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Friday, July 28, 2017

"अद्भुत अपना देश" (चर्चा अंक 2680)

मित्रों!
शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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'रजनीगंधा ..' 

"रजनीगंधा का फूल.. 
अब तक महकता है.. 
उस उर्दू-हिंदी डिक्शनरी में.. 
हर बार उठाती हूँ.. 
शेल्फ से जब.. 
उंगलियाँ ख़ुद-ब-ख़ुद.. 
महसूस कर लेतीं हैं.. 
रूह तुम्हारी..  
Priyanka Jain 
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सुंदर पुरुष, 

बहादुर स्त्रियाँ 

धीरे-धीरे मुझे ये यक़ीन हो गया है कि 
दुनिया के सारे सुंदर पुरुष 
खाना पकाने में कुशल होते हैं 
क्यों कि सुंदर वही होता है 
जो भीतर मन से पका हुआ (परिपक्व) हो... 
पथ का राही पर musafir 
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किसी आँच का धुआँ 

ये मेरे साथ चल रहा है 
किसी आँच का धुआँ  
इतनी बदली हुई फ़िज़ाँ है के 
होशो-हवास में नहीं है समां
गीत-ग़ज़ल पर शारदा अरोरा 
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कृपया सोचिएगा जरूर 

रविवार को मैंने MOM मूवी देखी ,मूवी देखते समय काफी रोई मैं ,देख के घर तो आ गयी पर आज दिन तक दिमाग वही घूम रहा है। मैंने तो सिर्फ एक नाट्य रूपांतर देखा है तब ये हाल है , पर जिन बच्चियों और औरतों के साथ ऐसा होता है उनके मन की स्थिती को समझना या बयां करना बहुत मुश्किल है... 
प्यार पर Rewa tibrewal 
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*मुक्त-मुक्तक : 873 -  

कच्ची मिट्टी 

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जंग जहाँ भी है उसे हटाना होगा 

Pratibha Katiyar 
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12 comments:

  1. शुभ प्रभात...
    वाह...
    वजनदार प्रस्तुति
    आभार
    सादर

    ReplyDelete
  2. सुप्रभात,
    दिन की सुन्दर शुरुवात होती है बेहतरीन चर्चा क साथ|

    आभार|

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  3. पिछले दिनों आपने देखा होगा कि दिल्ली सरकार द्वारा ऑपरेशन और महंगे टेस्ट प्राइवेट हॉस्पिटल्स में फ्री कराने जैसे अनेक काम हुए हैं...


    विभिन्न ब्लॉग-पोस्ट को जोड़ने का आपका यह प्रयास बेहतरीन है, मेरी ब्लॉग-पोस्ट भी सम्मिलित करने के लिए साधुवाद!

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  4. बहुत अच्छी चर्चा प्रस्तुति ...

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  5. शुभप्रभात....
    सुंदर संकलन....
    आभार।

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  6. बहुत बढ़िया चर्चा आभार

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  7. वाह ! विविधरंगी प्रभावशाली चर्चा..

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  8. sundar charcha hardik abhar hamen shamil karne hetu

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  9. मेरी रचना को स्थान देने के लिए धन्यवाद् शास्त्री जी...हर हर महादेव

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  10. "अद्भुत अपना देश" पर बहुत ही सुंदर ब्लॉग चर्चा,
    हृदय से आभार...आदरणीय

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