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Saturday, March 10, 2012

"फूहड़बाजी कब तक बर्दास्‍त करें?" (चर्चा मंच-814)

नमस्कार मित्रों!
होली तो हो ली!
आ गया शनिवार!
पेश कर रहा हूँ,
अपनी पसन्द के
कुछ लिंक,
सिलसिलेवार!!
कल रविकर जी ने भविष्यवाणी की थी!
आज उनकी भविष्यवाणी पूरी हो गई!
चर्चा मंच पर महेन्द्र मिश्र
800वें समर्थक के रूप में
जुड़ गये हैं!
-0-0-0-
आँखों में तिरते सवाल ,
चाहते हैं जबाब देगा कौन ?
कसाब [कसाई ] या भीड़ जिसने बेच दी अपनी भेड़ ,
खिला कर दाने निचोड़ा दूध....
लहजा चाहे भले ही सख़्त हो मगर
हास्य व्यंग्य मंच में देख लीजिए!
मुलायम की माया !!!
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.कर्म की बाती,
ज्ञान का घृत हो,
प्रीति के दीप जलाओ..
स्त्री-पुरुष विमर्श पर..... डा श्याम गुप्त का उपन्यास.....
जनाब ’सरवर’ की एक ग़ज़ल
जिस क़दर शिकवे थे सब हर्फ़-ए-दुआ होने लगे
हम किसी की आरज़ू में क्या से क्या होने लगे
चुनावों की हलचल और होली का हुल्‍लड़
दोनों ही अब सुस्‍ता रहे हैं।
चुनावों को लेकर मीडिया ने खूब पिचकारी चलाई।
कहीं पिचकारी से ज्‍यादा पानी छूट गया तो कहीं....
कविता के नाम पर फूहड़बाजी
कब तक बर्दास्‍त करें?
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कलियों ने तड़के दरवाज़े को खड़काया,
भंवरों का गुनगुन सीधा कानों में आया,
साथ हवा के मीठी-मीठी खुशबू आयी,
पेड़ों की हर शाखों ने हलके से किसलय को सहलाया.
कहो-...जन्म-दिवस है आया.......

सुर्ख जोड़े में सजी प्यारी बिटिया*
*हीरे की कणी सबसे न्यारी बिटिया|*
*भाई बहनों की नटखट दुलारी बिटिया*
होली समापन पर एक भोजपुरी गीत....
काहे नS रंगवा लगउलु हो गोरिया ...काहे नS रंगवा लगउलु ?
अपने नS अईलु न हमके बोलऊलु ,
’कजरी’ के हाथे नS चिठिया पठऊलु होली में
मनवा जोहत रहS गईलस. केकरा से... .

इक्यावन में एक, भाय मुद्रा डूलारी
सारी मुद्राएँ हमें, भाय भाय भरमाय ।
शक्ल अक्ल को गुम करे, मन-तबियत हरियाय ।
मन-तबियत हरियाय, रूप बहु-रुपिया धारे।
समझूँ बप्पा-माय, लगे घर पुन: पधारे ।

मैं भेज रहा हूँ तुमको, तुम भी मुझको होली भेजो…
इन्द्रधनुष से लेकर सात रंग घोला है
इसमें मैंने आठवां रंग - स्नेह का , दुआओं का ,
आशीषों का होली की शुभकामनायें ...

अनजानी (ब्लॉग) राहों पर चलना संभल के ---
होली के अवसर पर हर वर्ष डॉक्टर्स की विभिन्न संस्थाएं
अपने अपने क्षेत्र में होली मनाती हैं ।
रात को होने वाले कार्यक्रम में कॉकटेल डिनर होता है ।
कबीर के श्लोक -
*कबीर निरमल बूंद अकास की परि गई भुमि बिकार॥*
*बिनु संगति इऊ मांनई होइ गई भठ छार॥१९५॥
चीख

चीख सुदर्शी सौन्धी मार्च की मस्त सुबह ।
चार बजे नामालूम सी धुंध ।
बादलों के पार से झांकता उजाला ।
उसने शाल कसकर अपने चारों तरफ लपेट लिया।
राष्ट्रवादी लेखकों के फेस-बुक अकाउंट बंद !
धन्य हैं वे सभी फेसबुकिये, जिनके लेखन से डरकर
'चिम्पांजी सरकार' उनके अकाउंट बंद कर रही है ।
और लानत है उन सब पर जिनके खाते अभी तक चालू हैं।
आओ हम होली मनाये मेट कर मन की कलुषता,
प्यार की गंगा बहाये आओ हम होली मनाये
अहम् का जब हिरनकश्यप,प्रबल हो उत्पात करता...
घर की रानी

अपनी माँ की विविध रसों की रचनाएं मैं आपको पढ़वा चुकी हूँ!
होली का मस्ती भरा त्यौहार है
आज आपको उनकी एक बिलकुल ही नये रसरंग की
रचना पढ़वाने जा रही हूँ

नवजात पर पर्याप्त ध्यान दे लेने के बाद ही गर्भधारण उचित
दो साल से कम उम्र का बच्चा पूरी तरह माँ पर निर्भर रहता है।
अगर इस दौरान वह फिर गर्भवती हो जाती है तो
बच्चे पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाएगी।
दोहवाली --- भाग -2 / कबीर

जन्म --- 1398 निधन --- 1518
जहाँ दया तहाँ धर्म है, जहाँ लोभ तहाँ पाप ।
जहाँ क्रोध तहाँ पाप है, जहाँ क्षमा तहाँ आप ॥ 11 ॥
बेटियाँ (क्षणिकाएं)

*(१)
* सुबह सुबह कँवल की पांखुरी पर थिरकती...
शबनम की वह बूँद कितनी खुश...
कितनी प्यारी लग रही है....
उसे कहाँ पता है..
अभी कुछ ही देर में .....
विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स

बी-विटामिन्स पानी में घुलनशील विटामिन्स का एक समूह है।
ये विटामिन चयापचय के लिए महत्वपूर्ण हैं।
माँ-बाप को ही दे दिया इतना बड़ा धोखा !
*माँ-बाप जिन बच्चों को नाज़ों से पालते ;*
*होकर बड़े क्यों वे उन्हें घर से निकलते ?*
और अब नरेन्द्र कुमार
सत्येन्द्र कुमार की याद है आपको,
वही इन्जीनियर जिसने बाजपेई जी को चिट्ठी लिखकर
सड़क के निर्माण में हो रहे घोटालों की जानकारी दी थी.
क्या हुआ, मार दिया गया
गुणकारी अवोकाडो.
Natural Wonders: Avocado

सुस्वादु होने के अलावा फोलिक एसिड ,पोटेशियम ,विटामिन ई ,
बी समूह के विटामिनों ,खाद्य रेशों का भण्डार है
पंक में खिला कमल।।

हाय-हाय हो रही,
गली-गली में शोर है,
रात ढल गई मगर,
तम से भरी भोर है,
बादलों में घिर गया,
भास्कर अमल-धवल।
अंक है धवल-धवल।
पंक में खिला कमल।।
मेरा फोटो
नाम एक है लेकिन फर्क देखिये ......
*किसका बेडा पार हुआ ,*
*किसका हुआ है **गर्क देखिये .*......
गैलरी
आवाजों की छतें
हथेलियों सी दीवारें
तुम्हारे होने का अंतिम वाक्य है
दोपहरों की तरह
इन खाली कमरों में
चितेरों लौट आए तुम....
बेगुनाह चच्चा ने खेली एक अनूठी होली

कभी महंगाई ने होली खेली,
कभी लापरवाह नेताओं के ऊल-जलूल बयानों ने,
लेकिन > चच्च...
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*किसी दिल में कहीं जब प्यार की तस्वीर बनती है *
*कभी सोनी कभी शीरी कभी इक हीर बनती है....
खेलें मसाने में होरी दिगंबर
पंडित छन्नूलाल मिश्र सुना रहे हैं अपनी विख्यात रचना.
आप सब को होली की शुभकामनाएं -
यही रचना थोडा अलग अंदाज़ में
मालिनी अवस्थी और साथियों के स्वर में -
मुहब्बत का गुनाह सचमुच बहुत बड़ा है

सोचती हूँ-खुद के तखै़युल से,
अपने देश से, अपने देश के लोगो से,
और तमाम दुनिया के लोगों से-
यानी खुदा की तखलीक से
मेरी मुहब्बत का गुनाह सचमुच बहुत बड़ा है, ...
वर्तमान

“सदैव वर्तमान में उपस्थित रहने से आपका क्या तात्पर्य है?”,
शिष्य ने गुरु से पूछा.
गुरु ने शिष्य को एक छोटी जलधारा के पार तक चलने के लिए कहा.
जलधारा के बीच ...
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भ्रूण-हत्या आघात, पाय न पातक पानी
बेटियाँ (क्षणिकाएं) एहसासात...
अनकहे लफ्ज़.
संजय की दृष्टी सजग, जात्य-जगत जा जाग ।
जीवन में जागे नहीं, लगे पिता पर दाग ।
-0-0-0-
खाम-खुमारी कान धर, धर नीचे हथियार ।
उतर उड़नछू भाग अब, मस्त गए दिन चार ।
मस्त गए दिन चार, चुनावी चर्चा होली ।
छह छह पैग उतार, भाँग की खा खा गोली...
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस..कुछ पंक्तियाँ.. ...
"नारी का शोषण ना थम सकेगा कभी..
प्रयत्न करके देखलो सभी..
जो पाना है स्वयं को लक्ष्य..
मानव सभ्यता की धुरी हैं हमारे खेत-3

हमने किसानों के विकास के लिए
तेज औद्योगिकीकरण का रास्ता नहीं अपनाया।
मैन्यूफैक्चरिंग से सेवाक्षेत्र की ओर
समूचे विकास की दिशा को मोड़ दिया है...
एक शर्त हमारी (ताँका)

*ज्योत्स्ना शर्मा*
*1*
*चाहें न चाहें***
*हम कहें न कहें***
*नियति *
*-नटी*
*बस यूँ ही नचाए***
*रंग सारे दिखाए** ।.....
यू पी लुटी बहार, हुई है स पा मीनिया
Akhilesh Yadav: the making of a leader
टेनिया को बोला गया, जमा करो सौ हार ।
अपनी पार्टी का बढ़े, यू पी में आधार ।
यू पी में आधार, तीन पीढ़ी आ धमकी ।
राहुल में है धार, नहीं ...
"होली " वेदों-पुराणों में इससे स
मेरा फोटोम्बंधित
अनेक कथाएं मिलती हैं।
पर इतने उल्लास, खुशी, उमंग, वैमन्सय निवारक
त्यौहार का स्वरूप आज विकृत होता या किया जा रहा है।
हंसी-मजाक की जगह अश्लील गाने, फूहड़ नाच, कुत्सित विचार...
RTE के अंतर्गत पहली से लेकर आठवीं तक के
किसी भी विद्यार्थी को फेल नहीं करना ,
उसका नाम नहीं काटना ।
अन्त में -

15 comments:

  1. अच्छी लिंक्स और चर्चा |कार्टून बहुत अच्छा लगा |
    आशा

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  2. जी --
    ८०० वें समर्थक पर चर्चा-मंच को बधाई |
    हमेशा की तरह मनभावन चर्चा ||

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  3. बढ़िया लिंक्स हैं.

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  4. ऐसा संभवतः पहली बार है जब मेरे ब्लॉग की दो पोस्ट को स्थान दिया गया है। कुछ चयनित पोस्ट बेहद महत्वपूर्ण हैं।

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  5. संयत एवं सार्थक चर्चा ! 'उन्मना' से 'घर की रानी' के चयन के लिये आपका धन्यवाद एवं आभार !

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  6. bahut sundar links laye hain.....mujhe shamil karne ke liye bahut-bahut dhanybad.

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  7. बढ़िया हैं ...शुक्रिया बहुत बहुत

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  8. bahut sundar rang bikherti charcha prastuti hetu aabhar!

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  9. संयत एवं सार्थक चर्चा
    आपका आभार

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  10. उत्तर होली चर्चा भी नमकीन रही .मनभावन रंगीन रही .

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  11. चर्चामंच मे ज्ञान्सिन्धु को शामिल करने के लिये धन्यवाद्। चर्चामन्च मे चयनित की गयी पोस्टे अच्छी होती है ।मै अक्सर उन्हें पदता हूं।रोज़ का चर्चा मन्च पढने पर ब्लोगों प सर्फ़ करने की जरुरत नहीं रहती है

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  12. सुन्दर चर्चा... सार्थक लिंक्स...
    सादर आभार.

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  13. बहुत मेहनत से तैयार की गई सुन्दर विस्तृत चर्चा के लिए बधाई और आभार ।

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