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Saturday, February 07, 2015

सिंहासन खाली करो कि जनता आती है { चर्चा - 1882 }

आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है
आदरणीय शास्त्री जी देहरादून गए हुए हैं इसलिए आज की चर्चा का दायित्व मुझे सौंपा गया है । उनकी यात्रा सुखद रहे इस कामना के साथ  
चलते हैं चर्चा की ओर 
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धन्यवाद 

6 comments:

  1. मेरी अनुपस्थिति में पूरी शिद्दत के साथ चर्चा लगाने के लिए
    आपका आभार आदरणीय दिलबाग विर्क जी।

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  2. सुंदर चर्चा । आभार दिलबाग जी 'उलूक' के सूत्र 'हार जीत' को भी आज की चर्चा में स्थान देने के लिये ।

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  3. बढ़िया लिंक्स

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  4. बहुत अच्‍छा। बढि़या लिंक।

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"राम तुम बन जाओगे" (चर्चा अंक-2821)

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