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Saturday, November 12, 2016

"प्रदूषण घटायें-पर्यावरण बचायें" {चर्चा अंक- 2524}

मित्रों 
शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

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दोहे  

"दिन है देवोत्थान का, व्रत-पूजन का खास" 


दिन है देवोत्थान का, व्रत-पूजन का खास।
भोग लगा कर ईश को, तब खोलो उपवास।।
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होते देवउठान से, शुरू सभी शुभ काम।
दुनिया में सबसे बड़ा, नारायण का नाम।।
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मंजिल की हो चाह तो, मिल जाती है राह।
आज रचाओ हर्ष से, तुलसी जी का ब्याह... 
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पग कहाँ धरें 

आने पर ना बस था कोई तब जाने की क्या बात करें 
तू है मेरी कथन यह तेरा है धरा कहाँ पग कहाँ धरें... 
Rajeev Sharma 
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वह राबिता भी क्या न जहाँ दिल्लगी रहे 

क्या लुत्फ़ हो के तू जूँ उफनती नदी रहे, 
डूबूँ मैं तुझमें, साथ मेरी तिश्नगी रहे 
मौला करे लगे न किसी की नज़र कभी 
ज़ीनत-ए-रू-ए-जाना हमेशा बनी रहे... 
चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’
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"मेरे मन की"  

का नया रूप 

११ दिसंबर २००८ को पहली ब्लॉग पोस्ट लगाई थी, 
यानि उस दिन मेरे ब्लॉग का जन्म हुआ था, 
आज ११ नवम्बर २०१६ को 
आठ साल पूरे होने में मात्र एक महीना शेष है। 
मेरा ब्लॉग आने वाले ११ दिसंबर १०१६ को 
आठ साल का हो जाएगा... 
अर्चना चावजी Archana Chaoji 
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गर्माहट 

*सुनो !  
याद है वो कड़क धूप  
तपे थे जिसमें हम दोनों  
रख ली है मैंने संभाल के  
शरद में ओढेंगे  
इस गुनगुने मौसम में  
भर देंगे थोड़ी सी गर्माहट ! 
बावरा मन पर सु-मन 
(Suman Kapoor) 
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भली लगे सबके कानों को, बोलो ऐसी बोली 

११ 
जीवन जीने के कौशल में, 
होती कई परीक्षा 
वो ही अव्वल आ पाते, 
जो पाते नैतिक शिक्षा... 
ऋता शेखर मधु 
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काला मन  

काला धन 

काले मन का कितना काला धन- 
ढ़ो रहे सिर पर सूरज उजाले का 
सजा स्वेत पुष्पों का धवल उपवन 
हो अनाथ करता नाथ से विनती 
मेरी छाया भी कर दो कंचन... 
udaya veer singh 
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मेल 

आज ऐसे ही मैं पुराने मेल चेक कर रही थी उसमे मेरे एक भाई का मेल पढ़ा , वो भाई जिसे मैंने कभी देखा नहीं जिसकी आवाज़ कभी सुनी नहीं , जिससे मेरा खून का रिश्ता भी नहीं , बस इस नेट की दुनिया से रिश्ता जुड़ गया ....... मेरी कविताओं मे उसने मेरी उदासी पढ़ ली थी , उसके मेल मे खुश रहने की प्यार भरी मनुहार थी और एक प्यार भरा पंजाबी गीत.. 
प्यार पर 
Rewa tibrewal 
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मंगल ठाकुर की मैथिली कविताः 

दो 

आबहु आऊ अहां अशेष, 
बड़ सहलहुं अछि आब कलेष, 
मेटल ठोप, बहल दृग अंजन 
नहिं आओल अछि किछु संदेश। 
बीतल दिन बीतल ऋतु चारि 
अंकुर निकसल धरती फारि 
पुलकित सब कुंठित हम छी बाटि 
तकैत गेल फाटि कुहेस... 
Manjit Thakur 
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मोदी - गरीब ठगी योजना प्रारंभ 

मोदी ने अपने मुंह से अपनी पीठ थपथपाते हुए एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए 500 और 1000 रुपये के नोट का  विमुद्रीकरण कर प्रचलन से वापस ले लिया और कहा कि काला धन हम वापस ला रहे हैं. वहीँ, दूसरी तरफ 22 अक्टूबर को मोदी ने वडोदरा में सभा संबोधित करते हुए उद्योगपतियों, काला धन के व्यापारियों को संकेत दे दिया था कि सरकार 500 और 1000 के नोट बंद करने जा रही है और 26 अक्टूबर 2016 को दैनिक जागरण अखबार ने इन नोटों के प्रचालन पर रोक लगाने की बात को प्रकाशित किया था. इसके अतिरिक्त काला धन के व्यापारियों को सरकार इस कदम उठाने की विधिवत सूचना थी और उन लोगों ने पहले से अपने धन को काले से सफ़ेद करने की व्यवस्था कर ली थी. दूसरा तर्क यह भी दिया गया कि फर्जी नोटों का चलन रोकने के लिए यह ज़रूरी था. मोदी जी को यह बात भली भांति मालूम है कि एटीएम ही फर्जी नोटों का प्रचार व प्रसार करते हैं और जब दो हज़ार रुपये के नोट आप जारी कर रहे हो तो आप काला धन इकठ्ठा करने वालों को विशेष सुविधा दे रहे हो. आप की नियत अगर साफ़ होती 
तो आप 2000 और 500 का नोट पुन: नहीं जारी करते... 
Randhir Singh Suman 

7 comments:

  1. सुन्दर शनिवारीय चर्चा । आभार 'उलूक' के सूत्र 'खुद की सोच ही एक वजूका हो जाये' को स्थान देने के लिये ।

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  2. बेहतरीन लिंकों से सजी आज की चर्चामंच!

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  3. आज शनिवार की सुन्दर चर्चा।

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  4. सुन्दर लिंक्स

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  5. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति हेतु आभार

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  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति एवं सार्थक सूत्र ! मेरी रचना को सम्मिलित करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद एवं आभार शास्त्री जी !

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  7. शानदार चर्चा !! विषय भी उम्दा !!

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"रंग जिंदगी के" (चर्चा अंक-2818)

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