्रिया.

    सादर
    ----
    गणतंत्र को नमन करें

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  19. Republic Day ko saarthak bana diya. kuchh anmol aalekh mile aur jinase deshbhakti ki lahar to daud gayi man men.
    ek charcha manch par dher se link ke liye badhai .

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  20. गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं

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  21. वंदना जी,
    गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं !
    आज का मंच तो देश भक्ति के इन्द्रधनुषी रंगों से खूब फब रहा है !

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  22. अच्छी चर्चा.. शुभकामनायें .

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  23. bahut hi achchha laga aapke charchamanch par aakar , dhanyawaad!

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  24. बहुत सुन्दर चर्चा वंदना जी, आपकी चर्चा के मार्फ़त कुछ पोस्ट पढने का सौभाग्य भी मिला, क्योंकि आजकल बहुत ज्यादा यहाँ (ब्लॉगजगत में )उपस्थित नहीं रहता हूँ ! आपने अंत में एक डायलोग मारा "जैसा बोओगे वैसा ही काटोगे " मै आपसे अग्रिम क्षमा के साथ कहूंगा की इसीलिए मैं किसान नहीं बना ! :)

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  25. बहुत बढ़िया चर्चा की है काफी बढ़िया पोस्टें पढ़ने मिली ...आभारी हूँ अपने मेरी पोस्ट को चर्चा में शामिल किया है ....चर्चा मंच के समस्त कलमकारों को और सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ... जय हिंद

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  26. बहुत बढ़िया चर्चा की है काफी बढ़िया पोस्टें पढ़ने मिली ...आभारी हूँ अपने मेरी पोस्ट को चर्चा में शामिल किया है ....चर्चा मंच के समस्त कलमकारों को और सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ... जय हिंद

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  27. वंदना जी
    आपकी मेहनत को सलाम ...शुक्रिया इतनी सारी रचनाओं के लिनक्स देने के लिए

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  28. सुन्दर चर्चा .मेरी पोस्ट शामिल करने के लिये आभार !

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  29. हमेशा की तरह ....जानदार

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  30. bahut aabhar vandana ji, meri rachna ko charchaa manch par shaamil karne keliye.

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  31. सार्थक सार-संकलन . आभार .

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  32. बहुत अच्छी पोस्ट.

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