चर्चा मंच पर सप्ताह में तीन दिन (रविवार,मंगलवार और बृहस्पतिवार)

को ही चर्चा होगी।

रविवार के चर्चाकार डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक,

मंगलवार के चर्चाकार

श्री दिनेश चन्द्र गुप्ता रविकर

और बृहस्पतिवार के चर्चाकार श्री दिलबाग विर्क होंगे।

समर्थक

Thursday, March 01, 2012

नई पुस्तकें ( चर्चामंच - 805 )

आज की चर्चा में आप सबका स्वागत है
     
सबसे पहले शुरुआत करते हैं नई पुस्तकों से , सुश्री शरद सिंह जी की पुस्तक श्रेष्ठ सिख कथाएँ और साथ ही देखिए चित्रों और शब्दों की जुबानी अंजू चौधरी जी की पहली पुस्तक क्षितिज के विमोचन की रिपोर्ट ब्लॉग अपनों के साथ पर.
गद्य रचनाएं
पद्य रचनाएं 
आज के लिए इतना ही
धन्यवाद 
* * * * *

26 comments:

  1. वाह!
    बहुत सुन्दर चर्चा!
    बहुत बढ़िया लिंक दिये हैं आपने चर्चा में।

    ReplyDelete
  2. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  3. कुछ लिंक्स देख ली कुछ शेष हैं |बढ़िया चर्चा है |
    आशा

    ReplyDelete
  4. दिलबागजी, ये देखकर अच्‍छा लगता है कि आप काफी दिल से लिंक चुनते हैं।
    ------
    ..की-बोर्ड वाली औरतें।
    मूस जी मुस्‍टंडा...

    ReplyDelete
  5. बहुत बहुत आभार |

    सुन्दर और सटीक |
    बड़ी भली बड़ी नीक ||

    ReplyDelete
  6. सुन्दर और पठनीय सूत्र..

    ReplyDelete
  7. सुन्दर चर्चा..मेरी कविता 'चन्दन की चांदनी '..बात जो रही है चर्चा मंच का ..
    आशा है आप स्थान देंगे.
    kalamdaan.blogspot.in

    ReplyDelete
  8. सुन्दर लिंक्स से सुसज्जित चर्चा।

    ReplyDelete
  9. bahut badiya links ke saath sundar charcha prastuti hetu aabhar!

    ReplyDelete
  10. itne sare umda links ke sath meri rachna shamil karne ka bahut bahut shukriya

    ReplyDelete
  11. बहुत बढ़िया चर्चा...ज़्यादातर लिंक्स देख लिए..सभी लाजवाब..

    शुक्रिया दिलबाग जी.

    ReplyDelete
  12. बहुत ही अच्‍छे लिंक्‍स का चयन किया है आपने ...आभार ।

    ReplyDelete
  13. आ0 दिलबाग जी
    मेरे गीत ”मुझ से मेरे गीतो का....."को चर्चा मंच में शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद
    सादर
    आनन्द.पाठक

    ReplyDelete
  14. यकीन मानिए लिंकों ने खुलने में कम आना कानी नहीं की है .हम भी पूरे जिद्दी निकले .अच्छे लिंक्स पढवाए , हमें भी खपाया .बधाई भी शुक्रिया भी आपका .कई मर्तबा कई कई गज़लें पढ़ी टिपण्णी फेल हो गईं .

    ReplyDelete
  15. शुक्रिया,आभार दिलबाग जी !

    ReplyDelete
  16. अच्छे लिंक्स के साथ अच्छी प्रस्तुति...आभार|

    ReplyDelete
  17. charchamanch me mujhe shamil karne ke liye dhanyvad aur saath me bahut saare achche link ke liye bhi aabhar, bahut achcha laga yahan aakar.

    ReplyDelete
  18. बहुत सुन्दर चर्चा!

    ReplyDelete
  19. एक से बढ़िया एक....
    आप तोहफे लाये हैं अनेक.....
    साथ में कुछ मित्र भी..
    नए-पुराने से....

    ReplyDelete
  20. संक्षिप्त किंतु असरदार चर्चा।

    ReplyDelete
  21. कल से इंटरनेट काम नहीं कर रहा था ! आभार आपका दिलबाग जी आपने प्रतिष्ठित चर्चामंच के लिये मेरी रचना का भी चुनाव किया ! टिप्पणी करने में कुछ विलम्ब हो गया उसके लिये खेद है ! होली की शुभकामनायें स्वीकार करें !

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin