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Saturday, June 15, 2013

पहेली ! बूझो तो जाने

शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है ……लीजिये हाजिर हैं आपके लिये कुछ चुनिंदा लिंक्स



पहेली !

बूझो तो जाने 


क्या क्या देखा ?


प्रयोग करके देखिये 


जल ही जीवन है 


सब कुछ होगा टचस्क्रीन


तो गुरु हो जा शुरु 


तन का नहीं मन का ……समझे ना 


इसे भी जानिये


जिनके नाम नहीं होते वो ही मुकाम पाते हैं 


ख्याल अच्छा है 


एक पहचान


मेरी,तुम्हारी और हमारी


ये है इक कहानी 


एक दृश्यावलोकन 


कैसे हुआ जानिये


चाटुकारी और चाटुकार


दोनो ने बनाया गज़ब संसार 



हाथ से हमेशा फ़िसलती ही रही


जो चाहे बना लो


एक बार अन्दर की ओर देख रे



उफ़ कैसे कहें 
किया तो मैने है मैला


सपनों की दुनिया के पीछे भागते सपनों का अंत

एक ना एक दिन होता ही है 





महागान हो कोई जैसे 






409. अहिल्या...

कब तर पाती हैं





....तेरे आने से.....

मैं जी जाऊँगी



जानना जरूरी है







ये हुई ना बात



यात्रा जारी है

जारी रहनी चाहिये 




आज के लिये इतने ही लिंक्स ………फिर मिलते हैं आपका दिन शुभ हो 

आगे देखिए..."मयंक का कोना"
(1)
दिशा लेकर चलता है
बस वो एक ही
अकेला होता है
दिशाहीनो का तो
एक मसीहा होता है
मेरे घर में होता है
और ऎसा होता है
कहने को हर कोई
बहुत कुछ कहता है
जो करना ही
नहीं होता है...

उल्लूक टाईम्स पर सुशील

(2)


(3)

हस्ती को उलझाती रही 
बेतरह उलझी रस्सियों को 
मैं सुलझाती रही ....

रचनाकार 

17 comments:

  1. बहुत शानदार चर्चा!
    अभी तो हल्द्वानी में ओबीओ के कार्यक्रम में जा रहा हूँ!

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  2. बहुत ही सुन्दर सूत्र..

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  3. सुन्दर सूत्रों से सजी सुन्दर चर्चा !!

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  4. accche link he ..........meri post ko samil karne ke liye aapka aabhar

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  5. बहुत बहुत आभार वन्दना जी , इस सुन्दर टीका-टिपण्णी वाली चर्चा और उसमे मेरी प्रविष्ठी सम्मिलित करने हेतु !

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  6. बढिया चर्चा
    अच्छे लिंक्स

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  7. बेहद सुन्दर पठनीय सूत्रों से सुसज्जित लाजवाब चर्चा वंदना जी हार्दिक आभार.

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  8. सुंदर चर्चा में दिख रही है चर्चाकार की मेहनत !
    ऊल्लूक टाईम्स का आभार !

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  9. बहुत-बहुत धन्यवाद आपका..
    :-)

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  10. चर्चा मंच पर संगठित सभी पठनीय सामग्री बेहद रोचक हैं चर्चामंच के गुरुओं को सादर प्रणाम !

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  11. सुन्दर पठनीय सूत्रों से सुसज्जित लाजवाब चर्चा वंदना जी, हार्दिक आभार।

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  12. सुन्दर पठनीय सूत्रों से सुसज्जित लाजवाब चर्चा, हार्दिक आभार।

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  13. बढ़ि‍या चर्चा मंच...आज मेरी रचनाएं चर्चामंच और मयंक का कोना दोंनों में शामि‍ल हैं....सुखद लग रहा है...धन्‍यवाद आपका

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  14. बहुत ही बेहतरीन और सुन्दर प्रस्तुती

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  15. आज की चर्चा का तो कोई जवाब ही नहीं.. लाजवाब...

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  16. सुंदर प्रस्तुति , आभार आपका !

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  17. वाह ! इतने सारे लिंक्स और सटीक टिप्पणियों के साथ..बधाई ! आभार !

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