Followers

Thursday, January 19, 2012

( छंदों में आजमाएँ हाथ ) चर्चा मंच - 763

आज की चर्चा में आप सबका हार्दिक स्वागत है 
एक छन्दमय आयोजन चल रहा है ओपन बुक्स ऑनलाइन पर. शुक्रवार इस आयोजन का अंतिम दिन है चित्र देखिए, छंद लिखिए और भाग लीजिए प्रतियोगिता में. 
आज की चर्चा 
गद्य रचनाएं

पद्य रचनाएं 
बाल रचनाएं 


अंत में पढ़िए हिंदी चेतना का जनवरी - मार्च अंक  

22 comments:

  1. आज की चर्चा में गद्य और पद्य का मणिकांचन संयोग बहुत बढ़िया रहा!

    ReplyDelete
  2. दिलबाग जी आभार मेरी रचना को चर्चा मंच पर लेने के लिए ...!!
    बहुत बढ़िया लिंक्स हैं आज ...!!

    ReplyDelete
  3. अच्‍छी चर्चा है। कई लिंक मिल गए, आभार।

    ReplyDelete
  4. सुन्दर और पठनीय सूत्र

    ReplyDelete
  5. Nice .

    अमेरिका और यूरोप में क्या
    होता है औरत के साथ घर से बाहर , कार्यस्थल पर ही , देखिए :
    कार्यस्थल
    पर बेलगाम यौन शोषण


    http://auratkihaqiqat.blogspot.com/2011/03/women-in-society-word-gift-for.html

    न्यूयार्क। कार्यस्थल पर महिला कर्मियों का यौन शोषण रोकने के लिए चाहे
    कितने ही कानून बन जाएं लेकिन इस पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है।
    अमर उजाला 12 अगस्त, 2010

    ReplyDelete
  6. आदरणीय दिलबाग "विर्क" जी , चर्चा मंच पर ओ बी ओ "चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता की चर्चा करने हेतु आभार, इस त्रिदिवसीय प्रतियोगिता का आज दूसरा दिन है कल यानी तीसरे दिन रात्रि १२.०० बजते इस कार्यक्रम का समापन कर दिया जायेगा, तत्पश्चात प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार विजेताओं को क्रमश: रु १००१, ५०१, व् २५१ का नगद पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र ओपन बुक्स ऑनलाइन द्वारा प्रदान किया जायेगा |
    एक बार चर्चा मंच को पुनः आभार |

    ReplyDelete
  7. सुसज्जित चर्चा...पठनीय लिंक्स,आभार!

    ReplyDelete
  8. बहुत बढ़िया लिंक्स से सजी चर्चा प्रस्तुति के लिए आभार!

    ReplyDelete
  9. अंग पीतवसन, बांसुरी कर,

    कंठ माला और मुकुट सर,

    कान्हा को गोद धर,

    बैठकर दुपहिये पर,

    जा रहे वसु-देबकी,

    नन्द-जसोदा के घर !

    छुट्टियां ख़त्म हुई बांसुरी वाल की,

    मिलकर बोलो, जय नन्द लाल की !

    ReplyDelete
  10. बहुत ही अच्‍छे लिंक्‍स का चयन किया है आपने ।

    ReplyDelete
  11. सुन्दर व रोचक चर्चा।

    ReplyDelete
  12. बहुत बढ़िया चर्चा दिलबाग जी ...हार्दिक बधाई ..:)

    ReplyDelete
  13. मेरी पोस्ट की चर्चा करने व ढेर सारे बढ़िया लिंक्स देने के लिए आभार दिलबाग विर्क जी...

    ReplyDelete
  14. bloggers ke liye charchaa manch
    kisi gaanv ke chaupaal se kam nahee hai,
    har din binaa yahaan aaye kaam nahee chaltaa

    ReplyDelete
  15. बहुत अच्छे लिक्स है.. मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार...

    ReplyDelete
  16. bahut achchhe links se saji hai aaj ki charcha .badhai

    ReplyDelete
  17. बढिया चर्चा।
    अच्‍छे लिंक्‍स।

    ReplyDelete
  18. उम्दा सूत्रों का बेहतरीन समायोजन । आभार ।

    ReplyDelete
  19. परीक्षाओं के चलते अन्तर्जाल की दुनिया से कट गया था.. यहाँ वापस आया तो देखा.. बेहतरीन सामग्री पड़ी है.. यात्राओं को विशेष रूप से पढ़ा.. यात्रायें भविष्य दिखाती है.. क्या पता हम भी सफर पे निकल पड़े.. :)

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।