Followers

Thursday, June 09, 2011

ये क्या हो रहा है {चर्चा मंच - 540 }

 आज की चर्चा में आप सबका हार्दिक स्वागत है

चर्चा से पहले दो बातें , जिन्होंने आहत किया . सबसे पहली घटना घटी देश की राजधानी के रामलीला मैदान पर . यहाँ क्या हुआ यह अब देश का बच्चा-बच्चा  जानता है . लोगों के मत अलग-अलग हो सकते हैं  . कुछ का मानना है कि योग ऋषि ने निराश किया . कुछ के हिसाब से वे सही थे , लेकिन एक बात सबको माननी ही पड़ेगी कि सरकार का सोये हुए लोगों पर धावा बोलना अनुचित था .आखिर ये कैसा लोकतंत्र है ,जिसमे शांतिमय विरोध भी आप नहीं कर सकते .
                  दूसरी बात ब्लॉग जगत से सम्बन्धित है , चर्चा मंच पर ही आदरणीय डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री " मयंक " जी ने इसे आपातकालीन  चर्चा द्वारा  उदघाटित किया . यह घटना है रचना को बिना इजाजत अपने ब्लॉग पर लगाने की . उनसे हुए वार्तालाप में उन्होंने बताया कि रचना चोरी की घटना एक साल पहले भी वे पकड़ चके हैं . यह जानकर बेहद दुःख हुआ . मुझे ब्लोगिंग से जुड़े ज्यादा अरसा नहीं हुआ , इससे पहले ब्लोगरों को लड़ते देख चुका हूँ , इन बातों को देख कर पढ़े-लिखे लोगों की नैतिकता पर प्रश्न चिह्न तो लगता ही है .

           अब चलते हैं चर्चा की और 

 सबसे पहले बात करते हैं गद्य रचनाओं की 

 अब बारी है पद्य रचनाओं की 
                          हो सकता है इस चर्चा में कुछ आलेख और कविताएँ पढकर आप गम्भीर हो गएं हों ,तो चलते-चलते पढ़िए डॉ जोगा सिंह को ,शायद दिल थोडा बहल जाए .
                 आज के लिए बस इतना ही , 
                                                   धन्यवाद 
                                                  दिलबाग विर्क 
                                                           

23 comments:

  1. बहुत सटीक चर्चा बहुत बहुत बधाई |मेरी रचना को चर्चा मंच में शामिल करने के लिए आभार |
    आशा

    ReplyDelete
  2. बहुत बढ़िया चर्चा!
    आज तो सारी अद्यतन पोस्टों को लिया है आपने!

    ReplyDelete
  3. बढ़िया चर्चा

    ReplyDelete
  4. सुनदर चर्चा आपने गद्य और पद्य को विभाजित करके अच्छा प्रयोग किया है जिससे अपनी चाहत के साहित्य को पढने में आसानी होगी। अभी तक निर्मला जी और वर्षा जी की गज़लों को पढा , ख़ूबसूरत लगे उन्हें मेरी बधाई।

    ReplyDelete
  5. अच्छी चर्चा सुंदर ,ज्ञानवर्धक लिनक्स
    आभार.

    ReplyDelete
  6. bhut hi acchi aur sarthak charcha... dhanyawaad...

    ReplyDelete
  7. बहुत अच्छी चर्चा और लिंक्स!!

    ReplyDelete
  8. बहुत अच्छी चर्चा .....आभार

    ReplyDelete
  9. अच्छे लिंक्स को समेटे अच्छी चर्चा

    ReplyDelete
  10. बहुत सुन्दर व सटीक लिंक संजोये हैं……………शानदार चर्चा।

    ReplyDelete
  11. bahut sundar v sarthak blogs kee charcha ki hai aaj dilbagh ji.mere blog neta ji kya kahte hain ko yahan sthan dene ke liye aabhar.

    ReplyDelete
  12. dil bag bag ho gaya jab charcha manch par apne blog v khushboo ji ke aalekh ko dekha .bahut sarthak v sundar links liye hain aaj.aap to bahut jald hi mahir ho gaye hain charcha prastut karne me.aabhar..

    ReplyDelete
  13. सुन्दर और सटीक चर्चा सजाई है
    आभार.

    ReplyDelete
  14. बहुत सुंदर और सुव्यव्स्थित चर्चा....आशा जी के लिंक पर ही श्यामल जी की कविता का लिंक खुल रहा है..देख ले।

    ReplyDelete
  15. सुंदर और सटीक चर्चा

    समस्या पूर्ति मंच द्वारा आयोजित घनाक्षरी छन्द वाली समस्या पूर्ति की पोस्ट को स्थान देने के लिए बहुत बहुत आभार

    ReplyDelete
  16. टिप्पणियों द्वारा उत्साहवर्द्धन करने वाले सभी साथियों का धन्यवाद
    वैसे इस चर्चा में कुछ लिंक काम नहीं कर रहे है , इसके लिए मैं सबसे माफ़ी चाहूँगा
    दरअसल आज चर्चा को चैक नहीं कर पाया
    सत्यम शिवम का विशेष रूप से आभारी हूँ जिन्होंने इस तरफ ध्यान दिलाया
    जितना सुधार संभव हुआ उतना अभी करने की कोशिश करूंगा

    ReplyDelete
  17. बहुत सटीक चर्चा बहुत बहुत बधाई. मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए धन्यबाद.

    ReplyDelete
  18. मेरी पोस्ट को शामिल कर उत्साहवर्धन करने के लिए धन्यवाद .

    ReplyDelete
  19. " behad hi rasprad charcha ..kahi aise link mile yahan jahan jakar bahut kuch janne ko mila ..khaskar aapka sukriya sir aapne jis tarha alag alaga vibhag me characha ko sanjoya hai vo kaafi kabile tarif hai "

    sukriya sir

    ReplyDelete
  20. सलीके से सजे लिंक्स. अच्छी चर्चा. मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए आभार.
    --देवेंद्र गौतम

    ReplyDelete
  21. mere post ko sthan dene ke liye shukriya

    ReplyDelete
  22. दिलबाग विर्क जी,
    आपका चर्चा-संयोजन कमाल का है.सभी लिंक्स दिलचस्प हैं.

    मेरी ग़ज़ल को चर्चा मंच में शामिल करने के लिए हार्दिक आभार...

    ReplyDelete

"चर्चामंच - हिंदी चिट्ठों का सूत्रधार" पर

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथा सम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

"स्मृति उपवन का अभिमत" (चर्चा अंक-2814)

मित्रों! सोमवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- ...