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Thursday, December 03, 2015

"समय छिछोरा" चर्चा - 2179

आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है 
चलते हैं चर्चा की ओर 

लक्ष्मण का रोष

शंख लिपि 

बालगीत
मेरा फोटो
ये क्या लगा रखी है असहिष्णुता, असहिष्णुता ?

यूँ ही तन्हा तन्हा

बेटियाँ   हमारे  घरों   की  शान
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अंधा बाँटे रेवड़ी, फिर-फिर खुद को देय
My Photo
बिखरी है मेरी कविताएं
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अन्तिम दिन और एक गीत

चाहत पर होना कुर्बान, प्रीत की रीत है 

समय छिछोरा 
मेरा फोटो
जिजीविषा के तीरे

एक जश्न ऐसा भी

हम भी डरते है

मैं अजीब ढंग से देखे जाने के लिए तैयार हूँ

अंडरवाटर होटल

नकली जज़्बात
मेरा फोटो
वक़्त कम है
मेरा फोटो
फिर तिश्नगी किसलिए

तमाशा 
My Photo
मुर्दों में असहिष्णुता नहीं होती 

पत्रकारिता - किस ओर

सामाजिक - राजनीतिक विसंगतियों पर प्रहार करते व्यंग्य     
post-feature-image
तकनीकी ज्ञान 
धन्यवाद 

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