एक पहेली मगर अपनी सी
नाम ख़त्म !
बेनामियों की क़यामत का काउंटडाउन!
सच में ! वाह क्या बात है फिर तो
अपेक्षाएँ
तभी नाम ये रह जायेगा....
उसके नाम
हाईकु [ hiku]
"धूप अब खिलने लगी है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
हमारे बचपन की स्कूल की फ़ोटो ओर दो अन्य फ़ोटो
आओ, पतंग उड़ायें
आपकी-हमारी गाढ़ी कमाई पर डाका (किस्त-1)...खुशदीप
हम जब देख भी रहे है और जानते भी है मगर फिर भी खामोश हैं…………हम हैं भारतवासी
लकीरें
अध्यात्म कविता - १
याद आते हैं वे लम्हे------------- मिथिलेश
बहुत भीने भीने
झगड़े की जड़ है इन्सान
और अब अन्त मे
अच्छी लिंक्स चुनने के लिये बहुत बहुत बधाई
ReplyDeleteआशा
चर्चा मंच की 401वीं पोस्ट के लिए बधाई!
ReplyDeleteबहुत ही चयनित लिंकों की चर्चा करी है आपने!
@ वंदना जी,
ReplyDeleteगुड मोर्निंग !
म्रत्यु को याद करना आसान नहीं , जबकि एक दिन आनी हम सबको है अतः मुझे लगता है इसे भुलाया न जाए तो शायद कुछ ऐसे काम कर जाएँ जो आम तौर पर नहीं करते हैं ! अतः ऐसा लिखा गया न कि किसी नकारात्मक भावना को लेकर !
आजके आपके दिए लिंक पढ़ रहा हूँ ....
शुभकामनायें
aapke dil ki bat ham sabhi taq bahut achchhe se pahunch gayee.meri post lene ke liye dhanyawad.anya sabhi links me chayan shamta shandar.badhai....
ReplyDeleteसुसंचयन
ReplyDeleteअच्छे लिंक्स ,अच्छी चर्चा मुबारकबाद।
ReplyDeleteचर्चा में आपने अच्छे एवं रोचक आलेखों के लिंक
ReplyDeleteदिए हैं। चर्चा मंच पर सम्मान प्रदान करने के लिए आपका आभारी हूँ।
उपयोगी और सार्थक चर्चा ..आभार
ReplyDeleteSunder charcha ke liye Dhanywad...... achhe links mile hain....
ReplyDeleteसुंदर चर्चा के लिए आभार
ReplyDeleteअच्छे लिंक्स ,अच्छी चर्चा मुबारकबाद।
ReplyDeletevandana ji aapke dwara prastut charcha sadev ullekhniy rahti hai is bar bhi vahi hal hai bas ek prarthna hai ki jo links aap leti hain un lekhakon ka thoda parichay bhi prastut kar saken to char chand lag jayenge...aaj ki charcha ki safalta ke liye badhai
ReplyDeleteवाह वंदना जी!!! क्या खूब चर्चा मंच सजा है. इतने सारे लिंक्स हैं की समझ नही आ रहा कहाँ से शुरू करूँ. कई बार सोचती हूँ की सब पोस्ट पढ़ लूँ फिर प्रतिक्रिया डालूं पर अगर ईमानदारी से करने बैठूं तो शायद चर्चा मंच पर ही प्रतिक्रिया नहीं डाल पाऊँगी सो अक्सर शाम या रात हो जाती है. अब से यहाँ एक बार नज़र डाल कर प्रतिक्रिया लिख दूंगी पोस्ट समय मिलने पर देख लूंगी. वैसे ऊपर से शुरू कर चुकी हूँ दो पोस्ट देख ली हैं
ReplyDeleteऔर हाँ मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए आभार
सुन्दर लिंक्स से सजी बहुत सुन्दर चर्चा.मेरी रचना को चर्चा मंच में शामिल करने के लिए धन्यवाद.
ReplyDeleteअच्छे लिंक्स ,अच्छी चर्चा
ReplyDeleteसुंदर
ReplyDeleteवंदना जी,
ReplyDeleteआज का चर्चा मंच सार्थक लिंकों से सुशोभित हो रहा है !
आपका सफल प्रयास स्तुत्य है !
-ज्ञानचंद मर्मज्ञ
वंदना जी,नमस्कार.सारे ही लिंक एक-से-बढकर एक हैं. सतीश जी की रचना ने भी खासा प्रभावित किया.एक साथ इतने सारे अच्छे ब्लोगों को संकलित करने के लिए धन्यवाद.मेरे पोस्ट को चर्च-मंच-स्थान देने के लिये आभार.
ReplyDeleteबहुत ही सुन्दर चर्चा ...।
ReplyDeleteअच्छे लिंक्स चुने हैं आपने ..बहुत बधाई.बढ़िया चर्चा.
ReplyDeleteसुन्दर चर्चा...
ReplyDeleteभिन्न भिन्न से स्वाद यहाँ पर,
ReplyDeleteभिन्न भिन्न संजोग,
विभिन्नता के मंच पर,
हुए एकजुट लोग..
मेरी रचना शामिल करने के लिए धन्यवाद वंदना जी..
वंदना जी,
ReplyDeleteआपकी चर्चा से बहुत उपयोगी लेखों और कविताओं के लिंक मिल जाते हैं और कई सारे नजर में न पद जाने वाले अच्छे ब्लॉग मिल जाते हैं. इस के लिए आपको हार्दिक धन्यवाद.
मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए भी धन्यवाद!
वंदना जी,
ReplyDeleteआपकी चर्चा से बहुत उपयोगी लेखों और कविताओं के लिंक मिल जाते हैं और कई सारे नजर में न पद जाने वाले अच्छे ब्लॉग मिल जाते हैं. इस के लिए आपको हार्दिक धन्यवाद.
मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए भी धन्यवाद!
वंदना जी.. सरल सरस चर्चा के लिए आभार
ReplyDeleteअच्छी लिंक्स चुनने के लिये बहुत बहुत बधाई
ReplyDeleteबहुत से काम के लिंक मिल गए। हमारे ब्लॉग को इस मंच पर सम्मान देने के लिए शुक्रिया।
ReplyDeleteवंदनाजी,
ReplyDeleteनमस्कार एवं साधुवाद
चर्चा मंच और उसमें आपका योगदान दोनों ही समाज से सरोकार रखने वालों की महती उपलब्धियां हैं. आप सिर्फ़ रचना ही नहीं करती बल्कि रचनाकारों को जोड़ती भी हैं. यह महत्वपूर्ण है. बधाइयाँ और शुभकामनाएं.
नीरज कुमार झा
वंदना जी ......मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए शुक्रिया ......... चर्चा अच्छी लगी
ReplyDelete