आज का पूरा दिन एक बार फिर व्यस्त रहा। कभी कभी हम जो सोचते हैं वो नहीं हो पाता...... कल शाम से ही कार्यक्रम बन गया था कि आज सुबह सबसे पहले मंदिर जाएंगे और इसके बाद कहीं घूमने.... पर रात होते होते शाम का बना कार्यक्रम जैसे ध्वस्त होने लगा। रात 11 बजे अस्पताल जाना पडा एक खबर को कवर करने और इसके बाद देर रात एक बजे के आसपास फुर्सत मिल पाई। दूसरे दिन सुबह फिर उसी खबर को लेकर अस्पताल और फिर दिन भर निकल गया दूसरी खबर को कवर करने में। बीच बीच में नेट का चक्कर भी लगाता रहा और ब्लाग जगत का हालचाल, फेसबुक की हलचल जानता रहा। शुक्रवार को मेरा जन्मदिन था, खूब बधाईयां मिलीं पर पिकनिक का प्रोग्राम नहीं जम पाया, सो मेरी छोटी सी बिटिया नाराज रही मुझसे। मैं भी इसी उहापोह में रहा कि उमर बढ गई या कम हो गई.......????
दिन भर के काम से छुट्टी पाकर चर्चा मंच सजाने बैठा तो सबसे पहले नजर पडी अखबार पर और फिर नयन ताकते रहे
यहां भी है नाराजगी। वो कहती हैं कि तुमने देर कर दी आने में
और ये कहती हैं परवाह नहीं किसी की क्योंकि प्रिये तुम....
इधर आस ने अपना रूप विस्तार किया और उधर इसे चाल कहते हैं परिवर्तन नहीं !
इनका अंदाज है निराला। इस बार लाए हैं ये ग़ज़ल
और श्वेत चादर .........! में लिपटी है इनकी हाईकू रचनाएं.....
वाह! क्या शमां है, जल रहा चिराग है ऐसे में रूक भी जाईए, ना जाओ तुम अबकी बार और इसे देखिए वो है खूबसूरत ऐसी कि मानो उसे चाँद ने सबसे छुपा के गढ़ा था...
स्वार्थ और चारित्रिक पतन कहां नहीं होता। बडे अफसोस की बात है, इंसान तो इंसान ये अमरबेल भी ....... मिलते कहां हैं अब हमदर्द दिक्कतें हर जगह हैं, सही है समस्या घर घर की, क्या आपका बच्चा भी दूध से चिढ़ता है?
ब्लागरी के अपने मजे हैं। लिखते रहो, पढते रहो..... और इसी लेखन के दौरान संबंध भी बनाते रहो। सीखते रहो, सीखाते रहो। इनका कहना सही ही है ब्लॉगर्स के लिए उपयोगी होगा रचना शिविर
और अब लीजिए टिप्पणियों का जवाब देने की सुविधा ब्लॉगर पर भी शुरू
ब्लागरी के जलवे तो देखिए इनकी बात खत्म नहीं हुई, फ्लाइट का समय हो गया ...
आखिर में पढिए आज का सदविचार
और मनाईए भाईचारे को बढ़ाने वाला त्योहार लोहडी़
दीजिए मुझे इजाजत अगले शनिवार तक के लिए......पर चर्चा जारी रहेगी पूरे सात दिन........
दिन भर के काम से छुट्टी पाकर चर्चा मंच सजाने बैठा तो सबसे पहले नजर पडी अखबार पर और फिर नयन ताकते रहे
_________________________
इधर शालिनी जी कह रही हैं-
_________________________
वो कहते हैं मैं उसूलों पर चलता हूँ और ये कहती हैं कुछ टूटा यहां भी है नाराजगी। वो कहती हैं कि तुमने देर कर दी आने में
और ये कहती हैं परवाह नहीं किसी की क्योंकि प्रिये तुम....
इधर आस ने अपना रूप विस्तार किया और उधर इसे चाल कहते हैं परिवर्तन नहीं !
इनका अंदाज है निराला। इस बार लाए हैं ये ग़ज़ल
और श्वेत चादर .........! में लिपटी है इनकी हाईकू रचनाएं.....
वाह! क्या शमां है, जल रहा चिराग है ऐसे में रूक भी जाईए, ना जाओ तुम अबकी बार और इसे देखिए वो है खूबसूरत ऐसी कि मानो उसे चाँद ने सबसे छुपा के गढ़ा था...
स्वार्थ और चारित्रिक पतन कहां नहीं होता। बडे अफसोस की बात है, इंसान तो इंसान ये अमरबेल भी ....... मिलते कहां हैं अब हमदर्द दिक्कतें हर जगह हैं, सही है समस्या घर घर की, क्या आपका बच्चा भी दूध से चिढ़ता है?
ब्लागरी के अपने मजे हैं। लिखते रहो, पढते रहो..... और इसी लेखन के दौरान संबंध भी बनाते रहो। सीखते रहो, सीखाते रहो। इनका कहना सही ही है ब्लॉगर्स के लिए उपयोगी होगा रचना शिविर
और अब लीजिए टिप्पणियों का जवाब देने की सुविधा ब्लॉगर पर भी शुरू
ब्लागरी के जलवे तो देखिए इनकी बात खत्म नहीं हुई, फ्लाइट का समय हो गया ...
आखिर में पढिए आज का सदविचार
और मनाईए भाईचारे को बढ़ाने वाला त्योहार लोहडी़
दीजिए मुझे इजाजत अगले शनिवार तक के लिए......पर चर्चा जारी रहेगी पूरे सात दिन........
चर्चा मंच का उपहार!
जवाब देंहटाएंशब्दों में लिंको की बहार।।
आपका आभार!!!
--
अतुल जी को जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अतुल जी जन्म दिन शुभ और मंगलमय हो अच्छी चर्चा अच्छी लिंक्स |
जवाब देंहटाएंआशा
प्रभावी सूत्र..
जवाब देंहटाएंजन्मदिन की बहुत बहुत बधाई !
जवाब देंहटाएंमेरी रचना चर्चा मंच में शामिल करने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद !
अतुल जी सालगिरह बहुत बहुत मुबारक हो
जवाब देंहटाएंबढ़िया चर्चा और लिंक्स
चर्चा मंच पर मेरे 'अखबार ' को शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद व आभार ..आशा करती हूँ सभी पढेंगे ..
जवाब देंहटाएंचर्चा मंच पर आने वाले सभी पाठकों को 'मकर संक्रांति ' व 'उत्तरायण' की हार्दिक शुभकामनायें ..
kalamdaan.blogspot.com
bahut sundar charcha,achche link mile.belated happy b,day.
जवाब देंहटाएंजन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें अतुल जी ! सुन्दर लिंक्स से सजी बेहतरीन चर्चा ! आभार !
जवाब देंहटाएंसुन्दर संयोजन... सुन्दर चर्चा!
जवाब देंहटाएंअनुशील को भी शामिल किया... आभार!
Belated birthday wishes, Atul ji!!!
links kaa rang birangaa ,man bhaavan melaa
जवाब देंहटाएंachhaa lagaa ,atulji aivam charchaa manch se jude sabhee mahanubhaavon ko dhanywaad
बहुत सुन्दर चर्चा..आपका आभार |
जवाब देंहटाएंnice .
जवाब देंहटाएंसुंदर
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर चर्चा आभार
जवाब देंहटाएंभाई अतुल जी,
जवाब देंहटाएंदेर से ही सही आपको जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाए।
सच बताऊं मै इसी समर्पण को सैल्यूट करता हूं कि ब्लाग की जिम्मेदारी को भी आप सब चर्चाकार बहुत ही गंभीरता से लेते हैं, जन्मदिन होने के बाद भी आपने रात में इस काम को बखूबी अंजाम दिया।
मेरे ब्लाग को भी आपने स्थान दिया है, बहुत बहुत आभार..
atul ji pranam....
जवाब देंहटाएंsarvpratham apko makrsakranti ki anant shubhkamnayen...
charchmanch mein yah meri pratham rachna hai jise sthan mila hai...esse mere utsah mein badottari hui hai...
apka hardik abhar...
जन्म-दिन की ढेरों शुभकामनाएं...बहुत सुन्दर चर्चा सजाई है आपने...मेरा भी आलेख शामिल करने के लिए बहुत-बहुत आभार
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर लिंक्स...अतुल जी को जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनायें...मेरी रचना शामिल करने के लिये आभार ..
जवाब देंहटाएंरोचक प्रस्तुति.
जवाब देंहटाएंजन्मदिन मुबारक .....
जवाब देंहटाएंबहुत हि अच्छे एवं रोचक लिंक्स है
मेरी रचना को भी शामिल करने के लिये आपका आभार --
मकर संक्रांति का त्यौहार
जवाब देंहटाएंमंच में सुंदर लिंकों की बहार
रचना शामिल करने के लिए
अतुलजी आपको बहुत२ आभार,
बहुत अच्छी सुंदर प्रस्तुति,
new post--काव्यान्जलि : हमदर्द.....
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें अतुल जी ...बहुत सुन्दर चर्चा आभार...
जवाब देंहटाएंजन्म-दिन की ढेरों शुभकामनाएं
जवाब देंहटाएंआभार...
janm din ki hardik shubhkamnaye atul ji
जवाब देंहटाएंbahut hi umda prastuti hai charcha manch par ....................abhar hamen bhi shamil karne ke liye .
बहुत ही मनभावन पोस्ट झांकियां और एक से बढकर एक पोस्ट लिंक्स । बहुत बहुत शुभकामनाएं
जवाब देंहटाएंआभार आप सबका।
जवाब देंहटाएंsundar charcha atul ji....
जवाब देंहटाएं