समर्थक

Saturday, January 14, 2012

उसे चाँद ने सबसे छुपा के गढ़ा था........ (चर्चा मंच 757)

आज का पूरा दिन एक बार फिर व्‍यस्‍त रहा। कभी कभी हम जो सोचते हैं वो नहीं हो पाता...... कल शाम से ही कार्यक्रम बन गया था कि आज सुबह सबसे पहले मंदिर जाएंगे और इसके बाद कहीं घूमने.... पर रात होते होते शाम का बना कार्यक्रम जैसे ध्‍वस्‍त होने लगा। रात 11 बजे अस्‍पताल जाना पडा एक खबर को कवर करने और इसके बाद देर रात एक बजे के आसपास फुर्सत मिल पाई। दूसरे दिन सुबह फिर उसी खबर को लेकर अस्‍पताल और फिर दिन भर निकल गया दूसरी खबर को कवर करने में। बीच बीच में नेट का चक्‍कर भी लगाता रहा और ब्‍लाग जगत का हालचाल, फेसबुक की हलचल जानता रहा। शुक्रवार को मेरा जन्‍मदिन था, खूब बधाईयां मिलीं पर पिकनिक का प्रोग्राम नहीं जम पाया, सो मेरी छोटी सी बिटिया नाराज रही मुझसे। मैं भी इसी उहापोह में रहा कि उमर बढ गई या कम हो गई.......????
दिन भर के काम से छुट्टी पाकर चर्चा मंच सजाने बैठा तो सबसे पहले नजर पडी अखबार  पर  और फिर नयन ताकते रहे
_________________________
मेरा फोटो
इधर शालिनी जी कह रही हैं-
_________________________
वो कहते हैं मैं उसूलों पर चलता हूँ  और  ये कहती हैं कुछ टूटा
यहां भी है नाराजगी। वो कहती हैं कि तुमने देर कर दी आने में
और ये कहती हैं परवाह नहीं किसी की क्‍योंकि प्रिये तुम....
 इधर आस ने अपना रूप विस्‍तार किया  और उधर इसे चाल कहते हैं परिवर्तन नहीं !
  इनका अंदाज है निराला। इस बार लाए हैं ये ग़ज़ल 
और श्वेत चादर .........!   में लिपटी है इनकी हाईकू रचनाएं..... 
वाह! क्‍या शमां है, जल रहा चिराग है    ऐसे में रूक भी जाईए,  ना जाओ तुम अबकी बार   और इसे देखिए वो है खूबसूरत ऐसी कि मानो उसे चाँद ने सबसे छुपा के गढ़ा था... 
  स्‍वार्थ और चारित्रिक पतन कहां नहीं होता। बडे अफसोस की बात  है,  इंसान तो इंसान ये  अमरबेल भी ....... मिलते कहां हैं अब हमदर्द  दिक्‍कतें हर जगह हैं, सही है समस्‍या घर घर की, क्या आपका बच्चा भी दूध से चिढ़ता है? 
ब्‍लागरी के अपने मजे हैं।  लिखते रहो, पढते रहो..... और इसी लेखन के दौरान संबंध भी बनाते रहो। सीखते रहो, सीखाते रहो। इनका कहना सही ही है ब्लॉगर्स के लिए उपयोगी होगा रचना शिविर 
और अब लीजिए टिप्पणियों का जवाब देने की सुविधा ब्लॉगर पर भी शुरू
ब्‍लागरी के जलवे तो देखिए इनकी बात खत्म नहीं हुई, फ्लाइट का समय हो गया ... 
 
आखिर में पढिए आज का सदविचार 
और मनाईए भाईचारे को बढ़ाने वाला त्योहार लोहडी़
दीजिए मुझे इजाजत अगले शनिवार तक के लिए......पर चर्चा जारी रहेगी पूरे सात दिन........  

28 comments:

  1. चर्चा मंच का उपहार!
    शब्दों में लिंको की बहार।।
    आपका आभार!!!
    --
    अतुल जी को जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"

    ReplyDelete
  2. अतुल जी जन्म दिन शुभ और मंगलमय हो अच्छी चर्चा अच्छी लिंक्स |
    आशा

    ReplyDelete
  3. जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई !
    मेरी रचना चर्चा मंच में शामिल करने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद !

    ReplyDelete
  4. अतुल जी सालगिरह बहुत बहुत मुबारक हो
    बढ़िया चर्चा और लिंक्स

    ReplyDelete
  5. चर्चा मंच पर मेरे 'अखबार ' को शामिल करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद व आभार ..आशा करती हूँ सभी पढेंगे ..
    चर्चा मंच पर आने वाले सभी पाठकों को 'मकर संक्रांति ' व 'उत्तरायण' की हार्दिक शुभकामनायें ..
    kalamdaan.blogspot.com

    ReplyDelete
  6. bahut sundar charcha,achche link mile.belated happy b,day.

    ReplyDelete
  7. जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें अतुल जी ! सुन्दर लिंक्स से सजी बेहतरीन चर्चा ! आभार !

    ReplyDelete
  8. सुन्दर संयोजन... सुन्दर चर्चा!
    अनुशील को भी शामिल किया... आभार!

    Belated birthday wishes, Atul ji!!!

    ReplyDelete
  9. links kaa rang birangaa ,man bhaavan melaa
    achhaa lagaa ,atulji aivam charchaa manch se jude sabhee mahanubhaavon ko dhanywaad

    ReplyDelete
  10. बहुत सुन्दर चर्चा..आपका आभार |

    ReplyDelete
  11. भाई अतुल जी,
    देर से ही सही आपको जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाए।
    सच बताऊं मै इसी समर्पण को सैल्यूट करता हूं कि ब्लाग की जिम्मेदारी को भी आप सब चर्चाकार बहुत ही गंभीरता से लेते हैं, जन्मदिन होने के बाद भी आपने रात में इस काम को बखूबी अंजाम दिया।
    मेरे ब्लाग को भी आपने स्थान दिया है, बहुत बहुत आभार..

    ReplyDelete
  12. atul ji pranam....

    sarvpratham apko makrsakranti ki anant shubhkamnayen...

    charchmanch mein yah meri pratham rachna hai jise sthan mila hai...esse mere utsah mein badottari hui hai...
    apka hardik abhar...

    ReplyDelete
  13. जन्म-दिन की ढेरों शुभकामनाएं...बहुत सुन्दर चर्चा सजाई है आपने...मेरा भी आलेख शामिल करने के लिए बहुत-बहुत आभार

    ReplyDelete
  14. बहुत सुन्दर लिंक्स...अतुल जी को जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनायें...मेरी रचना शामिल करने के लिये आभार ..

    ReplyDelete
  15. रोचक प्रस्तुति.

    ReplyDelete
  16. जन्मदिन मुबारक .....
    बहुत हि अच्छे एवं रोचक लिंक्स है
    मेरी रचना को भी शामिल करने के लिये आपका आभार --

    ReplyDelete
  17. मकर संक्रांति का त्यौहार
    मंच में सुंदर लिंकों की बहार
    रचना शामिल करने के लिए
    अतुलजी आपको बहुत२ आभार,
    बहुत अच्छी सुंदर प्रस्तुति,
    new post--काव्यान्जलि : हमदर्द.....

    ReplyDelete
  18. जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें अतुल जी ...बहुत सुन्दर चर्चा आभार...

    ReplyDelete
  19. जन्म-दिन की ढेरों शुभकामनाएं
    आभार...

    ReplyDelete
  20. janm din ki hardik shubhkamnaye atul ji
    bahut hi umda prastuti hai charcha manch par ....................abhar hamen bhi shamil karne ke liye .

    ReplyDelete
  21. बहुत ही मनभावन पोस्ट झांकियां और एक से बढकर एक पोस्ट लिंक्स । बहुत बहुत शुभकामनाएं

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin