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Friday, December 30, 2016

"महफ़ूज़ ज़िंदगी रखना" (चर्चा अंक-2572)

मित्रों 
शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है। 
देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') 

रस्म ए ख़ुदा हाफ़िज़  

कभी कभी शून्यता बहोत क़रीब होता है। 
तमाम झाड़ फ़ानूस क्यूं न हों रौशन - 
दिल का कोना फिर भी बेतरतीब होता है... 
Shantanu Sanyal 
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हज़ार के नोट 

आजकल लोग रिश्तों को भी 
सिक्कों की तरह जमा करते हैं 
और जब जरुरत होती है गुल्लक तोड़ लेते हैं 
संवेदनाएं विमुद्रीकरण में हज़ार के नोट की तरह 
चलन से बाहर हो जाती हैं 
और शेष रह जाता है भग्न शरीर . 
Mera avyakta पर 
राम किशोर उपाध्याय 
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मेरा गाँव 

Lovely life पर 
Sriram Roy 
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तो अब वह घसछुला बेगार वाला याद आता है 

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ 
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अलविदा प्यारे सम्राट 

मिलेगा न तुझसा कोई दोस्त प्यारा  
अकेले पलों का तू ही था सहारा
न होंगी किसीसे अब बातें हमारी
कटेगा न काटे समय अब हमारा... 

Sudhinama 
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रामेश्वर कम्बोज, डॉ . भावना कुंवर और डॉ .  
हरदीप संधू जी द्वारा संपादित 
यादों के पाखी संकलन में शामिल मेरे कुछ हाइकु में से एक 
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कहानी 
कहानी -  
खूंटों से बंधे लोग 

इधर-उधर 
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नाटक चौबीस घंटे का मंचन  

जयपुर। रवींद्र मंच फ्राइडे थियेटर के तहत 30 दिसंबर को शिवाजी फिल्म्स की ओर से नाटक 24 घंटे का मंचन किया जाएगा। रवींद्र मंच के मिनी थिएटर में शाम 6:30 बजे मंचित होने वाले इस नाटक में संतान द्वारा उपेक्षित माता—पिता की पीड़ा को दर्शाया गया है। नाटक के निर्देशक शिवराज गूजर और लेखक संतोष कुमार निर्मल हैं। मुख्य भूमिकाओं में सिकंदर चौहान, अनिल सैनी, ज्योति शर्मा, राशि शर्मा, शिवराज गूजर एवं अनुराग गूजर हैं 
rajasthanicinema 
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ग़ज़ल -  

इक ग़ज़ल मेरी सुनाकर देखिये 

चाँद को, महफ़िल में आकर देखिये । 
इक ग़ज़ल मेरी सुनाकर देखिये ।। 
गर मिटानी हैं जिगर की ख्वाहिशें । 
इस तरह मत छुप छुपाकर देखिये... 
Naveen Mani Tripathi 
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अपने शेरों में ताज़गी रखना..... 

चाँद शेरी 

अपने जीवन में सादगी रखना 
आदमियत की शान भी रखना 
डस न ले आस्तीं के सांप कहीं 
इन से महफ़ूज़ ज़िंदगी रखना... 
yashoda Agrawal 
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9 comments:

  1. सुप्रभात शास्त्री जी ! सुन्दर सूत्र ! सार्थक प्रस्तुति ! आज की चर्चा में मेरे सर्वाधिक प्रिय दुलारे 'सम्राट' को स्थान देने के लिए आपका हार्दिक आभार !

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  2. सुन्दर शुक्रवारीय अंक ।

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  3. mujhe ek bar fir charcha me sthan dene hetu aabhar .charchamanch se jude sabhi sathiyon ko nav varsh kee hardik shubhkamnayen

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  4. लिंक्स का बढ़िया संकलन आज |

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  5. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति में मेरी पोस्ट शामिल करने हेतु आभार

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  6. सुन्दर शुक्रवारीय चर्चा प्रस्तुति|

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  7. shukriya is charcha ke liye. ek behatreen sankalan !

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  8. बहुत सुन्दर चर्चा प्रस्तुति में मेरी पोस्ट शामिल करने हेतु आभार

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