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Sunday, November 07, 2010

रविवासरीय (०७.११.२०१०) चर्चा

नमस्कार मित्रों!

मैं मनोज कुमार एक बार फिर से हाज़िर हूं अपने कुछ चुने हुए पोस्ट के साथ।

आज फिर कुछ लिंक और एक लाइना लेकर आया हूं।

  1. पुस्‍तकायन पर RAJWANT RAJ -- अजीजन मस्तानी -- देश भक्ति के लिए अपने प्राणों की परवाह ना करने वाली एक तवायफ की कहानी।
  2. Sansar पर Dr. Ashok palmist blog--- अश्कोँ को वो अपने छुपाती हैँ ---- पूछते है तो मोती बताती हैँ!
  3. Unmanaa पर Sadhana Vaid प्रस्तुत रहस्य --- आह खोज कैसे पायेंगे, इस रहस्य को पागल प्राण!
  4. संवादघर पर संजय ग्रोवर प्रस्तुत कट्टरपंथी खोपड़ी..... --- नीयत छिपती ही नहीं, कितना बदलो वेश!
  5. भाषा,शिक्षा और रोज़गार पर शिक्षामित्र की सलाह -- प्रमोशन चाहिए तो ऑफिस आएँ बन-ठन कर --- प्रोफेशनल करियर की राह में आपका पहनावा एक्सेलेरेटर!
  6. " अर्श " पर "अर्श" कहते हैं खीचूँ लकीरें जैसी भी बन जाती हैं तस्वीर सी ! --- कैसा है ये लहजा , इसी को कहते हैं क्या आशिकी !!
  7. परिकल्पना पर रवीन्द्र प्रभात की बिटिया की बात “पटाखे फोड़कर क्यूं नोट जलाएं बाबू जी ?” -- मिटटी के दीयों से घर सजाएं बाबू जी ।
  8. नुक्कड़ पर beena का कहना है मेरा आज कुछ खो गया है -- आज मेरी वही प्यारी ब्राऊनी बिना किसी को कुछ बताए ,चुपचाप चिर निद्रा में चली गई।
  9. ज़िन्दगी…एक खामोश सफ़र पर वन्दना कहती हैं अब कैसे मेरे बिन जन्म बिताओगे ? -- वो आखिरी सांस तक साथ जीने   का वादा कैसे अब हर कसम 
    निभाओगे !
  10. न दैन्यं न पलायनम् पर प्रवीण पाण्डेय का प्रश्न और उत्तर --- गर्वोन्नत रहे अपने विवेक और बुद्धि-कौशल पर, अंकजनित चतुराई पर।
  11. आते हुए लोग पर वीनस केशरी की गज़ल - किसको सुनाऊं हाल-ए-दिल, किसको बताऊं बेकली -- रख दो चिलम पर चांद तो, पी लूं ज़रा सी चांदनी
  12. कागज मेरा मीत है, कलम मेरी सहेली...... पर  vandana प्रस्तुत खलिश -- लम्बा सन्नाटा पसार जायेगा ।
  13. लहरें पर Puja Upadhyay की नैना लग्यां बारिशाँ -- .बगल के कमरे वाले लड़के खुश हो जाते थे कि शाम को अब जाने पर चाय मिला करेगी.
  14. anupam yatra....ki suruwat... पर अनुपमा पाठक की प्रस्तुति फिर मने दिवाली...! --- पहले आत्मा प्रकाशित हो अंतर तो सुवासित हो
  15. बुरा भला पर शिवम् मिश्रा की प्रस्तुति अलविदा ! वॉकमैन.... --- लगता है यह गैजेट डिजिटल एज के साथ तालमेल नहीं बैठा सकता।

बस आज इतना ही। अगले हफ़्ते फिर मिलेंगे।

20 comments:

  1. बहुत सुंदर चर्चा प्रस्तुत की आपने.... दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

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  2. मनोज भाई साहब ......इस उम्दा ब्लॉग चर्चा में मेरी पोस्ट को शामिल कर सम्मानित करने के लिए आपका बहुत बहुत आभार !

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  3. छोटी सुंदर चर्चा के लिए बधाई मनोज जी॥

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  4. बहुत विषद चर्चा |बधाई
    दीपावली की शुभ कामनाओं के साथ
    आशा

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  5. सुन्दर अति सुन्दर

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  6. आदरणीय मनोज कुमार जी!
    आपने आज चर्चा मंच को बहुत रोचक ढंग से प्रस्तुत किया है!
    --
    आज आपके चर्चा मंच का सक्रियता क्रमांक 100 है!
    बहुत-बहुत बधाई!

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  7. बहुत ही महत्वपूर्ण चर्चा है।
    आदरणीय मनोज जी की लगन एवं परिश्रम की झलक साफ दिखती हैँ। आपने बहुत ही महत्वपूर्ण लिँक हमेँ सौपे हैँ। आपका हार्दिक आभार।

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  8. achchhi charcha v upyogi links.aabhar!

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  9. सुन्दर चर्चा, कई महत्वपूर्ण लिंक मिल गये।

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  10. मनोज जी ,

    आपकी १०० वीं चर्चा पर आपको बधाई ....बहुत अच्छे लिंक्स का चयन ....आभार

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  11. बेहद खूबसूरत और सार्थक लिंक्स के साथ सुन्दर चर्चा।

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  12. सुंदर चर्चा और बढ़िया लिंक्स के लिए धन्यवाद.
    सादर,
    डोरोथी.

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  13. सुंदर मोहक और अच्छे लिंक्स से सुसज्जित चर्चा.

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  14. manoj ji charcha bahut shandaar rahi.. धन्यवाद .. देर से पहुंची.. पर दुरस्त..

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