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Tuesday, January 05, 2016

नहीं हड्डियां जीभ में, पर ताकत भरपूर; चर्चा मंच 2212



Satish Saxena 

Kailash Sharma 

vandana gupta 


pramod joshi 

 .
"कुछ कहना है"

रविकर 

(१)
चाहे जैसे धन मिले, रहे निधन तक चाह |
निर्धन होवे या धनी, कहाँ करें परवाह ||
(२)
नहीं हड्डियां जीभ में, पर ताकत भरपूर |
तुड़वा सकती हड्डियां, देखो कभी जरूर ||
Rajesh Shrivastav 
विजय राज बली माथुर 
devyani 
deepti sharma 
देवेन्द्र पाण्डेय 
udaya veer singh 
रूपचन्द्र शास्त्री मयंक 

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