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बुधवार-श्री कमल सिंह (नारद) बृहस्पतिवार- श्री दिलबाग विर्क,

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Thursday, January 19, 2012

( छंदों में आजमाएँ हाथ ) चर्चा मंच - 763

आज की चर्चा में आप सबका हार्दिक स्वागत है 
एक छन्दमय आयोजन चल रहा है ओपन बुक्स ऑनलाइन पर. शुक्रवार इस आयोजन का अंतिम दिन है चित्र देखिए, छंद लिखिए और भाग लीजिए प्रतियोगिता में. 
आज की चर्चा 
गद्य रचनाएं

पद्य रचनाएं 
बाल रचनाएं 


अंत में पढ़िए हिंदी चेतना का जनवरी - मार्च अंक  

22 टिप्पणियाँ !:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) January 19, 2012 6:44 AM  

आज की चर्चा में गद्य और पद्य का मणिकांचन संयोग बहुत बढ़िया रहा!

अनुपमा त्रिपाठी... January 19, 2012 9:23 AM  

दिलबाग जी आभार मेरी रचना को चर्चा मंच पर लेने के लिए ...!!
बहुत बढ़िया लिंक्स हैं आज ...!!

ajit gupta January 19, 2012 9:34 AM  

अच्‍छी चर्चा है। कई लिंक मिल गए, आभार।

प्रवीण पाण्डेय January 19, 2012 9:42 AM  

सुन्दर और पठनीय सूत्र

DR. ANWER JAMAL January 19, 2012 9:48 AM  

Nice .

अमेरिका और यूरोप में क्या
होता है औरत के साथ घर से बाहर , कार्यस्थल पर ही , देखिए :
कार्यस्थल
पर बेलगाम यौन शोषण


http://auratkihaqiqat.blogspot.com/2011/03/women-in-society-word-gift-for.html

न्यूयार्क। कार्यस्थल पर महिला कर्मियों का यौन शोषण रोकने के लिए चाहे
कितने ही कानून बन जाएं लेकिन इस पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है।
अमर उजाला 12 अगस्त, 2010

dheerendra January 19, 2012 10:06 AM  

बहुत सुंदर पाठनीय सूत्र.....
welcome to new post...वाह रे मंहगाई

Ganesh Jee "Bagi" January 19, 2012 10:33 AM  

आदरणीय दिलबाग "विर्क" जी , चर्चा मंच पर ओ बी ओ "चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता की चर्चा करने हेतु आभार, इस त्रिदिवसीय प्रतियोगिता का आज दूसरा दिन है कल यानी तीसरे दिन रात्रि १२.०० बजते इस कार्यक्रम का समापन कर दिया जायेगा, तत्पश्चात प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार विजेताओं को क्रमश: रु १००१, ५०१, व् २५१ का नगद पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र ओपन बुक्स ऑनलाइन द्वारा प्रदान किया जायेगा |
एक बार चर्चा मंच को पुनः आभार |

पी.सी.गोदियाल "परचेत" January 19, 2012 10:45 AM  

Sundar Prastuti !

ऋता शेखर मधु January 19, 2012 10:49 AM  

सुसज्जित चर्चा...पठनीय लिंक्स,आभार!

कविता रावत January 19, 2012 10:52 AM  

बहुत बढ़िया लिंक्स से सजी चर्चा प्रस्तुति के लिए आभार!

पी.सी.गोदियाल "परचेत" January 19, 2012 11:25 AM  

अंग पीतवसन, बांसुरी कर,

कंठ माला और मुकुट सर,

कान्हा को गोद धर,

बैठकर दुपहिये पर,

जा रहे वसु-देबकी,

नन्द-जसोदा के घर !

छुट्टियां ख़त्म हुई बांसुरी वाल की,

मिलकर बोलो, जय नन्द लाल की !

सदा January 19, 2012 11:34 AM  

बहुत ही अच्‍छे लिंक्‍स का चयन किया है आपने ।

वन्दना January 19, 2012 11:53 AM  

सुन्दर व रोचक चर्चा।

N.B. Nazeel January 19, 2012 3:51 PM  

बहुत बढ़िया चर्चा दिलबाग जी ...हार्दिक बधाई ..:)

सुमित प्रताप सिंह January 19, 2012 4:46 PM  

मेरी पोस्ट की चर्चा करने व ढेर सारे बढ़िया लिंक्स देने के लिए आभार दिलबाग विर्क जी...

अनुपमा पाठक January 19, 2012 5:19 PM  

सुन्दर चर्चा!

डा.राजेंद्र तेला"निरंतर"(Dr.Rajendra Tela,Nirantar)" January 19, 2012 5:29 PM  

bloggers ke liye charchaa manch
kisi gaanv ke chaupaal se kam nahee hai,
har din binaa yahaan aaye kaam nahee chaltaa

Maheshwari kaneri January 19, 2012 7:16 PM  

बहुत अच्छे लिक्स है.. मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार...

शिखा कौशिक January 19, 2012 9:36 PM  

bahut achchhe links se saji hai aaj ki charcha .badhai

Atul Shrivastava January 19, 2012 11:30 PM  

बढिया चर्चा।
अच्‍छे लिंक्‍स।

ईं.प्रदीप कुमार साहनी January 20, 2012 1:26 AM  

उम्दा सूत्रों का बेहतरीन समायोजन । आभार ।

Manish January 30, 2012 5:59 PM  

परीक्षाओं के चलते अन्तर्जाल की दुनिया से कट गया था.. यहाँ वापस आया तो देखा.. बेहतरीन सामग्री पड़ी है.. यात्राओं को विशेष रूप से पढ़ा.. यात्रायें भविष्य दिखाती है.. क्या पता हम भी सफर पे निकल पड़े.. :)

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