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Saturday, May 05, 2018

"इंतजार रहेगा" (चर्चा अंक-2961)

मित्रों! 
शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। 

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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बाल उपन्यास 

बालकुंज पर सुधाकल्प  
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बोला था चलता हुआ वर्ष - 

जाते-जाते यह उचित लगा ओ मीत,  
तुम्हें कर दूँ सतर्क.  
मैं भी था अतिथि , 
एक दिन तुम सा ही आदृत,  
ऐसे ही चाव कोलाहल-सँग पाया था  
मैंने भी स्वागत सत्कार... 
शिप्रा की लहरें पर प्रतिभा सक्सेना 
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पलाश का पत्र-  

पाठ्कों केलिये 

डॉ. अपर्णा त्रिपाठी  
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आप सभी के शुभाशीष की आकांक्षिणी
मेरी बेटी स्वाति का आज जन्मदिन है।
पूरे परिवार की यह कामना है कि 
वह हँसी और खुशी के साथ
जीवन पथ पर अग्रसर रहे।
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पाकर तुझको धन्य हो गई मेरी बिटिया प्यारी।
सारा जग प्यारा लगता है,पर तू है जग से न्यारी... 
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जब तक तेरी इन आँखों...।। 

जब तक तेरी इन आँखों को, इंतजार रहेगा।  
तब तक मेरी इन आँखों में ,प्यार रहेगा... 
kamlesh chander verma  
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7 comments:

  1. शुभ प्रभात
    आभार
    सादर

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  2. उम्दा चर्चा। मेरी रचना शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, आदरणीय शास्त्री जी।

    ReplyDelete
  3. सुंदर चर्चा. मेरी रचना को स्थान देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय शास्त्री जी

    ReplyDelete
  4. सदा की तरह उम्दा चर्चा

    ReplyDelete
  5. बहुत सुन्दर सूत्र एवं बहतरीन चर्चा आज की ! मेरी रचना को भी आपने सम्मिलित किया आपका हृदय से धन्यवाद एवं आभार शास्त्री जी !

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  6. सुन्दर चर्चा बधाई,

    मेरे हिन्दी ब्लॉग "हिन्दी कविता मंच" पर "अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस" के नए पोस्ट "मजदूर - https://hindikavitamanch.blogspot.in/2018/05/world-labor-day.html " पर भी पधारे और अपने विचार प्रकट करें|

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"ज्ञान न कोई दान" (चर्चा अंक-3190)

मित्रों!  बुधवार की चर्चा में आपका स्वागत है।   देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।   (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') -- दोहे   &q...