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Saturday, August 26, 2017

"क्रोध को दुश्मन मत बनाओ" (चर्चा अंक 2708)

मित्रों!
शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।
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शायद ही 

Sunehra Ehsaas पर 
Nivedita Dinkar 
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पेपर 

छोटा मनु बहुत परेशान है। उसे पढ़ने का शौक जरा भी नहीं है । पढाई कोई शौक के लिए थोड़ी की जाती है भला ! वह तो जरुरी होती है। यह उसे समझ नहीं आती। उसे तो खीझ हो उठती है, जब घर का हर सदस्य उसे कहता ,'मनु पढ़ ले !' हद तो ये भी है कि घर का पालतू , पिंजरे में बंद तोता भी पुकार उठता है ,'मनु पढ़ ले!' मनु परेशान हुआ सोच रहा है। ये पढाई बहुत ही खराब चीज़ है... 
नयी दुनिया+ पर Upasna Siag  
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दुःख शायद इसी को कहते है 

(स्त्री) __  

गीता पंडित 

तुम्हें जानने के लिए फैला दीं बाहें
 उतार फेंके लाज के वस्त्र 
उतरना चाहा पूरा का पूरा तुम्हारे भीतर 
लेकिन तुम अपनी ही यात्रा में मग्न 
दुहराते जा रहे हो स्वयं को 
मैं ऐसे ही भौचक खड़ी देखती हूँ तुम्हें 
और सोचती हूँ तुम्हारी ही मॉस-मज्जा से बनी मैं 
कैसे हो गई अभूली गाथा... 
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राष्ट्र के नाम 

एक नागरिक का संदेश 

प्यारे देशवासियो, भारत एक महान देश है। भारत एक विशाल देश है। भारत की सुंदरता अतुलनीय है। भारत की महानता का पूरा श्रेय यहां की धरती, प्रकृति और निवासियों को जाता है। सदियों से भारत में ऐसे महान इंसान होते आये हैं जिन्होंने भारत को बड़े दिल का देश बनाया। यहां सब प्रेमपूर्वक रह सकें इस लायक बनाया। ऐसा देश जिसके दिल में सबके लिए बराबर जगह हो... 
हमारी आवाज़ पर शशिभूषण 
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हुंकार 

बाँध दिए गये हैं 
उसके दोनो पैर 
और कहा जा रहा है उसे दौड़ो ,  
तेज़ दौड़ो छू लो मंजिल... 
सरोकार पर Arun Roy 
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अज़ान की दस्तक 

नींद आज फ़िर उचट गयी 
बातों में 
उनकी रात ढल गयी 
जिंदगी के शोर में डूबी... 
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बहक रहें हैं साँझ के पैगाम 
निहारुँ कैसे दरिया में आफ़ताब 
नशे में चूर हैं आसमान 
निखर रहा मेहताब का आब 
छा रहा जैसे यौवन प्रकाश... 
RAAGDEVRAN पर MANOJ KAYAL 
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पुनर्घटित- 

लघुकथा 

ऋता शेखर 'मधु' 
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मौत के सौदागरों को  

कारोबार की आज़ादी ? 

जहर है ,जानलेवा है ,फिर भी उन्हें खुलेआम बेचा जा रहा है ! प्राइवेट टेलीविजन चैनलों में धड़ल्ले से उनके विज्ञापन भी दिखाए जा रहे हैं । राजश्री पान मसाला ,विमल पान पराग और मैकडोनॉल्ड सोडा यानी शराब के विज्ञापन बड़ी बेशर्मी से प्रसारित किए जा रहे हैं ! ऐसे तमाम जहरीले प्रोडक्ट्स पैकेटों में या बोतलों में एकदम छोटे अक्षरों में कथित वैधानिक चेतावनी प्रिंट कर दी जाती है कि इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है । ऐसा लिखकर इनके मुनाफाखोर उत्पादनकर्ता कानूनी पचड़े से बच जाते हैं ,लेकिन सवाल ये है कि जब इन पर यह चेतावनी प्रिंट की गई है कि 
ये वस्तुएं सेहत के लिए नुकसानदायक हो...  
मेरे दिल की बात पर Swarajya karun  
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चीर हरण 

"हैल्लो"  
"गुड मॉर्निंग सर , 
मैं जीवन बीमा कंपनी से श्रेया बोल रही हूँ । 
सर कंपनी ने एक नई पालिसी लॉन्च की है । 
जिसमे टैक्स रिलैक्सेशन के साथ कई बेनिफिट्स और भी है ।  
सर क्या मैं आपका कुछ मिनिट ले सकती हूँ ?  
ताकि मैं आपको डिटेल में उसके फायदे बता सकूँ?"... 
sunita agarwal  

5 comments:

  1. शुभ प्रभात
    आभार
    सादर

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  2. जय गणेश शास्त्री जी ! आज की चर्चा में सार्थक एवं पठनीय सूत्रों का समावेश ! मेरी प्रस्तुति, 'महाप्रबंधक - हमारे गणपति महाराज' को सम्मिलित करने के लिए आपका हृदय से धन्यवाद एवं आभार !

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति
    गणपति बप्पा मोरया !

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  4. अच्छे लिंक संयोजन . मेरी रचना को स्थान देने हेतु हार्दिक आभार ___/\__

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