Followers

Search This Blog

Thursday, November 18, 2010

"शायद मोहब्बत का भरम टूट जाए..." (चर्चा मंच-342)

14 comments:

  1. अरे शास्त्री जी सोए नहीं क्या!
    सुबह के पोस्ट की भी चर्चा कर डाली।
    आभार आपका, हमारे ब्लॉग को मंच पर स्थान देने के लिए।

    ReplyDelete
  2. सुन्दर और सार्थक चर्चा ...कई नए लिंक्स मिले ..आभार

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर और शालीन चर्चा काफ़ी लिंक्स पर हो आयी………आभार्।

    ReplyDelete
  4. मेहनत से प्रस्तुत की गई चर्चा
    आपको बधाई

    ReplyDelete
  5. बहोत ही सुंदर चर्चा रही ...... आभार

    ReplyDelete
  6. sarthak v sudar charcha ! meri bal kaviya ''sapna '' ko charcha manch me sthan dene ke liye hardik dhanywad ! aabhar .

    ReplyDelete
  7. चलिए आपके दिमाग का कीड़ा शांत हो गया :) बढ़िया चर्चा.

    ReplyDelete
  8. सुन्दर और सार्थक चर्चा ...

    ReplyDelete
  9. sundar charcha shastri ji.. kal pure link me jana nahi huva thaa.... abhaar

    ReplyDelete
  10. अच्छे लिंक्स से सुसज्जित सार्थक चर्चा.

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।