Followers

Monday, April 29, 2013

'सुनती है माँ गुज़ारिश ':चर्चामंच 1229

शुभम दोस्तो ...
मैं सरिता भाटिया 
आज की सोमवारीय चर्चा शुरू करने से पहले कुछ बताना चाहती हूँ
अभी कुछ दिन पहले ही चर्चामंच पर एक मित्रवर की चर्चा का नाम था क्या सचमुच ही बुलावा आता है ?
ऐसा ही कुछ अपने साथ भी हुआ 
हमारी 18 फरवरी की टिकट थी सपरिवार जाने की 'माँ वैष्णो देवी' की पर किसी कारणवश हमें यात्रा रद्द करनी पड़ी और अब जब कोई टिकट नहीं मिल रही थी कल यानि 27 अप्रैल को बैठे तत्काल में करवाने तो मन मैं यही ख्याल आ रहा था कि अगर बुलावा आया होगा तो मिल जाएगी वर्ना जाना रद्द कर देंगे 
और मुझे बताते हुए हर्ष हो रहा है कि हमें टिकट मिल गई और जब तक आप मेरी चर्चा का आनंद ले रहे होंगे मैं जम्मू पहुच जायूंगी इसी विश्वास के साथ कि वाकई 
क्योंकि ग्रीष्म अवकाश का समय हो चला है 
तो चलिए शुरू करते हैं 
यात्रा वृतान्त 
के संग 
ललित डॉट कॉम
ललित शर्मा 
जात देवता का सफ़र 
संदीप पंवार 
काव्य मंजूषा 
स्वपन मन्झुषा
My Photo
देशनामा
खुशदीप सहगल 
रूप -अरूप 
रश्मि शर्मा 
हमारा मिलन 
चेतन रामकिशन देव 
My Photo
जो मेरा मन कहे 
यशवंत माथुर 
राहुल गाँधी युवा आइकॉन नहीं बल्कि वृद्ध आइकॉन 
सच्चाई 
बुरा भला 
शिवम् मिश्रा 
हथेली में तिनका छूटने का अहसास 
विकेश कुमार बडोला 
अकांक्षा 
आशा सक्सेना 
महाभारत 
रचना दीक्षित 
रसात्मिका 
अनुभूति 
स्याही के बूटे 
शिखा गुप्ता 
My Photo
काजल कुमार के कार्टून 
काजल कुमार 
बस यूँ ही 
अमित श्रीवास्तव
आधा सच 
महेन्द्र श्रीवास्तव 
चलते चलते लेते जाइए 
कुछ उपयोगी जानकारी 
internet and pc related tips
हितेश राठी 
My Photo
तू यहाँ यहाँ चलेगा मेरा साया साथ होगा 
ये जिंदगी के मेले 
बी एस पाबला 
नेवीगेटर स्क्रीन का विवरण
गणों का छन्दों में प्रयोग 
उच्चारण 
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री जी 
रूपचन्द्र शास्त्री मयंक's profile photo

आदरणीय शास्त्री जी ने शुक्रवार, 12 अप्रैल 2013 को यह पोस्ट लगाई थी!
और अन्त में लिखा था कि 
समय मिला तो आगामी किसी पोस्ट में 
छन्दों में इनका प्रयोग भी बताऊँगा...!

तो... 
आज इससे आगे 
शास्त्री जी बता रहे हैं...
--
मित्रों! काव्य में छन्दों का बहुत महत्व होता है...

अभी अलविदा न कहो दोस्तो 
 इससे पहले 
एक नगमा तो सुनते जाइए जनाब

अब दीजिए 
अपनी सरिता भाटिया 
को इजाज़त
बढ़ो को सप्रेम नमस्कार 
छोटो को प्यार ...
आगे देखिए..."मयंक का कोना"
(1)
ये ख़लिश दिल से क्यूं नहीं जाती..
My Photo
आदित्य
ये ख़लिश दिल से क्यूं नहीं जाती, रूह आराम क्यूं नहीं पाती, 
है कोई मर्ज़ या कयामत है, दवा कोई दुआ नहीं भाती.. 
(2)
कलि

एक कलि खिली चमन में बन गई थी 
वो फूल बड़ा गर्व हुआ अपने में सबको गई थी...
(3)
एंड्रॉयड मोबाइल पर बीबीसी हिंदी का ऐप मुफ्त में डाउनलोड कीजिये |

(4)                                  
Ignore Health Hazards of Weight -Gain Pills

Ignore Health Hazards of Weight -Gain Pills एक छोर पर नव युवतियां जहां तन्वंगी दिखने के लिए बे -तहाशा वजन घटाने की ताक में रहतीं हैं तो वहीँ कुछ कृशकाय कन्याएं स्थूल और भरा बदन दिखने की कोशिश में पीनस्तनी (सुडौल बड़े स्तन के आकार वाली खाजुराओ सदृश्य )होने के लिए तौल बढाने के लिए अपने अनजाने कुछ भी खाने...
(5)
क्षणिक और आवेगपूर्ण देशभक्ति से क्या हम देश का भला कर पायेंगे !!

शंखनाद पर पूरण खण्डेलवाल 

20 comments:

  1. शुभ प्रभात सरिता जी| गाना बहुत अच्छा है |लिंक्स अभी देखी नहीं |मेरी रचना शामिल करने के लिए आभाए |

    ReplyDelete
  2. आदरणीया सरिता भाटिया जी...!
    (29-04-2013) 'सुनती है माँ गुज़ारिश ':चर्चामंच 1229 में आपने बहुत मेहनत के साथ लिंकों की माला को पिरोया है।
    आपके अनुसार चर्चा शैड्यूल करके आप माता वैष्णोदेवी की यात्रा पर निकल चुकी हैं। माता आपकी मनोकामनएँ पूर्ण करें!
    माँ सरस्वती आपके कंठ और लेखनी में विराजमान हों।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    ReplyDelete
  3. शुभ प्रभात चर्चा मंच...की सूत्रधार सरिता बहन
    और सभी चर्चा कारों को
    सच में मेरी पसंद सभी को मालूम है
    तभी तो....
    जब भी आती हूँ...
    पसंदीदा रचनाएँ पाती हूँ यहाँ

    सादर

    ReplyDelete
  4. विभिन्न विधाओं और विभिन्न विषय की रचनाओं का सुंदर संयोजन और संकलन जैसे दुरूह कार्य संपन्न करने के लिये सरिता जी आप बधाई की पात्र हैं और मैं तहेदिल से इसके लिए और मेंरी रचना को इस सुंदर चर्चा में स्थान देने के लिये शुक्रिया करती हूँ.

    माँ की यात्रा के लिये बहुत बधाइयाँ.

    ReplyDelete
  5. बहुत ही अच्छे लिंक्स।
    आपका आभार !

    ReplyDelete
  6. सरिता जी आपकी यात्रा सुखदायी हो और माँ आपकी हर मनोकामना पूरी करे !
    सुन्दर चर्चा !!
    आभार !!

    ReplyDelete
  7. बहुत ही बेहतरीन लिंक्स। माता आपकी मनोकामनाएँ पूर्ण करें!यात्रा सुखद हो.

    ReplyDelete
  8. बहुत बढ़िया पठनीय लिंक्स,,यात्रा सफल हो माता आपकी मनोकामनएँ पूर्ण करें! !!!

    Recent post: तुम्हारा चेहरा ,

    ReplyDelete
  9. बेहतरीन ..... सभी लिंक लाजवाब .... माता आपकी मनोकामनएँ पूर्ण करें
    आपकी यात्रा सफल हो

    ReplyDelete
  10. बढिया लिंक्स से सजी सधी हुई चर्चा

    आपकी यात्रा मंगलमय हो, मां वैष्णो देवी आपकी मनोकामना पूर्ण करें।
    जय माता दी

    ReplyDelete
    Replies
    1. एक निवेदन.....
      ( आधा सच पर मां डायन तो बेटा भी होगा राक्षस ! के बारे में )



      कुछ मित्रों ने एसएमएस और मेल के जरिए मुझे संदेश भेजा है, उन्हें लेख में शामिल एक तस्वीर पर आपत्ति है। मैं आप सभी की भावनाओं का आदर करता हूं, इस बात के लिए आभार भी व्यक्त करता हूं कि ब्लागर सामाजिक सरोकारों को सबसे ऊपर रखते हैं। कुछ लोगों का मत है कि इस तस्वीर के जरिए मैं "चीप पापुलरिटी" लेने की कोशिश कर रहा हूं। मैं साफ कर दूं कि ये तस्वीर यहां होनी चाहिए या नहीं, ये एक मुद्दा हो सकता है, इस पर बहस हो सकती है। लेकिन मैं साफ कर दूं कि अगर मुझे "चीप पापुलरिटी" लेनी होती तो इस तस्वीर को सबसे ऊपर लगाता, जिससे ये तस्वीर मेरे सभी फालोवर मित्रों के डेशबोर्ड पर चमकती रहती। लेकिन मैने ऐसा नहीं किया, ये तस्वीर सबसे नीचे इसीलिए है कि मैं बताना चाहता हूं कि अमेरिका सुरक्षा को लेकर सख्त है, कई बार विपरीत हालातों में वहां एयरपोर्ट पर मौजूद सभी यात्रियों के पूरे कपड़े इसी तरह उतरवा दिए जाते हैं। ये चित्र सिर्फ एक रेफरेंस के तौर पर है, मुझे नहीं लगता कि किसी को अन्यथा लेने की जरूरत है।

      Delete
  11. बढ़िया सहज बोध गम्य व्याख्या .शुक्रिया हमारी रचना को चर्चा मंच में बिठाने का .

    "गणों के बारे में भी तो जानिए"
    गणों का छन्दों में प्रयोग
    उच्चारण
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री जी

    ReplyDelete
  12. बहुत ही अच्छे लिंक्स।

    ReplyDelete
  13. मेरी पोस्ट को जगह देने के लिए धनयवाद ! एक सोमवार आपके नाम अब तो मेरी कोसिस हमेसा बदती रहेगी
    ताकि मेरी पोस्ट को सोमवार को जगह मिलती रहे !

    ReplyDelete
  14. सुन्दर और रोचक सूत्र

    ReplyDelete
  15. आपका अत्यंत आभर. आपकी यात्रा मंगलमय हो. अच्छे लिनक्स

    ReplyDelete
  16. बहुत सुंदर बधाई

    ReplyDelete
  17. शानदार लिंक्‍स...मेरी रचना को शामि‍ल करने के लि‍ए आपका धन्‍यवाद

    ReplyDelete
  18. सरिता जी, आपके श्रम को प्रणाम करने को जी चाहता है।

    किन्‍तु आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि एक बार फिर नारीवाद का असली और घृणित चेहरा सामने आ गया है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।

    ReplyDelete
  19. सभी मित्रों का तहदिल से आभार मेरी चर्चा को इतने प्यार से पढने के लिए और ढेर सारी मंगलकामनाएँ जो आप सब ने मुझे दी वैष्णो देवी की यात्रा के लिए
    हाजिर हूँ फिर से आप सबके बीच

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

"राम तुम बन जाओगे" (चर्चा अंक-2821)

मित्रों! सोमवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- ...